मदर तेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग बानो में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं की भूमिका और सशक्तिकरण पर हुआ विशेष कार्यक्रम

मदर तेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग बानो में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं की भूमिका और सशक्तिकरण पर हुआ विशेष कार्यक्रम

author Shivnandan Baraik
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#बानो #महिलादिवससमारोह : वक्ताओं ने महिलाओं को समाज की कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड स्थित मदर तेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों और छात्राओं ने महिलाओं की सामाजिक, शैक्षणिक और राष्ट्रीय विकास में भूमिका पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। साथ ही समाज की कुरीतियों को समाप्त करने के लिए महिलाओं को एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

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  • मदर तेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बानो में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
  • व्याख्याता ऋचा हेंब्रम ने महिलाओं को समाज की कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
  • कार्यक्रम में आईवी सुप्रभा, अंकिता मिश्रा, वंदना धनवार समेत कई शिक्षकों ने विचार रखे।
  • झारखंड की बेटियों द्वारा देशभर में स्थापित उपलब्धियों का किया गया उल्लेख।
  • कार्यक्रम में अल्बीना टोपनो, अमृता लवली जोजो, रविन्द्र वर्मा सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।
  • कार्यक्रम का संचालन जीएनएम तृतीय वर्ष की छात्रा आरती कुमारी ने किया।

बानो प्रखंड स्थित मदर तेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कॉलेज परिसर में शिक्षकों और छात्राओं ने महिलाओं की भूमिका, उनकी उपलब्धियों और समाज में उनकी बढ़ती भागीदारी पर चर्चा की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता और प्रतिभा के दम पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।

महिलाओं को एकजुट होकर समाज की कुरीतियों से लड़ने का संदेश

कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की व्याख्याता ऋचा हेंब्रम ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं एकजुट होकर आगे बढ़ें तो समाज की कई कुरीतियों को खत्म किया जा सकता है।

ऋचा हेंब्रम ने कहा:

“आज की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और कई क्षेत्रों में उनसे आगे भी निकल रही हैं। यदि महिलाएं एकजुट होकर काम करें तो समाज की कुरीतियों को दूर करना संभव है।”

उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा दी।

महिलाओं की निरंतर सक्रिय भूमिका पर वक्ताओं ने रखे विचार

कार्यक्रम में ट्यूटर आईवी सुप्रभा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज की महिलाएं निरंतर सक्रिय भूमिका निभाते हुए समाज और देश के विकास में योगदान दे रही हैं।

आईवी सुप्रभा ने कहा:

“महिलाएं निरंतर सक्रिय भूमिका निभाते हुए आगे बढ़ रही हैं। आप सभी अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें और अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास करते रहें।”

उन्होंने छात्राओं को शिक्षा और आत्मनिर्भरता के माध्यम से अपने जीवन को सशक्त बनाने की सलाह दी।

महिलाओं की क्षमता और उपलब्धियों का किया गया उल्लेख

कार्यक्रम के दौरान अंकिता मिश्रा ने कहा कि महिलाओं में अपार क्षमता और अद्भुत शक्ति होती है। उन्होंने कहा कि देशभर में महिलाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर नई मिसाल कायम की है।

अंकिता मिश्रा ने कहा:

“महिलाओं में अपरिमित शक्ति और अपार क्षमता होती है। आज महिलाओं ने न केवल राज्य बल्कि पूरे देश में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। झारखंड की बेटियां भी पूरे देश में अपने राज्य का नाम रोशन कर रही हैं।”

उन्होंने छात्राओं को अपने आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर समाज में नई पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया।

समाज और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका

ट्यूटर वंदना धनवार ने अपने संबोधन में कहा कि बेटियां ओस की बूंद की तरह होती हैं जो समाज और परिवार दोनों को स्नेह और संवेदना से जोड़ती हैं। उन्होंने कहा कि देश के विकास और मजबूती में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

वंदना धनवार ने कहा:

“बेटियां ओस की बूंद जैसी होती हैं। आज देश को मजबूत बनाने में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी समान रूप से भाग ले रही हैं। उनके बिना किसी भी निर्माण की कल्पना करना असंभव है।”

उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने में महिलाओं की भागीदारी जितनी मजबूत होगी, देश उतनी तेजी से प्रगति करेगा।

कार्यक्रम में शिक्षकों और छात्राओं की सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में कॉलेज की वार्डन माटिल्डा तिर्की ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए महिलाओं को एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना बनाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों को भी समझते हुए समाज में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

इस अवसर पर कॉलेज के एकेडमिक इंचार्ज अल्बीना टोपनो, व्याख्याता अमृता लवली जोजो, अतिथि व्याख्याता रविन्द्र वर्मा, ट्यूटर खुशबू कुमारी, सरिता कैथा, मटिल्दा तिर्की सहित अन्य शिक्षक और सभी छात्राएं मौजूद थीं।

कार्यक्रम का संचालन जीएनएम तृतीय वर्ष की छात्रा आरती कुमारी ने किया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया।

न्यूज़ देखो: महिला सशक्तिकरण की दिशा में शिक्षा संस्थानों की अहम भूमिका

मदर तेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग बानो में आयोजित यह कार्यक्रम बताता है कि शिक्षा संस्थान केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सशक्तिकरण का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनते जा रहे हैं। महिला दिवस जैसे अवसर युवा छात्राओं को प्रेरणा और आत्मविश्वास देने का काम करते हैं। जब शिक्षकों और छात्राओं के बीच इस तरह की सकारात्मक चर्चा होती है तो समाज में बदलाव की मजबूत नींव तैयार होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आत्मविश्वास और एकता से बनेगा सशक्त समाज

महिलाएं समाज की शक्ति हैं और उनकी भागीदारी के बिना किसी भी राष्ट्र की प्रगति अधूरी है। आज जरूरत है कि हर महिला अपने अधिकारों को जाने, शिक्षा को अपनाए और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़े।

जब महिलाएं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती हैं तो परिवार, समाज और देश तीनों मजबूत बनते हैं। नई पीढ़ी की बेटियों को प्रेरणा देना और उन्हें अवसर प्रदान करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस महिला दिवस के संदेश को केवल एक दिन तक सीमित न रखें बल्कि इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।

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Written by

बानो, सिमडेगा

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