#सिमडेगा #युवासशक्तिकरण : युवा संगम में संवाद, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी पर हुआ मंथन।
अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा सिमडेगा में 12 और 13 जून 2026 को दो दिवसीय युवा संगम 2026 का आयोजन किया गया। होटल रॉयल पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए करीब 105 युवाओं ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को सीखने, संवाद और रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, नेतृत्व और समुदाय के प्रति जिम्मेदारी पर विशेष चर्चा हुई।
- अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा होटल रॉयल पैलेस सिमडेगा में युवा संगम 2026 आयोजित किया गया।
- 12 और 13 जून 2026 को आयोजित कार्यक्रम में करीब 105 युवाओं ने भाग लिया।
- युवाओं ने थिएटर, आर्ट एंड क्राफ्ट, लघु फिल्म और रील निर्माण जैसी गतिविधियों में हिस्सा लिया।
- मनोज कोनबेगी और मीरा देवी जैसे प्रेरणादायक व्यक्तित्वों ने युवाओं से संवाद किया।
- कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, नेतृत्व और नागरिक जिम्मेदारी पर चर्चा हुई।
अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा सिमडेगा के होटल रॉयल पैलेस में आयोजित दो दिवसीय युवा संगम 2026 सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 12 एवं 13 जून 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए करीब 105 युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को ऐसा मंच उपलब्ध कराना था, जहां वे अपने अनुभव साझा कर सकें, नई चीजें सीख सकें और समाज एवं समुदाय के प्रति अपनी भूमिका को समझ सकें।
स्वागत सत्र से शुरू हुआ युवाओं का प्रेरणादायक सफर
युवा संगम 2026 का शुभारंभ स्वागत सत्र, चेतना गीत और आइस-ब्रेकिंग गतिविधियों के साथ हुआ। गीत-संगीत, परिचयात्मक खेलों और सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों के बीच सहज संवाद और आपसी जुड़ाव का माहौल तैयार किया गया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में युवाओं को दो दिवसीय आयोजन की पूरी रूपरेखा से अवगत कराया गया। साथ ही अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, विश्वविद्यालय और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी दी गई।
रचनात्मक गतिविधियों में युवाओं ने दिखाई प्रतिभा
दोनों दिनों तक चले कार्यक्रम में युवाओं ने कई मनोरंजक, रचनात्मक और सीखने आधारित गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। आर्ट एंड क्राफ्ट, थिएटर प्रैक्टिस, लघु फिल्म और रील निर्माण जैसे सत्र युवाओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
थिएटर सत्र के दौरान युवाओं को अलग-अलग समूहों में बांटा गया और उन्हें सामाजिक मुद्दों पर नाटक तैयार करने का अवसर दिया गया। प्रतिभागियों ने सामाजिक भेदभाव, बाल विवाह, मानव तस्करी, शिक्षा में असमानता, लैंगिक भेदभाव और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं।
इन प्रस्तुतियों में युवाओं की सामाजिक समझ, संवेदनशीलता, रचनात्मक सोच और अभिव्यक्ति क्षमता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। कला एवं शिल्प गतिविधियों के माध्यम से युवाओं ने चित्र, पोस्टर, हस्तशिल्प और अन्य कलात्मक माध्यमों से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रस्तुत किया।
मनोज कोनबेगी ने युवाओं को खेल और अनुशासन का दिया संदेश
कार्यक्रम के पहले दिन का प्रमुख आकर्षण झारखंड हॉकी महासंघ के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ हॉकी प्रशिक्षक मनोज कोनबेगी के साथ संवाद सत्र रहा।
उन्होंने युवाओं के साथ अपने खेल जीवन, संघर्षों, उपलब्धियों और हॉकी क्षेत्र के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने शिक्षा, खेल, अनुशासन और निरंतर प्रयास के महत्व पर जोर देते हुए युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया।
संवाद के दौरान प्रतिभागियों ने उनसे कई सवाल पूछे और उनके अनुभवों से महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की।
अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के पूर्व विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के पूर्व विद्यार्थियों ने भी युवाओं के साथ संवाद किया। उन्होंने सिमडेगा से विश्वविद्यालय तक की अपनी शैक्षणिक यात्रा, उच्च शिक्षा के अवसर, छात्रवृत्ति, करियर निर्माण और नेतृत्व विकास से जुड़े अनुभव साझा किए।
इस संवाद सत्र ने युवाओं को भविष्य की संभावनाओं को समझने और अपने लक्ष्यों को लेकर आत्मविश्वास विकसित करने में मदद की।
मीरा देवी ने बताया बांस शिल्प से आत्मनिर्भरता का सफर
दूसरे दिन आयोजित “इनसे मिलिए” सत्र में प्रसिद्ध बांस शिल्प विशेषज्ञ मीरा देवी ने युवाओं से बातचीत की। उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए देश के प्रधानमंत्री द्वारा भी सराहना की जा चुकी है और उनके कार्यों का उल्लेख “मन की बात” कार्यक्रम में किया गया था।
मीरा देवी ने युवाओं को बांस शिल्प के विभिन्न पहलुओं, अपने जीवन संघर्षों और आत्मनिर्भरता की यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि स्थानीय संसाधनों के माध्यम से भी रोजगार, पहचान और आत्मनिर्भरता के अवसर तैयार किए जा सकते हैं। उनके अनुभवों ने युवाओं को नई सोच और प्रेरणा प्रदान की।
जीवन मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी पर हुआ मंथन
कार्यक्रम के दौरान आयोजित विभिन्न प्रेरणादायक सत्रों में युवाओं को जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने, संबंधों पर चिंतन करने और जीवन मूल्यों को समझने का अवसर मिला।
चेतना गीत, समूह चर्चा, अनुभव साझा करने के सत्र और सामूहिक गतिविधियों में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंतिम चरण में युवाओं ने गीत, नृत्य, कविता पाठ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई।
जगमोहन ने युवाओं को नागरिक जिम्मेदारी का कराया बोध
समापन अवसर पर उत्तराखंड से आए अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रतिनिधि जगमोहन ने युवाओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने समाज के प्रति युवाओं की जिम्मेदारियों, नागरिक दायित्वों और “गिविंग बैक टू सोसाइटी” की भावना पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि युवा अपने समुदाय और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
प्रतिभागियों ने साझा किए अनुभव
समापन सत्र में युवाओं ने दो दिनों के दौरान मिली सीख और अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों ने बताया कि युवा संगम ने उन्हें नए लोगों से जुड़ने, आत्मविश्वास बढ़ाने, सामाजिक मुद्दों को समझने और अपनी क्षमताओं को पहचानने का अवसर दिया।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने उन्हें समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
न्यूज़ देखो: युवाओं को जोड़कर सामाजिक बदलाव की मजबूत पहल
सिमडेगा में आयोजित युवा संगम 2026 यह दिखाता है कि युवाओं को सही मंच और अवसर मिलने पर वे सामाजिक बदलाव के महत्वपूर्ण वाहक बन सकते हैं। अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन ने संवाद, रचनात्मक गतिविधियों और प्रेरक व्यक्तित्वों के माध्यम से युवाओं को नई दिशा देने का प्रयास किया। सामाजिक मुद्दों पर युवाओं की प्रस्तुतियां उनकी बढ़ती संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को दर्शाती हैं। अब जरूरी है कि ऐसे आयोजनों से मिली सीख को युवा अपने समुदायों में सकारात्मक कार्यों के रूप में आगे बढ़ाएं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
युवाओं की ऊर्जा से बदलेगा समाज का भविष्य
युवा शक्ति किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होती है। जब युवाओं को सीखने, सोचने और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है, तो वे सकारात्मक परिवर्तन की नई राह तैयार करते हैं।
सामाजिक जिम्मेदारी, शिक्षा और रचनात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने वाले युवा अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं। ऐसे प्रयासों में भागीदारी बढ़ाना समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए जरूरी है।
आप भी अपने आसपास युवाओं से जुड़े सकारात्मक प्रयासों को प्रोत्साहित करें। इस खबर को दोस्तों और साथियों तक पहुंचाएं, अपनी राय कमेंट में साझा करें और जागरूकता की इस पहल को आगे बढ़ाने में योगदान दें।

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