
#बरवाडीह #आयुष_मेला : स्वास्थ्य सेवा, पौध वितरण और जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
बरवाडीह प्रखंड कार्यालय परिसर के समीप शुक्रवार को आयुष विभाग द्वारा भव्य आयुष मेला आयोजित किया गया। इस दौरान सैकड़ों ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां दी गईं और योगाभ्यास कराया गया। कार्यक्रम में 300 औषधीय पौधों, सेनेटरी पैड और बुजुर्गों के लिए स्टिक का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुलभ स्वास्थ्य सेवा और जागरूकता बढ़ाना रहा।
- बरवाडीह प्रखंड में आयुष विभाग द्वारा भव्य मेला आयोजित।
- डॉ. ओमप्रकाश समेत जनप्रतिनिधियों ने किया शुभारंभ।
- सैकड़ों ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच और मुफ्त दवाइयों का वितरण।
- करीब 300 औषधीय पौधों का वितरण कर पर्यावरण संरक्षण पर जोर।
- महिलाओं को सेनेटरी पैड और बुजुर्गों को स्टिक वितरित।
बरवाडीह प्रखंड कार्यालय परिसर के समीप शुक्रवार को आयुष विभाग की पहल पर एक भव्य आयुष मेला का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इस मेले का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक सस्ती और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना तथा लोगों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूक करना था।
जनप्रतिनिधियों और चिकित्सकों ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ प्रमुख सुशीला देवी, उप प्रमुख बिरेंद्र जायसवाल, जिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ओमप्रकाश, पंचायत समिति सदस्य प्रवीण कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और चिकित्सकों द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहीं।
उद्घाटन के दौरान सभी अतिथियों ने आयुष चिकित्सा पद्धतियों की उपयोगिता और महत्व पर प्रकाश डाला।
आयुष पद्धतियों से हुआ इलाज
मेले में आयुर्वेद, होमियोपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से ग्रामीणों का उपचार किया गया। विभिन्न रोगों से पीड़ित लोगों की जांच कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां दी गईं।
डीएमओ डॉ. ओमप्रकाश ने कहा: “पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों तक सुलभ और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना संभव है। आयुष मेला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।”
चिकित्सकों ने सर्दी-खांसी, जोड़ों के दर्द, त्वचा रोग और पाचन संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों का इलाज किया और उन्हें उचित परामर्श दिया।
योगाभ्यास और स्वास्थ्य जागरूकता
कार्यक्रम में योग विशेषज्ञों द्वारा योगाभ्यास कराया गया, जिससे लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। ग्रामीणों को नियमित योग, संतुलित आहार और स्वच्छ दिनचर्या के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया।
डॉ. शुभांकुर कुमारी ने कहा: “लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना जरूरी है। नियमित योग और संतुलित आहार से कई बीमारियों से बचा जा सकता है।”
300 औषधीय पौधों का वितरण
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मेले में लगभग 300 नींबू, अमरूद, आम, आंवला सहित विभिन्न औषधीय पौधों का वितरण किया गया। साथ ही ग्रामीणों को इन पौधों की देखभाल और उनके औषधीय गुणों के बारे में जानकारी दी गई।
इस पहल का उद्देश्य न केवल हरियाली बढ़ाना था, बल्कि लोगों को घरेलू उपचार के प्रति भी जागरूक करना था।
महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष पहल
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए सेनेटरी पैड का वितरण किया गया। इसके अलावा बुजुर्गों के लिए स्टिक (लाठी) वितरित की गई, जिससे उन्हें चलने-फिरने में सहूलियत मिल सके।
संतोषी शेखर ने कहा: “इस तरह के स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को त्वरित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने लिया लाभ
आयुष मेला को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा गया। सैकड़ों ग्रामीणों ने इसमें भाग लेकर स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण और अन्य सुविधाओं का लाभ उठाया।
इस दौरान डॉ. सालिनी कुमारी, सहिया लालमुनि सहित कई विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

न्यूज़ देखो: ग्रामीण स्वास्थ्य के लिए आयुष पहल बनी उम्मीद की किरण
बरवाडीह में आयोजित यह आयुष मेला दर्शाता है कि यदि योजनाओं को सही तरीके से लागू किया जाए, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकती हैं। पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से सस्ती और प्रभावी इलाज उपलब्ध कराना एक सराहनीय कदम है। हालांकि यह जरूरी है कि ऐसे आयोजन नियमित रूप से होते रहें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ समाज की ओर बढ़ाएं कदम, जागरूक बनें
स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है और इसकी देखभाल हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। ऐसे शिविर हमें यह अवसर देते हैं कि हम समय रहते अपनी स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान कर सकें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
आप भी अपने परिवार और आसपास के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करें। नियमित योग करें, संतुलित आहार लें और स्वच्छता का पालन करें।
अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर साझा करें। अपनी राय कमेंट में बताएं और स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।






