#बरवाडीह #विश्वपर्यावरणदिवस : पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ अधिकारियों ने लगाए पौधे।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को बरवाडीह प्रखंड कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण को लेकर जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया। उपस्थित लोगों ने हरित वातावरण के निर्माण और पौधों की सुरक्षा के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया।
- बरवाडीह प्रखंड कार्यालय परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ।
- बीडीओ रेशमा रेखा मिंज और सीओ लवकेश कुमार सहित कई अधिकारियों ने पौधे लगाए।
- कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के कर्मियों की सहभागिता रही।
- पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अधिक पौधे लगाने की अपील की गई।
- उपस्थित लोगों ने हरित क्षेत्र बढ़ाने और पौधों की देखभाल का सामूहिक संकल्प लिया।
बरवाडीह प्रखंड कार्यालय परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों की जागरूकता और जिम्मेदारी को एक बार फिर सामने रखा। गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर पौधारोपण किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना और हरित वातावरण के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास को बढ़ावा देना था। अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वृक्षारोपण बेहद जरूरी हो गया है। कार्यक्रम के दौरान लोगों को पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल का संदेश भी दिया गया।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक पहल
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रखंड कार्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए। अधिकारियों ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पर्यावरण को बचाने और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देने के उद्देश्य से वृक्षारोपण को जन अभियान बनाने की बात कही। कार्यक्रम में हरित क्षेत्र बढ़ाने और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने को लेकर चर्चा की गई।
अधिकारियों ने दिया पर्यावरण बचाने का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज ने कहा:
रेशमा रेखा मिंज ने कहा: “पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण करना चाहिए। यदि हम आज पेड़ लगाएंगे और उनकी देखभाल करेंगे तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।”
वहीं अंचलाधिकारी लवकेश कुमार ने जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों पर चिंता जताते हुए लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की अपील की।
लवकेश कुमार ने कहा: “जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। इससे निपटने के लिए हमें अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की आवश्यकता है।”
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और सामाजिक संगठन से जुड़े लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज, अंचलाधिकारी लवकेश कुमार, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सुमित कुमार तिवारी, बीपीएम अरुण कुमार सिंह, बीपीओ दिलशाद आलम, केपीटीएल सुरक्षा अधिकारी सुबोध कुमार सिंह, केपीटीएल मैनेजर केशव कुमार, झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष समिति के केंद्रीय सचिव अली हसन अंसारी, झामुमो के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष अफजल अंसारी तथा उकामाड ग्राम प्रधान कैलाश सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभी ने मिलकर पौधे लगाए और लोगों से अपने घर, गांव और आसपास के क्षेत्रों में भी वृक्षारोपण करने की अपील की।
जलवायु परिवर्तन को लेकर बढ़ रही चिंता
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि लगातार बढ़ते तापमान, जंगलों की कटाई और प्रदूषण के कारण पर्यावरण असंतुलित हो रहा है। ऐसे में वृक्षारोपण ही पर्यावरण संरक्षण का सबसे प्रभावी उपाय है। लोगों से अपील की गई कि वे केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित न रहें, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी पौधे लगाने और उन्हें बचाने का प्रयास करें।
अधिकारियों ने कहा कि यदि समाज के सभी लोग मिलकर हर वर्ष पौधारोपण करें तो पर्यावरण को काफी हद तक सुरक्षित किया जा सकता है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली बढ़ने से प्राकृतिक संतुलन भी मजबूत होगा।
न्यूज़ देखो: हरियाली बचाने की दिशा में सकारात्मक पहल
बरवाडीह में विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल औपचारिकता नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देता है। प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक संगठनों की संयुक्त भागीदारी यह दिखाती है कि पर्यावरण संरक्षण अब केवल सरकारी मुद्दा नहीं बल्कि जन आंदोलन बनता जा रहा है। हालांकि सबसे बड़ी चुनौती पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल की रहती है, जिस पर लगातार निगरानी जरूरी है। यदि ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएं तो क्षेत्र में हरित वातावरण को मजबूत किया जा सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
हर पौधा बने भविष्य की सांस, आज ही लें हरियाली का संकल्प
पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार की नहीं बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
एक पौधा केवल पेड़ नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन का आधार होता है।
यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।
बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के दौर में हरियाली बचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है।
अपने गांव, मोहल्ले और आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
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