
#भरनो #गुमला #सड़क_दुर्घटना : जुरा गांव में एनएच 23 पर दुर्लभ हिरण मृत मिला।
गुमला जिले के भरनो थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच 23 पर जुरा गांव में गुरुवार सुबह एक जंगली हिरण मृत पाया गया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पशु चिकित्सालय सिसई में पोस्टमार्टम के बाद विधिवत दफन किया गया। मामले में अज्ञात वाहन के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
- एनएच 23 जुरा गांव में सुबह मृत मिला जंगली हिरण।
- सूचना पर पहुंचे समाजसेवी पवन भगत, पुलिस व वन विभाग सक्रिय।
- प्रभारी वनपाल राकेश मिश्रा ने शव कब्जे में लिया।
- सिसई पशु चिकित्सालय में डॉ. अभिनव कुमार ने किया पोस्टमार्टम।
- अज्ञात वाहन पर केस दर्ज कर अनुसंधान की तैयारी।
गुमला जिले के भरनो थाना क्षेत्र के रांची-गुमला मुख्य मार्ग एनएच 23 स्थित जुरा गांव में गुरुवार की अहले सुबह एक जंगली हिरण की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो सड़क पर हिरण को मृत अवस्था में देखा। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय समाजसेवी पवन भगत मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए भरनो थाना को सूचना दी। इसके साथ ही वन विभाग गुमला को भी मामले की जानकारी दी गई, जिसके बाद विभागीय टीम सक्रिय हो गई।
वन विभाग ने संभाली कमान
सूचना मिलने पर प्रभारी वनपाल राकेश मिश्रा अपनी टीम के साथ जुरा गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृत हिरण के शव को अपने कब्जे में लिया। प्रारंभिक जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय सिसई भेजा गया।
पशु चिकित्सक डॉ. अभिनव कुमार द्वारा हिरण का पोस्टमार्टम किया गया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को पुनः वन विभाग को सौंप दिया गया। वन विभाग की ओर से हिरण को विधिवत दफनाया गया।
प्रभारी वनपाल राकेश मिश्रा ने कहा:
“प्रथम दृष्टया मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है। अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे अनुसंधान कर कार्रवाई की जाएगी।”
ग्रामीणों के कयास और वन्यजीव सुरक्षा पर सवाल
ग्रामीणों के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि हिरण किसी कुत्ते के हमले से बचने के लिए भाग रहा था और इसी क्रम में सड़क पार करते समय किसी वाहन की चपेट में आ गया। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
यह घटना एक बार फिर मुख्य सड़कों से सटे वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है। एनएच 23 पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही आम बात है। ऐसे में जंगली जानवरों के सड़क पार करने के दौरान हादसे की आशंका बनी रहती है।
एनएच 23 पर पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी मवेशियों और जंगली जानवरों के साथ दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। वन क्षेत्र से सटे इलाकों में चेतावनी बोर्ड, स्पीड कंट्रोल और नियमित निगरानी की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
वन्यजीव संरक्षण के लिए जिम्मेदार विभागों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई जा रही है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। विशेषकर उन स्थानों की पहचान कर सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकते हैं, जहां से वन्यजीव अक्सर सड़क पार करते हैं।
न्यूज़ देखो: सड़क और जंगल के बीच बढ़ता टकराव
जुरा गांव की यह घटना विकास और वन्यजीवन के बीच संतुलन की चुनौती को सामने लाती है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा के ठोस उपाय जरूरी हैं। क्या ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में स्पीड मॉनिटरिंग और चेतावनी संकेत बढ़ाए जाएंगे? क्या वन्यजीव कॉरिडोर की पहचान होगी? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
वन्यजीवों की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी
जंगल केवल जानवरों का घर नहीं, हमारी पर्यावरणीय सुरक्षा की ढाल भी हैं। यदि सड़कों पर सावधानी बरती जाए तो कई मासूम जानें बचाई जा सकती हैं।
तेज रफ्तार से पहले एक पल सोचें। अपने आसपास वन क्षेत्र हो तो सतर्क ड्राइविंग अपनाएं। इस खबर को साझा करें, जागरूकता बढ़ाएं और वन्यजीव संरक्षण के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएं।







