देवनद नदी में डूबने से 12 वर्षीय मासूम की मौत, छुट्टियां बिताने ननिहाल आया था प्रिंस

देवनद नदी में डूबने से 12 वर्षीय मासूम की मौत, छुट्टियां बिताने ननिहाल आया था प्रिंस

author Ravikant Kumar Thakur
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#चंदवा #नदी_हादसा : दोस्तों संग नहाने गया मासूम गहरे पानी में डूबने से मौत।

चंदवा थाना क्षेत्र के जमीरा पंचायत स्थित रोल गांव के पास रविवार को देवनद नदी में डूबने से 12 वर्षीय बालक की मौत हो गई। मृतक प्रिंस कुमार गर्मी की छुट्टियां बिताने अपने ननिहाल आया हुआ था और दोस्तों के साथ नदी में स्नान करने गया था। नहाने के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है और परिजन गहरे सदमे में हैं।

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  • देवनद नदी में नहाने के दौरान 12 वर्षीय प्रिंस कुमार की डूबने से मौत।
  • गर्मी की छुट्टियां बिताने ननिहाल जमीरा आया हुआ था मासूम।
  • दोस्तों संग स्नान करते समय अचानक गहरे पानी में चला गया बालक।
  • ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद नदी से बाहर निकाला, लेकिन नहीं बच सकी जान।
  • सूचना मिलते ही चंदवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
  • स्थानीय लोगों ने नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई।

चंदवा थाना क्षेत्र के जमीरा पंचायत अंतर्गत रोल गांव के पास स्थित देवनद नदी रविवार को एक दर्दनाक हादसे की गवाह बन गई। दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया 12 वर्षीय बालक गहरे पानी में डूब गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण भी इस हादसे से स्तब्ध हैं।

बताया जा रहा है कि मृतक बालक गर्मी की छुट्टियां बिताने अपने ननिहाल आया हुआ था। छुट्टियों की खुशियां कुछ ही पलों में मातम में बदल गईं। हादसे के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

ननिहाल में छुट्टियां बिताने आया था प्रिंस

मृतक की पहचान पलामू जिले के उंटारी निवासी महेंद्र रजवार के पुत्र प्रिंस कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार प्रिंस गर्मी की छुट्टियों के कारण अपने ननिहाल जमीरा पंचायत आया हुआ था। रविवार दोपहर गांव के अन्य बच्चों के साथ वह देवनद नदी में स्नान करने चला गया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चे नदी किनारे सामान्य रूप से नहा रहे थे। इसी दौरान प्रिंस का पैर अचानक फिसल गया या संतुलन बिगड़ने से वह गहरे पानी की ओर चला गया। देखते ही देखते वह पानी में डूबने लगा।

बच्चों के शोर मचाने पर पहुंचे ग्रामीण

नदी में प्रिंस को डूबता देख साथ मौजूद बच्चों ने शोर मचाना शुरू किया। बच्चों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तत्काल घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने बिना देर किए नदी में उतरकर बालक की तलाश शुरू की।

काफी प्रयास और मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने प्रिंस को पानी से बाहर निकाला। उस समय उसकी हालत बेहद गंभीर थी। परिजन और ग्रामीण उसे तत्काल इलाज के लिए ले जाने की तैयारी करने लगे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद परिजनों का दर्द देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही चंदवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी ली और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

प्रशासन की ओर से घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से नदी और अन्य जलस्रोतों के पास बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की अपील की है।

गांव में पसरा मातमी सन्नाटा

मासूम की मौत के बाद रोल गांव और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि छुट्टियां बिताने आया एक बच्चा इस तरह हादसे का शिकार हो जाएगा, किसी ने सोचा भी नहीं था।

परिजनों की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। गांव की महिलाएं और रिश्तेदार लगातार परिवार को सांत्वना देने में जुटे हैं। कई लोगों ने कहा कि नदी के कुछ हिस्सों में गहराई अधिक होने के बावजूद वहां कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा व्यवस्था नहीं है।

नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था की उठी मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के दिनों में बड़ी संख्या में बच्चे और युवक नदी में स्नान करने पहुंचते हैं, लेकिन खतरनाक घाटों की पहचान और सुरक्षा के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं की जाती।

लोगों ने प्रशासन से मांग की कि—

  • नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
  • खतरनाक घाटों को चिन्हित किया जाए।
  • बच्चों और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए।
  • बरसात और गर्मी के मौसम में निगरानी बढ़ाई जाए।

लगातार बढ़ रहे नदी हादसे चिंता का विषय

ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी के मौसम में नदी, तालाब और जलाशयों में डूबने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को बिना निगरानी के नदी में जाने देना बेहद खतरनाक हो सकता है।

कई बार बच्चों को जलधाराओं की गहराई और बहाव का सही अंदाजा नहीं होता, जिसके कारण ऐसे हादसे हो जाते हैं। प्रशासन और अभिभावकों दोनों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को जलस्रोतों के खतरों के प्रति जागरूक किया जाए।

स्थानीय ग्रामीणों ने कहा: “नदी के कई हिस्से काफी गहरे हैं। यहां सुरक्षा और चेतावनी की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।”

मासूम की मौत ने छोड़े कई सवाल

यह हादसा केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की कमी को भी उजागर करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाएं और बच्चों को जागरूक किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

प्रशासन से अब उम्मीद की जा रही है कि घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे।

न्यूज़ देखो: मासूम जिंदगियों की सुरक्षा अब प्राथमिकता बननी चाहिए

देवनद नदी में हुई यह दर्दनाक घटना सभी के लिए एक गंभीर चेतावनी है। ग्रामीण क्षेत्रों में नदी और तालाब बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र होते हैं, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन को खतरनाक घाटों की पहचान कर सुरक्षा उपाय बढ़ाने चाहिए, वहीं अभिभावकों को भी बच्चों की निगरानी को लेकर सतर्क रहना होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव

गर्मी के दिनों में बच्चे अक्सर नदी और तालाबों की ओर आकर्षित होते हैं। ऐसे समय में परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। बच्चों को अकेले जलस्रोतों के पास न जाने दें और उन्हें गहरे पानी के खतरों के बारे में जरूर बताएं।

यदि आपके क्षेत्र में भी कोई खतरनाक घाट या असुरक्षित जलस्रोत है, तो प्रशासन को इसकी जानकारी दें और स्थानीय स्तर पर जागरूकता फैलाएं। आपकी सतर्कता किसी मासूम की जिंदगी बचा सकती है।

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Written by

चंदवा, लातेहार

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