
#पेटरवार #हादसा : रामनवमी पर झंडा खड़ा करते समय हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए सात लोग।
बोकारो जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र में रामनवमी के दौरान महावीरी झंडा खड़ा करते समय बड़ा हादसा हो गया। झंडा 132 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया, जिससे सात लोग झुलस गए। सभी घायलों को पहले जारंगडीह अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल रेफर किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।
- पेटरवार थाना क्षेत्र के खेतको शिव मंदिर के पास हादसा।
- महावीरी झंडा 132 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आया।
- हादसे में 7 लोग झुलसे, सभी अस्पताल में भर्ती।
- घायलों को जारंगडीह से बोकारो जनरल अस्पताल रेफर किया गया।
- प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, इलाज का आश्वासन दिया।
- सभी घायल फिलहाल खतरे से बाहर, लेकिन गंभीर रूप से झुलसे।
रामनवमी के पावन अवसर पर बोकारो जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र में एक बड़ा हादसा हो गया, जब महावीरी झंडा खड़ा करने के दौरान वह 132 केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। इस घटना में सात लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना खेतको स्थित शिव मंदिर के पास हुई, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण पारंपरिक आयोजन में शामिल थे।
कैसे हुआ हादसा
ग्रामीणों के अनुसार, रामनवमी के अवसर पर परंपरा के तहत महावीरी झंडा खड़ा किया जा रहा था। इसी दौरान झंडा पास से गुजर रही 132 केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे तेज करंट फैल गया और पास खड़े लोग उसकी चपेट में आ गए।
इस अचानक हुए हादसे से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।
सात लोग झुलसे, अस्पताल में भर्ती
इस हादसे में कुल सात लोग झुलस गए, जिनमें सुरेंद्र सिंह (36), गुलाबचंद दास (28), मिथुन ठाकुर (30), अनिल रविदास (40), मदन कुमार नायक, शुभम रविदास (24) और रुद्र रविदास (15) शामिल हैं।
सभी घायलों को तत्काल जारंगडीह स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल रेफर कर दिया गया।
डॉक्टरों ने दी जानकारी
चिकित्सकों के अनुसार सभी घायल फिलहाल खतरे से बाहर हैं, लेकिन उनके शरीर के कई हिस्से बुरी तरह झुलस गए हैं। अस्पताल में उनका इलाज जारी है और डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
चिकित्सकों ने बताया: “सभी मरीजों की हालत स्थिर है, लेकिन झुलसने के कारण उन्हें विशेष देखभाल की जरूरत है।”
प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे अस्पताल
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक, एसडीएम और एसडीपीओ अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। अधिकारियों ने परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
प्रशासन ने कहा कि सभी घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस हादसे के बाद आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हाईटेंशन लाइन के पास इस तरह के आयोजन में पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने को लेकर स्थानीय लोग चिंतित हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों में बिजली लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना और प्रशासनिक निगरानी जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
न्यूज़ देखो: परंपरा के साथ सुरक्षा भी जरूरी
पेटरवार की यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि धार्मिक परंपराओं के साथ सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन और आयोजन समिति दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसे आयोजनों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए। क्या इस घटना के बाद सुरक्षा नियमों को और कड़ा किया जाएगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सावधानी ही सुरक्षा की कुंजी
त्योहारों में उत्साह और आस्था के साथ-साथ सतर्कता भी उतनी ही जरूरी होती है। एक छोटी सी चूक कई जिंदगियों को खतरे में डाल सकती है, जैसा कि इस घटना में देखने को मिला।
आइए, हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि किसी भी आयोजन में सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। जीवन अनमोल है, इसे सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
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