
#बानो #जंगलीहाथीउत्पात : रनिया से आए हाथी ने बींजामार्चा और हेलगढ़ा गांवों में मचाया आतंक।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार रात एक जंगली हाथी के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। रनिया प्रखंड की ओर से आए हाथी ने बींजामार्चा और हेलगढ़ा गांव में तीन घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया तथा घरों में रखा अनाज खा गया और बर्बाद कर दिया। हाथी के अचानक गांव पहुंचने से लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिसमें एक ग्रामीण घायल हो गया। वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करते हुए मुआवजा प्रक्रिया शुरू की है।
- बानो प्रखंड के बींजामार्चा और हेलगढ़ा गांव में जंगली हाथी ने तीन घरों को क्षतिग्रस्त किया।
- फिलमोन तोपनो, केशमती देवी और अणिमा डांग के घर की दीवारें तोड़कर अनाज खाया।
- गुरुवार रात करीब 9 बजे बींजामार्चा और रात 2 बजे हेलगढ़ा गांव पहुंचा हाथी।
- हाथी के डर से भागते समय संजय सिंह घायल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बानो में उपचार।
- वनकर्मी मनीष डुंगडुंग और सुरेश टेटे ने गांव पहुंचकर नुकसान का आकलन किया।
- पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिलाने के लिए वन विभाग ने कागजात तैयार किए।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथी के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है। गुरुवार की रात एक हाथी रनिया प्रखंड की ओर से बानो क्षेत्र में पहुंच गया और अलग-अलग गांवों में तीन घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथी ने घरों की दीवारें तोड़कर अंदर रखा अनाज खा लिया तथा कई सामानों को नुकसान पहुंचाया। अचानक हुई इस घटना से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग रातभर सतर्क रहे। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन किया।
बींजामार्चा गांव में रात 9 बजे पहुंचा हाथी
ग्रामीणों के अनुसार गुरुवार रात लगभग 9 बजे जंगली हाथी बींजामार्चा गांव पहुंचा। हाथी के गांव में प्रवेश करते ही लोगों में घबराहट फैल गई। हाथी ने सबसे पहले फिलमोन तोपनो के घर को निशाना बनाया। उसने घर की दीवार को तोड़ दिया और अंदर रखा अनाज खाने लगा।
इसके बाद हाथी ने पास ही स्थित केशमती देवी के घर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। दीवार तोड़कर घर में रखा अनाज खा लिया और कुछ अनाज को बर्बाद कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार हाथी काफी देर तक गांव के आसपास घूमता रहा, जिससे लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर पाए।
ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथी को खदेड़ा
हाथी के उत्पात से परेशान ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाकर शोर मचाना शुरू किया। कई लोगों ने ढोल, टीन और पटाखों की आवाज से हाथी को भगाने का प्रयास किया। काफी देर तक प्रयास करने के बाद ग्रामीण हाथी को गांव से बाहर निकालने में सफल रहे।
हालांकि हाथी गांव से निकलकर पास के हेलगढ़ा गांव की ओर बढ़ गया, जिससे वहां भी लोगों में भय का माहौल बन गया।
हेलगढ़ा गांव में भी किया भारी नुकसान
ग्रामीणों के अनुसार हाथी रात करीब 2 बजे हेलगढ़ा गांव पहुंचा। यहां उसने अणिमा डांग के घर को क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथी ने घर की दीवार तोड़ दी और अंदर रखा अनाज खा गया। कई सामान भी नुकसान की चपेट में आ गए।
ग्रामीणों ने बताया कि हाथी ने घर के आसपास काफी देर तक उत्पात मचाया। इस दौरान लोग अपने परिवार के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।
हाथी के डर से भागते समय एक ग्रामीण घायल
घटना के दौरान हाथी के अचानक गांव में आ जाने से लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान संजय सिंह नामक ग्रामीण गिरकर घायल हो गए। ग्रामीणों ने उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बानो पहुंचाया, जहां उनका इलाज किया गया।
डॉक्टरों के अनुसार उपचार के बाद उनकी स्थिति अब पहले से बेहतर बताई जा रही है। घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
वन विभाग ने किया नुकसान का आकलन
घटना की जानकारी मिलने के बाद बानो वन विभाग के वनकर्मी मनीष डुंगडुंग और सुरेश टेटे प्रभावित गांवों में पहुंचे। उन्होंने तीनों क्षतिग्रस्त घरों का निरीक्षण किया और नुकसान का आकलन किया।
वन विभाग की टीम ने पीड़ित परिवारों से बातचीत कर मुआवजा दिलाने के लिए आवश्यक कागजात तैयार किए।
वनकर्मी मनीष डुंगडुंग ने कहा: “घटना की जानकारी मिलने के बाद टीम गांव पहुंची और प्रभावित घरों का निरीक्षण किया गया है। नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रक्रिया के लिए कागजात तैयार किए जा रहे हैं।”
ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षा की मांग
लगातार जंगलों से निकलकर गांवों में हाथियों के आने की घटनाओं से ग्रामीणों में डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि रात में अचानक हाथियों के आने से जान-माल का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए और गांवों के आसपास सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
न्यूज़ देखो: जंगल और गांव के बीच बढ़ता टकराव
बानो क्षेत्र की यह घटना केवल एक गांव की समस्या नहीं बल्कि जंगल और मानव बस्तियों के बीच बढ़ते टकराव की गंभीर तस्वीर भी सामने लाती है। जंगलों में भोजन की कमी और रास्तों के बदलते स्वरूप के कारण जंगली हाथी अक्सर गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में वन विभाग की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वह निगरानी, जागरूकता और त्वरित राहत व्यवस्था को मजबूत करे। यह भी जरूरी है कि प्रभावित परिवारों को समय पर मुआवजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस योजना बने। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सजग गांव ही सुरक्षित गांव
जंगली जानवरों के साथ सहअस्तित्व आज के समय की बड़ी चुनौती बनती जा रही है। गांवों में जागरूकता, सतर्कता और सामूहिक सहयोग से ही ऐसी घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकता है। यदि ग्रामीण समय रहते सूचना दें और प्रशासन सक्रिय रहे तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।






