
#लावालौंग #चतरा #सड़क_हादसा : तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में महिला की मौत—ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन।
चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र की एक महिला की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद बगरा चौक पर ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। मृतका आशवा देवी अपनी बेटी के घर से लौट रही थीं, तभी ट्रक की चपेट में आ गईं। घटना के बाद परिजनों में शोक और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने का प्रयास किया और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
- आशवा देवी (पत्नी जितन साव) की सड़क हादसे में मौत।
- घटना बगरा चौक, सिमरिया थाना क्षेत्र में हुई।
- तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से मौके पर मौत।
- आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
- मुआवजा और दोषी चालक की गिरफ्तारी की मांग।
चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पोटम गांव के टोला काशीमहुवा निवासी आशवा देवी की गुरुवार को ट्रक की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना सिमरिया थाना क्षेत्र के बगरा चौक के समीप हुई, जहां तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
इस हादसे के बाद न केवल मृतका के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई, बल्कि ग्रामीणों में भी भारी आक्रोश देखने को मिला। घटना के विरोध में लोगों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
कैसे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार आशवा देवी अपनी पुत्री के घर से वापस लौट रही थीं। इसी दौरान जब वह बगरा चौक के पास पहुंचीं, तब एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतका आशवा देवी अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनके छह बच्चे हैं, जिनमें तीन पुत्र और तीन पुत्रियां शामिल हैं। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम का माहौल छाया हुआ है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने बगरा चौक पर सड़क जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
ग्रामीणों की मांग थी कि मृतका के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए और दोषी ट्रक चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
आवागमन पूरी तरह बाधित
सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलने पर सिमरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने-बुझाने की कोशिश की और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा: “मामले की जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक सड़क जाम जारी था और ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए थे।
बढ़ते सड़क हादसों पर चिंता
यह घटना एक बार फिर क्षेत्र में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण आए दिन ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें निर्दोष लोगों की जान जा रही है।
न्यूज़ देखो: सड़क सुरक्षा पर कब लगेगी लगाम
लावालौंग में हुई यह घटना प्रशासन और समाज दोनों के लिए चेतावनी है। लगातार हो रहे सड़क हादसे यह दिखाते हैं कि यातायात नियमों का पालन नहीं हो रहा है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं आगे भी होती रहेंगी। क्या प्रशासन इस दिशा में ठोस कार्रवाई करेगा और लोगों को सुरक्षित सड़क का अधिकार दिला पाएगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सावधानी ही जीवन की रक्षा
सड़क पर हर कदम सोच-समझकर उठाना जरूरी है।
एक छोटी सी लापरवाही किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है।
वाहन चलाते समय नियमों का पालन करें और दूसरों को भी जागरूक करें।
सुरक्षित सड़कें ही सुरक्षित समाज की पहचान होती हैं।
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