
#गुमला #स्वास्थ्य_शिविर : वार्ड नंबर 05 खड़िया पारा गौस नगर में निःशुल्क जांच व दवा वितरण से ग्रामीणों को सीधा लाभ।
गुमला जिला मुख्यालय के खड़िया पारा गौस नगर वार्ड नंबर 05 में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर संगठित कामगार सह जिला बीस सूत्री सदस्य मुख्तार आलम के विशेष सहयोग से संभव हो सका। शिविर में सैकड़ों ग्रामीणों ने पहुंचकर जांच, परामर्श और निःशुल्क दवाइयों का लाभ उठाया। सदर अस्पताल की मेडिकल टीम ने बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को प्राथमिकता देते हुए सेवाएं प्रदान कीं।
- खड़िया पारा गौस नगर, वार्ड नंबर 05 में हुआ निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर।
- सैकड़ों ग्रामीणों ने कराई स्वास्थ्य जांच और परामर्श लिया।
- गुमला सदर अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों की रही अहम भूमिका।
- ब्लड प्रेशर, शुगर, बुखार समेत कई रोगों की जांच।
- आयोजन में मुख्तार आलम और कांग्रेस टीम का विशेष सहयोग।
गुमला जिले के खड़िया पारा गौस नगर में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर ने स्थानीय ग्रामीणों को बड़ी राहत दी है। वार्ड नंबर 05 में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही पहुंचने लगे थे। शिविर का उद्देश्य उन लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था, जो संसाधनों और दूरी के कारण अस्पताल नहीं जा पाते हैं।
अनुभवी मेडिकल टीम ने दी सेवाएं
इस स्वास्थ्य जांच शिविर में गुमला सदर अस्पताल के अनुभवी डॉक्टरों और नर्सों की एक समर्पित टीम ने अपनी सेवाएं दीं। टीम द्वारा ग्रामीणों की गहन जांच की गई और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया। मरीजों को जरूरत के अनुसार दवाइयां भी पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिल सकी।
मेडिकल टीम ने मुख्य रूप से ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच, बुखार एवं सामान्य मौसमी बीमारियों का उपचार, साथ ही जटिल रोगों का प्रारंभिक निदान कर उचित सलाह दी।
ग्रामीणों की मांग पर हुआ आयोजन
इस शिविर का आयोजन संगठित कामगार सह जिला बीस सूत्री सदस्य मुख्तार आलम और उनकी टीम के विशेष सहयोग से संभव हो पाया। दरअसल, क्षेत्र के ग्रामीणों ने लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव को लेकर शिविर लगाने की मांग की थी। इस मांग को गंभीरता से लेते हुए आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई।
इस अवसर पर मुख्तार आलम ने कहा:
मुख्तार आलम ने कहा: “हमारा मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।”
बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को मिली प्राथमिकता
शिविर में बड़ी संख्या में बुजुर्ग और दिव्यांगजन भी पहुंचे। उनकी शारीरिक स्थिति और कठिनाइयों को देखते हुए मेडिकल टीम ने उन्हें विशेष प्राथमिकता दी। डॉक्टरों ने उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और आवश्यक जांच कर तुरंत परामर्श दिया, जिससे बुजुर्गों में खासा संतोष देखने को मिला।
स्थानीय लोगों ने की पहल की सराहना
स्थानीय निवासियों ने इस स्वास्थ्य शिविर की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि जो ग्रामीण आर्थिक या शारीरिक कारणों से अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते, उनके लिए यह शिविर किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने आयोजकों से भविष्य में भी ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।
कांग्रेस टीम की सक्रिय भागीदारी
इस आयोजन को सफल बनाने में कांग्रेस पार्टी की टीम की भी अहम भूमिका रही। मौके पर बबलू अंसारी, प्रदीप लकड़ा, इनायत शाह, शहजाद आलम, गुलशेर कुरैशी, कंबला देवी, सबीना खातून, पिंकी कुमारी, बेबी खातून सहित अन्य सदस्य सक्रिय रूप से मौजूद रहे और व्यवस्थाओं में सहयोग किया।
न्यूज़ देखो: स्वास्थ्य तक पहुंच, सामाजिक जिम्मेदारी की पहचान
यह स्वास्थ्य शिविर दिखाता है कि जब सामाजिक प्रतिनिधि और संगठन जमीनी जरूरतों को समझते हैं, तो बदलाव संभव होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आज भी बड़ी चुनौती है और ऐसे शिविर उस कमी को काफी हद तक पूरा करते हैं। प्रशासन और सामाजिक संगठनों को मिलकर इस तरह के प्रयासों को और विस्तार देना चाहिए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ समाज की ओर एक सशक्त कदम
स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है और इसकी पहुंच हर नागरिक तक होना आवश्यक है। ऐसे निःशुल्क शिविर न केवल बीमारियों की पहचान करते हैं, बल्कि जागरूकता भी बढ़ाते हैं।
यदि आपके क्षेत्र में भी स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत है, तो आवाज उठाएं और सकारात्मक पहल का समर्थन करें।
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