
#सिमडेगा #धार्मिकसामाजिकमिलन : चर्च और पास्टोरेट मंडलियों का भजन, कीर्तन और प्रभुभोज के साथ मिलन समारोह सम्पन्न
- जी ई एल चर्च बानो और पास्टोरेट सिकोरदा व सोयमंडली का संयुक्त मिलन समारोह आयोजित किया गया।
- कार्यक्रम में सभी अतिथियों को नाच-गाने के साथ मंच तक लाया गया।
- पादरी उम्बलन तोपनो, पेरिस चेयरमैन बानो, और पादरी हेरमन समद ने प्रभुभोज अनुष्ठान विधिपूर्वक संपन्न किया।
- सेलेस्टिन भेंगरा मंडली ने अपने इतिहास के बारे में जानकारी दी और विभिन्न मंडलियों द्वारा भजन कीर्तन का आयोजन किया गया।
- मुख्य अतिथि जिला परिषद बिरज़ो कंडुलना ने कहा कि ऐसे मिलन समारोह सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से लोगों को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं।
- कार्यक्रम में मुखिया कृपा हेमरोम, दिलबर हेमरोम, मोजेश बागे, नीतिर सुरीन, सूरसेन, कोषाध्यक्ष जोहानी कोनगाड़ी, सचिव जॉनसन समद सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
बानो में आयोजित इस मिलन समारोह ने स्थानीय समाज में सांस्कृतिक और धार्मिक मेलजोल को बढ़ावा दिया। कार्यक्रम में शामिल मंडलियों ने भजन और कीर्तन के माध्यम से धार्मिक संदेश के साथ-साथ सामाजिक समरसता का संदेश भी प्रसारित किया। विभिन्न मंडलियों की भजन प्रतियोगिता ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया।
समारोह की विशेषताएँ
समारोह की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और नृत्य-गान से हुई। इसके बाद प्रभुभोज अनुष्ठान विधिपूर्वक संपन्न किया गया। मिस्सा पूजा के पश्चात मंडलियों ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत किया। सेलेस्टिन भेंगरा मंडली ने अपने इतिहास और धार्मिक योगदान के बारे में जानकारी दी, जिससे उपस्थित लोगों को मंडली की भूमिका और महत्व समझ में आया।
मुख्य अतिथि जिला परिषद बिरज़ो कंडुलना ने कहा:
“ऐसे मिलन समारोह लोगों को धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं। यह समाज में भाईचारा और सांस्कृतिक समरसता को प्रोत्साहित करता है।”
कार्यक्रम में स्थानीय प्रमुख व्यक्तियों, मंडलियों के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे मिलन समारोह की गरिमा और बढ़ गई। उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम की सफलता और समुदाय में सहयोग और मेलजोल बढ़ाने की दिशा में इसकी अहमियत पर जोर दिया।

न्यूज़ देखो: धार्मिक और सामाजिक मेलजोल से समाज में समरसता बढ़ती है
यह कार्यक्रम दिखाता है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से स्थानीय समाज में मेलजोल और भाईचारे को बढ़ावा दिया जा सकता है। स्थानीय नेतृत्व और मंडलियों की सक्रिय भागीदारी से समाज में सामूहिक सहयोग और सामाजिक सद्भावना को बल मिलता है।
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समाज में सहयोग और सांस्कृतिक सक्रियता बढ़ाएं
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