गढ़वाटांड में सीता नवमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, भजन-कीर्तन और प्रवचन से गूंजा माहौल

गढ़वाटांड में सीता नवमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, भजन-कीर्तन और प्रवचन से गूंजा माहौल

author Akram Ansari
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#लातेहार #धार्मिक_उत्सव : श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया सीता नवमी पर्व।

लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत गढ़वाटांड में रविवार को सीता नवमी का पर्व धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और प्रवचन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में माता सीता के जीवन आदर्शों को याद करते हुए समाज को प्रेरित करने का प्रयास किया गया। यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना।

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  • गढ़वाटांड, बरवाडीह में धूमधाम से मनाया गया सीता नवमी उत्सव।
  • भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना में श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी।
  • श्यामली शर्मा ने माता सीता के आदर्शों पर दिया प्रेरक संदेश।
  • महिलाओं ने जीवन में आदर्श अपनाने का लिया संकल्प।
  • कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण से भक्तिमय माहौल।

लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड स्थित गढ़वाटांड गांव में रविवार को सीता नवमी का पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने एकत्रित होकर पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचनों में भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालु माता सीता के आदर्शों को स्मरण करते नजर आए।

भजन-कीर्तन और पूजा से गूंजा गढ़वाटांड

कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसके बाद भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने माता सीता के भक्ति गीतों के माध्यम से पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। महिलाओं की विशेष भागीदारी ने आयोजन को और अधिक गरिमामय बना दिया।

माता सीता के आदर्शों पर हुआ प्रवचन

कार्यक्रम के दौरान मातृशक्ति की प्रखंड संयोजिका श्यामली शर्मा ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित किया और माता सीता के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंग साझा किए।

श्यामली शर्मा ने कहा: “माता सीता भारतीय संस्कृति में आदर्श नारी की प्रतीक हैं। उनके जीवन से हमें कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, संयम और धर्म का पालन करने की प्रेरणा मिलती है।”

उन्होंने कहा कि आज के समय में माता सीता के आदर्शों को अपनाना समाज को सही दिशा देने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

महिलाओं ने लिया संकल्प

इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं ने माता सीता के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। उन्होंने समाज में नैतिकता, मर्यादा और संस्कारों को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया। यह आयोजन महिलाओं के सशक्तिकरण और सांस्कृतिक जागरूकता का भी प्रतीक बनकर सामने आया।

प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का भाव देखने को मिला। आयोजन के सफल संचालन में स्थानीय महिलाओं और समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

बड़ी संख्या में महिलाएं रहीं उपस्थित

इस धार्मिक आयोजन में अर्चना कुमारी, गीता सिंह, सीमा देवी, रेखा देवी, पूनम देवी, रूपल, निक्की, रूपा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं और कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाई।

न्यूज़ देखो: परंपरा से प्रेरणा तक

गढ़वाटांड में सीता नवमी का यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को मूल्यों और संस्कारों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। माता सीता के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं, खासकर उस समय जब समाज में नैतिकता और धैर्य की जरूरत पहले से अधिक महसूस की जा रही है। ऐसे आयोजन न केवल आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का कार्य भी करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आस्था के साथ संस्कारों को भी अपनाएं

धार्मिक पर्व हमें सिर्फ पूजा का अवसर नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी दिखाते हैं।
माता सीता के आदर्श हमें हर परिस्थिति में मजबूत और संयमित रहने की सीख देते हैं।
जरूरत है कि हम इन मूल्यों को अपने जीवन में उतारें और समाज को बेहतर बनाएं।
ऐसे आयोजनों में भाग लेकर हम अपनी संस्कृति को जीवित रख सकते हैं।

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Written by

बरवाडीह, लातेहार

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