चलते-चलते आग का गोला बनी बोरवेल गाड़ी, तीन घंटे तक ठप रहा आवागमन

चलते-चलते आग का गोला बनी बोरवेल गाड़ी, तीन घंटे तक ठप रहा आवागमन

author Shivnandan Baraik
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#बोलबा #अग्निकांड : समसेरा मोड़ के पास जलकर राख हुई बोरवेल गाड़ी।

सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड में समसेरा मोड़ के पास खड़ी एक बोरवेल गाड़ी में अचानक आग लग गई, जिससे वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया। घटना के दौरान चालक और खलासी वाहन में मौजूद थे, लेकिन दोनों सुरक्षित बच निकले। आग लगने के बाद करीब तीन घंटे तक बोलबा-सिमडेगा सड़क पर आवागमन बाधित रहा। प्रशासन और अग्निशमन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

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  • समसेरा मोड़ के पास खड़ी जेपी बोरवेल गाड़ी में लगी भीषण आग।
  • चालक और खलासी ने कूदकर बचाई जान, कोई जनहानि नहीं।
  • करीब तीन घंटे तक बाधित रहा बोलबा-सिमडेगा सड़क मार्ग।
  • अग्निशमन विभाग की टीम ने देर से पहुंचकर आग पर पाया काबू।
  • वाहन स्टाफ ने गाड़ी में पहले से खराबी होने की बात कही।
  • मौके पर पहुंचे अंचल अधिकारी सुधांशू पाठक और पुलिस अधिकारी।

सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड मुख्यालय स्थित समसेरा मोड़ के पास बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बोलबा-ठेठईटांगर सड़क मार्ग पर खड़ी एक बोरवेल गाड़ी में अचानक आग लग गई, जिसके बाद देखते ही देखते पूरा वाहन आग की लपटों में घिर गया। आग इतनी भयावह थी कि कुछ ही देर में पूरी गाड़ी जलकर राख हो गई।

घटना के समय वाहन में चालक और खलासी मौजूद थे। हालांकि दोनों ने किसी तरह समय रहते वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

अचानक उठीं आग की लपटें

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जेपी बोरवेल नामक वाहन समसेरा मोड़ के पास खड़ा था। इसी दौरान अचानक गाड़ी से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक आग काफी तेजी से फैल चुकी थी।

स्थानीय लोगों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कोई भी वाहन के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। कुछ ही मिनटों में वाहन धधकते आग के गोले में बदल गया।

चालक और खलासी ने बचाई जान

घटना के दौरान वाहन में मौजूद चालक और खलासी ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि वाहन पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया।

वाहन स्टाफ का कहना है कि गाड़ी में पहले से तकनीकी खराबी थी और इस संबंध में मालिक को भी जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद वाहन की ठीक से मरम्मत नहीं कराई गई थी।

वाहन स्टाफ ने कहा: “गाड़ी में पहले से खराबी थी, उसी हालत में वाहन चलाया जा रहा था।”

तीन घंटे तक ठप रहा सड़क मार्ग

आग लगने के बाद बोलबा-सिमडेगा सड़क मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क के दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोग अपनी गाड़ियां सड़क किनारे खड़ी कर आग बुझने का इंतजार करते रहे।

करीब तीन घंटे तक सड़क पर आवागमन बंद रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में प्रशासन की पहल पर धीरे-धीरे यातायात सामान्य कराया गया।

प्रशासन और अग्निशमन विभाग मौके पर पहुंचा

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया। अंचल अधिकारी सुधांशू पाठक एवं एएसआई ब्रह्मदेव यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। साथ ही अग्निशमन विभाग को भी सूचना दी गई।

हालांकि ग्रामीणों के अनुसार आग बुझाने वाली गाड़ी काफी देर से मौके पर पहुंची। इसके बाद अग्निशमन कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक वाहन पूरी तरह जल चुका था।

ग्रामीणों की लगी भीड़

घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोग सड़क किनारे खड़े होकर जलती हुई गाड़ी को देखते रहे। कई लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में अग्निशमन व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की।

ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय पर दमकल वाहन पहुंच जाता, तो नुकसान को कम किया जा सकता था। लोगों ने सड़क सुरक्षा और वाहनों की तकनीकी जांच को लेकर भी सवाल उठाए।

आग लगने के कारणों की जांच जारी

फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर वाहन में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।

अंचल अधिकारी सुधांशू पाठक ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है और सड़क से जले वाहन को हटाकर यातायात बहाल कराया गया।

मौके पर मुखिया सुरजन बड़ाइक, कई सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

न्यूज़ देखो: तकनीकी लापरवाही बन सकती है बड़े हादसों की वजह

बोलबा में हुई यह घटना एक बार फिर वाहनों की तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े करती है। यदि वाहन में पहले से खराबी थी, तो उसे समय रहते ठीक कराना जरूरी था। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन भविष्य में ऐसी लापरवाही बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। प्रशासन और वाहन मालिकों दोनों को सुरक्षा को लेकर अधिक जिम्मेदारी दिखाने की जरूरत है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सावधानी ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय

वाहनों की नियमित जांच और समय पर मरम्मत बड़े हादसों को रोक सकती है।
सड़क पर चलने वाला हर वाहन केवल मशीन नहीं, बल्कि कई जिंदगियों की जिम्मेदारी भी होता है।
तकनीकी खराबियों को नजरअंदाज करना कभी-कभी गंभीर दुर्घटना का कारण बन जाता है।
सुरक्षित यातायात के लिए प्रशासन और वाहन संचालकों दोनों की जवाबदेही जरूरी है।

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Written by

बानो, सिमडेगा

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