#गढ़वा #बिरसामुंडाश्रद्धांजलि : झामुमो कार्यकर्ताओं ने धरती आबा को याद कर उनके विचारों को अपनाने का आह्वान किया।
गढ़वा में झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला समिति द्वारा धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। बिरसा मुंडा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। वक्ताओं ने उनके संघर्ष, सामाजिक न्याय और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए किए गए योगदान को याद किया। कार्यक्रम के अंत में उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
- गढ़वा के बिरसा मुंडा पार्क में झामुमो द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
- धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
- वक्ताओं ने उनके संघर्ष, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय के संदेश को याद किया।
- जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया।
- कार्यक्रम में झामुमो के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
- सभी उपस्थित लोगों ने बिरसा मुंडा के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
गढ़वा में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला समिति के तत्वावधान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर स्थित बिरसा मुंडा पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने बिरसा मुंडा के जीवन संघर्ष, उनके बलिदान और आदिवासी समाज सहित पूरे देश के लिए उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम के दौरान उनके विचारों को समाज में प्रसारित करने और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जुटे झामुमो नेता और कार्यकर्ता
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में झामुमो के केंद्रीय सदस्य तनवीर खान, मनोज ठाकुर, मनोज तिवारी, जिलाध्यक्ष शंभू राम, जिला सचिव शरीफ अंसारी, मोर्चा जिलाध्यक्ष संजय सिंह छोटू, कोषाध्यक्ष चंदन जायसवाल, गढ़वा प्रखंड अध्यक्ष फुजैल अंसारी, ओमप्रकाश गुप्ता, मनीष कमलापुरी एवं दिलीप गुप्ता सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके विचारों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया।
संघर्ष और स्वाभिमान के प्रतीक थे बिरसा मुंडा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो जिलाध्यक्ष शंभू राम ने कहा:
“धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय का प्रतीक है। उनके आदर्श आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने अपने जीवनकाल में शोषण और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए समाज को आत्मसम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं धरती आबा
झामुमो के केंद्रीय सदस्य तनवीर खान ने कहा:
“बिरसा मुंडा जी ने शोषण और अन्याय के विरुद्ध जो लड़ाई लड़ी, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।”
वहीं केंद्रीय सदस्य मनोज ठाकुर ने कहा:
“बिरसा मुंडा जी का बलिदान हमें अपने अधिकारों और समाज के उत्थान के लिए सदैव संघर्षरत रहने की प्रेरणा देता है।”
नेताओं ने कहा कि आज के समय में भी उनके विचार युवाओं को सामाजिक न्याय और जनहित के लिए कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
सामाजिक एकता और जनकल्याण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान मनोज तिवारी ने कहा:
“धरती आबा के विचार सामाजिक एकता और जनकल्याण की भावना को मजबूत करते हैं। हमें उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए।”
वक्ताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा का संघर्ष केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज के सभी वंचित और शोषित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए था।
जल, जंगल और जमीन की रक्षा के संघर्ष को किया याद
जिला सचिव शरीफ अंसारी ने अपने संबोधन में कहा:
“बिरसा मुंडा जी ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।”
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और स्थानीय समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए बिरसा मुंडा का संघर्ष आज भी प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
मोर्चा जिलाध्यक्ष संजय सिंह छोटू ने कहा:
“बिरसा मुंडा जी के आदर्शों को आत्मसात कर ही समाज में समानता और न्याय की स्थापना की जा सकती है।”
युवाओं तक पहुंचाने होंगे उनके विचार
कोषाध्यक्ष चंदन जायसवाल ने कहा:
“धरती आबा का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र है। उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
गढ़वा प्रखंड अध्यक्ष फुजैल अंसारी ने कहा:
“बिरसा मुंडा जी का संघर्ष हमें अपनी संस्कृति, पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव जागरूक रहने की सीख देता है।”
पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं बिरसा मुंडा
कार्यक्रम में ओमप्रकाश गुप्ता ने कहा:
“धरती आबा का योगदान केवल आदिवासी समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।”
वहीं मनीष कमलापुरी ने कहा:
“बिरसा मुंडा जी ने समाज को आत्मसम्मान और एकजुटता का संदेश दिया, जिसे आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है।”
दिलीप गुप्ता ने अपने विचार रखते हुए कहा:
“उनका जीवन हमें समाज और राष्ट्रहित में निस्वार्थ भाव से कार्य करने की प्रेरणा देता है।”
आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के विचारों, संघर्षों और आदर्शों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।
साथ ही सामाजिक न्याय, समानता, अधिकारों की रक्षा और जनहित के लिए उनके बताए मार्ग पर चलने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।
न्यूज़ देखो: श्रद्धांजलि से आगे बढ़कर विचारों को अपनाने की जरूरत
बिरसा मुंडा केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि संघर्ष, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं। उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित ऐसे कार्यक्रम उनके योगदान को याद करने का अवसर तो देते ही हैं, साथ ही यह भी याद दिलाते हैं कि जल, जंगल, जमीन और सामाजिक अधिकारों की रक्षा का उनका संदेश आज भी प्रासंगिक है। समाज और राजनीतिक संगठनों की जिम्मेदारी है कि वे उनके विचारों को केवल समारोहों तक सीमित न रखें बल्कि उन्हें व्यवहार में भी उतारें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
धरती आबा के सपनों का समाज बनाने की दिशा में बढ़ें
महापुरुषों को सच्ची श्रद्धांजलि केवल पुष्प अर्पित करने से नहीं, बल्कि उनके विचारों को जीवन में उतारने से मिलती है। बिरसा मुंडा का जीवन हमें साहस, आत्मसम्मान और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देता है।
आइए, हम सभी समानता, न्याय और जनहित के मूल्यों को मजबूत बनाने का संकल्प लें। युवाओं तक इतिहास के ऐसे प्रेरणादायी अध्याय पहुंचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।
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