Simdega

पाकरटांड़ में सरस्वती पूजा पर सजेगा नागपुरी संस्कृति का मंच, 24 जनवरी को होगा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम

#पाकरटांड़ #नागपुरी_संस्कृति : सरस्वती पूजा के अवसर पर नवयुवक संघ द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा।

सिमडेगा जिले के पाकरटांड़ में सरस्वती पूजा के उपलक्ष्य में नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सरस्वती पूजा समिति नवयुवक संघ द्वारा 24 जनवरी 2025 को इस रंगारंग कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रसिद्ध नागपुरी कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को आनंदित करेंगे। आयोजन का उद्देश्य लोक संस्कृति को बढ़ावा देना और युवाओं को परंपरा से जोड़ना है।

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  • पाकरटांड़ में 24 जनवरी 2025 को नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन।
  • सरस्वती पूजा समिति नवयुवक संघ द्वारा आयोजन।
  • बीरबल नायक, बलराम कच्छप, बाबूलाल नायक सहित कई कलाकार करेंगे प्रस्तुति।
  • संजय समीर सिंधिया और बीरेंद्र सिंधिया होंगे मुख्य अतिथि।
  • आयोजनकर्ता प्रदीप गोप और जानकारी समिति अध्यक्ष महादेव सिंह ने दी।

सिमडेगा जिले के पाकरटांड़ क्षेत्र में सरस्वती पूजा के अवसर पर सांस्कृतिक उल्लास देखने को मिलेगा। सरस्वती पूजा समिति नवयुवक संघ की ओर से 24 जनवरी 2025 को एक भव्य एवं रंगारंग नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों और युवाओं में उत्साह का माहौल है। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम बनेगा, बल्कि स्थानीय लोक संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का प्रयास भी करेगा।

सरस्वती पूजा के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन इस क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा रहा है। इसी कड़ी में इस वर्ष भी नवयुवक संघ द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं, ताकि दर्शकों को एक यादगार सांस्कृतिक संध्या का अनुभव मिल सके।

नागपुरी कलाकारों की सजीव प्रस्तुतियां होंगी आकर्षण का केंद्र

इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में नागपुरी लोकगीत और नृत्य की दुनिया के कई चर्चित कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में बीरबल नायक, बलराम कच्छप, बाबूलाल नायक, अंकित मिंज, रजनी कुमारी, सोनाली कुमारी, दीपिका सिंह और नम्रता सिंह जैसे कलाकार मंच पर नजर आएंगे। ये कलाकार अपनी गायकी, नृत्य और अभिनय से नागपुरी संस्कृति की विविध छटाओं को प्रस्तुत करेंगे।

नागपुरी गीत-संगीत और नृत्य झारखंड की लोकसंस्कृति की पहचान हैं। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल कलाकारों को मंच मिलता है, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर प्राप्त होता है।

मुख्य अतिथियों की उपस्थिति से बढ़ेगा कार्यक्रम का गौरव

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संजय समीर सिंधिया और बीरेंद्र सिंधिया की उपस्थिति रहेगी। आयोजकों का मानना है कि मुख्य अतिथियों की सहभागिता से कार्यक्रम का उत्साह और गरिमा दोनों बढ़ेंगे। अतिथियों द्वारा कलाकारों का उत्साहवर्धन किया जाएगा और युवाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का संदेश दिया जाएगा।

आयोजन समिति की भूमिका और तैयारियां

इस कार्यक्रम का आयोजन सरस्वती पूजा समिति नवयुवक संघ द्वारा किया जा रहा है। आयोजनकर्ता के रूप में प्रदीप गोप सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जबकि समिति के अध्यक्ष महादेव सिंह ने कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समिति के सभी सदस्य लगातार प्रयास कर रहे हैं।

समिति के अनुसार मंच, ध्वनि व्यवस्था, प्रकाश और सुरक्षा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कार्यक्रम पारिवारिक और सांस्कृतिक मूल्यों के अनुरूप हो।

सरस्वती पूजा और संस्कृति का संगम

सरस्वती पूजा ज्ञान, कला और संगीत की देवी की आराधना का पर्व है। ऐसे में नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन इस पर्व के महत्व को और भी बढ़ा देता है। आयोजकों का कहना है कि पूजा के साथ संस्कृति का यह संगम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और लोगों को एक-दूसरे से जोड़ता है।

स्थानीय लोगों का भी मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम गांव और पंचायत स्तर पर सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं। अलग-अलग गांवों से लोग एक मंच पर जुटते हैं और अपनी लोक परंपराओं का आनंद लेते हैं।

युवाओं में दिख रहा विशेष उत्साह

नवयुवक संघ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र के युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। युवा वर्ग आयोजन की तैयारियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक चेतना अभी भी जीवंत है और युवा इसे आगे बढ़ाने में रुचि रखते हैं।

कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को यह संदेश भी दिया जा रहा है कि आधुनिकता के साथ-साथ अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं को सहेजना भी उतना ही जरूरी है।

न्यूज़ देखो: लोक संस्कृति को मंच देने की सराहनीय पहल

पाकरटांड़ में सरस्वती पूजा के अवसर पर नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे आयोजन कलाकारों को पहचान दिलाने के साथ-साथ समाज में सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं। यह पहल दिखाती है कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में भी लोक कला के प्रति गहरी समझ और सम्मान मौजूद है। अब जरूरत है कि ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर प्रोत्साहन मिले और प्रशासन व समाज मिलकर इन्हें और व्यापक रूप दें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संस्कृति से जुड़कर ही मजबूत होता है समाज

नागपुरी संस्कृति झारखंड की आत्मा है और इसे जीवित रखने की जिम्मेदारी हम सभी की है। सरस्वती पूजा जैसे पावन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। ऐसे आयोजनों में भाग लेकर न केवल कलाकारों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान भी सशक्त होती है।

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Rakesh Kumar Yadav

कुरडेग, सिमडेगा

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