नावाडीह में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग, दर्जनों बीघा गेहूं की फसल जलकर राख, किसानों को भारी नुकसान

नावाडीह में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग, दर्जनों बीघा गेहूं की फसल जलकर राख, किसानों को भारी नुकसान

author Yashwant Kumar
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#हुसैनाबाद #आगजनी_घटना : बेल बिगहा पंचायत में हादसा—बिजली शॉर्ट सर्किट से फसल बर्बाद।

पलामू के हुसैनाबाद प्रखंड के नावाडीह गांव में आग लगने से किसानों की गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग संभवतः बिजली शॉर्ट सर्किट से लगी। ग्रामीणों ने मिलकर आग पर काबू पाया। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।

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  • नावाडीह में भीषण आग से गेहूं की फसल नष्ट
  • दर्जनों बीघा में खड़ी फसल जलकर राख
  • शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
  • ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया
  • किसानों ने मुआवजे की मांग की

पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड अंतर्गत बेल बिगहा पंचायत के नावाडीह गांव में शनिवार को एक भीषण आगजनी की घटना ने किसानों की साल भर की मेहनत को पल भर में खाक कर दिया। दोपहर के समय खेतों में अचानक लगी आग ने तेज पछुआ हवा के कारण विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते कई किसानों की दर्जनों बीघा में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।

घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी फसल बचाने के लिए दौड़ पड़े।

तेज हवा से फैली आग

ग्रामीणों के अनुसार, आग लगने के बाद पछुआ हवा के कारण लपटें तेजी से फैलने लगीं।

एक ग्रामीण ने कहा: “हवा इतनी तेज थी कि आग कुछ ही मिनटों में कई खेतों तक पहुंच गई।”

दमकल पहुंचने से पहले भारी नुकसान

घटना की सूचना दंगवार ओपी पुलिस और स्थानीय मुखिया को दी गई, जिन्होंने अग्निशमन विभाग को सूचना दी।

लेकिन जब तक दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचतीं, तब तक किसानों की फसल का बड़ा हिस्सा जल चुका था।

ग्रामीणों की सूझबूझ से बची अन्य फसलें

सरकारी मदद पहुंचने में देरी के बावजूद ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी और खुद ही आग बुझाने में जुट गए।

एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा: “अगर हम लोग तुरंत प्रयास नहीं करते, तो और भी खेत जल जाते।”

ग्रामीणों की तत्परता से आसपास की कई फसलें बचा ली गईं।

शॉर्ट सर्किट से आग की आशंका

स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने का कारण संभवतः बिजली का शॉर्ट सर्किट है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

प्रभावित किसानों की सूची

इस घटना में राम ईश्वर सिंह, कृष्णा सिंह, संतन सिंह, बलराम सिंह, दिनेश सिंह, सरयू सिंह, पोजीशन सिंह, सुरेश सिंह, अशोक सिंह, रामनाथ सिंह, सुदर्शन सिंह, मूरत सिंह, अजय सिंह, उमा सिंह, रामशीष सिंह, प्रमोद सिंह, राजाराम सिंह, अरविंद सिंह सहित कई किसानों की फसल बर्बाद हुई है।

मुआवजे की मांग

पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि इस घटना की जांच कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।

राम ईश्वर सिंह ने कहा: “हमारी पूरी फसल जल गई, सरकार से मदद की उम्मीद है।”

जनप्रतिनिधियों ने लिया जायजा

घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व मुखिया रामलखन यादव, विकास कुमार सिंह, गुड्डू साह, बृजनंदन सिंह, ओमप्रकाश सिंह, शमशे आलम सहित कई लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

किसानों की टूटी उम्मीदें

इस घटना ने किसानों की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिससे उनके सामने भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है।

न्यूज़ देखो: एक चिंगारी, बड़ी तबाही

हुसैनाबाद की यह घटना दिखाती है कि एक छोटी सी चूक या तकनीकी खराबी किसानों के लिए कितनी बड़ी त्रासदी बन सकती है। अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि पीड़ितों को राहत मिले। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

किसानों के साथ खड़े रहें

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प्राकृतिक आपदाओं में उनकी मदद जरूरी है।
समय पर राहत और मुआवजा मिलना चाहिए।
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Written by

हुसैनाबाद, पलामू

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