#सिमडेगा #पोषण_पखवाड़ा : संयुक्त कार्यक्रम में प्रशिक्षण और जागरूकता से जनस्वास्थ्य को सशक्त बनाने की पहल
सिमडेगा के नगर भवन में पोषण पखवाड़ा के तहत एक दिवसीय संयुक्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों और सहयोगी संस्थाओं की भागीदारी रही। कार्यक्रम में आपातकालीन स्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण और पोषण जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। इससे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।
- नगर भवन सिमडेगा में पोषण पखवाड़ा के तहत संयुक्त कार्यक्रम आयोजित।
- सेविका, सहिया, जल सहिया को दिया गया आपातकालीन प्रशिक्षण।
- सांप काटने, दुर्घटना, हार्ट अटैक से निपटने की दी जानकारी।
- शांति भवन अस्पताल के विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण।
- गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण पर जागरूकता अभियान।
सिमडेगा नगर भवन में पोषण पखवाड़ा के तहत आयोजित एक दिवसीय संयुक्त कार्यक्रम में स्वास्थ्य और पोषण दोनों पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मी और सहयोगी संस्थाएं शामिल हुईं, जिससे यह आयोजन व्यापक और प्रभावी बन सका।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में सेविका, सहिया, जल सहिया और सेतु दीदी के लिए आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को सांप काटने, सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक और ट्रॉमा जैसी गंभीर स्थितियों में प्राथमिक उपचार देने के तरीके विस्तार से सिखाए गए।
विशेषज्ञों ने सिखाए जीवन रक्षक उपाय
यह प्रशिक्षण शांति भवन अस्पताल, सिमडेगा के विशेषज्ञों द्वारा प्रदान किया गया। इसमें प्रतिभागियों को न केवल सैद्धांतिक जानकारी दी गई, बल्कि व्यवहारिक तौर पर जीवन रक्षक उपायों को समझाया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार, समय पर रेफरल और मरीज की सुरक्षित देखभाल के बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम में सीडीपीओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने इस पहल की सराहना की।
पोषण जागरूकता पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में पोषण पखवाड़ा से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें JSLPS, समाज कल्याण विभाग, ICDS और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों ने भाग लिया।
इस दौरान गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों के लिए संतुलित आहार, कुपोषण से बचाव, स्वच्छता और स्वास्थ्य के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों के उपयोग और पोषण वाटिका के महत्व को भी समझाया गया।
जन-आंदोलन बनाने की अपील
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पोषण को जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी से अपने-अपने क्षेत्र में पोषण के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।
इस पहल के माध्यम से जहां एक ओर लोगों को पोषण के प्रति जागरूक किया गया, वहीं दूसरी ओर उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने के लिए भी सक्षम बनाने का प्रयास किया गया।
न्यूज़ देखो: स्वास्थ्य और पोषण का संगम जरूरी
सिमडेगा में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि जब विभिन्न विभाग मिलकर काम करते हैं, तो जमीनी स्तर पर बड़ा बदलाव संभव होता है। पोषण और आपातकालीन प्रशिक्षण जैसे विषयों पर एक साथ ध्यान देना समाज को अधिक सुरक्षित और स्वस्थ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। क्या ऐसे कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे और इसका असर जमीनी स्तर पर दिखेगा—यह देखना अहम होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच
स्वास्थ्य और पोषण हर व्यक्ति का अधिकार है।
जरूरी है कि हम खुद जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें।
आपात स्थिति में सही जानकारी किसी की जान बचा सकती है।
पोषण से ही मजबूत समाज का निर्माण संभव है।
आइए, हम सब मिलकर स्वस्थ और सुरक्षित समाज बनाने का संकल्प लें।
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