#डुमरी #बिजली_व्यवस्था : जर्जर बिजली ढांचे के निरीक्षण से ग्रामीणों में सुधार की उम्मीद जगी।
गिरिडीह के डुमरी प्रखंड क्षेत्र में लंबे समय से जर्जर बिजली तार और पोल की समस्या को लेकर झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन की पहल रंग लाती दिखाई दे रही है। यूनियन नेताओं द्वारा बिजली विभाग के महाप्रबंधक से वार्ता के बाद विभागीय टीम ने कई गांवों में पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जर्जर तार और पोल की स्थिति का आकलन किया गया, जिससे जल्द सुधार की उम्मीद बढ़ी है।
- चेतलाल महतो और गंगाधर महतो के प्रयास से बिजली विभाग ने गांवों का निरीक्षण किया।
- रांगामाटी, लक्ष्मण टुंडा, नाथडीह, मटियों बेडा और कुलगो में जर्जर बिजली ढांचे की जांच हुई।
- बिजली विभाग और कंपनी ठेकेदार की टीम ने मौके पर स्थिति का जायजा लिया।
- ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से जर्जर तार और पोल की शिकायतें उठती रही हैं।
- यूनियन पदाधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों का सहयोग किया।
- निरीक्षण के बाद ग्रामीणों को बिजली व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है।
डुमरी प्रखंड के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में जर्जर बिजली तारों और खस्ताहाल बिजली पोल की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी। इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया। शनिवार को बिजली विभाग के महाप्रबंधक के साथ हुई वार्ता के बाद सोमवार को विभागीय टीम और कंपनी ठेकेदार के प्रतिनिधि प्रभावित गांवों में पहुंचे तथा बिजली व्यवस्था का निरीक्षण किया।
ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर बिजली के तार काफी पुराने और जर्जर हो चुके हैं, जबकि कई पोल भी क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विभागीय निरीक्षण से लोगों में राहत और उम्मीद का माहौल बना है।
यूनियन की पहल के बाद हरकत में आया विभाग
झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन के केंद्रीय संरक्षक एवं पूर्व ऊर्जा मंत्री स्वर्गीय लालचंद महतो के अनुज चेतलाल महतो तथा यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया। दोनों नेताओं ने बिजली विभाग के महाप्रबंधक से मुलाकात कर ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं से अवगत कराया।
वार्ता के दौरान जर्जर बिजली तार, टूटे हुए पोल और खराब विद्युत संरचना से ग्रामीणों को होने वाली परेशानियों पर चर्चा की गई। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण करने का निर्णय लिया।
कई गांवों में किया गया स्थलीय निरीक्षण
बिजली विभाग और विभागीय कंपनी ठेकेदार की टीम ने क्षेत्र के कई गांवों में पहुंचकर बिजली व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान रांगामाटी, लक्ष्मण टुंडा, नाथडीह, मटियों बेडा और कुलगो गांवों में जर्जर तारों तथा बिजली पोल की स्थिति की जांच की गई।
अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर मौजूद तकनीकी समस्याओं का अवलोकन किया और आवश्यक सुधार कार्यों की संभावनाओं पर चर्चा की। ग्रामीणों ने भी मौके पर अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।
ग्रामीणों को है त्वरित कार्रवाई की उम्मीद
निरीक्षण के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही बिजली विभाग आवश्यक मरम्मत और प्रतिस्थापन का कार्य शुरू करेगा। कई गांवों में पुराने तार और कमजोर पोल वर्षों से दुर्घटना का कारण बनने की आशंका पैदा कर रहे हैं।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते जर्जर ढांचे को बदला जाता है तो न केवल बिजली आपूर्ति बेहतर होगी बल्कि संभावित हादसों को भी रोका जा सकेगा।
बड़ी संख्या में यूनियन पदाधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन के कई पदाधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में यूनियन के केंद्रीय कोषाध्यक्ष नुनूचंद महतो, केंद्रीय उपाध्यक्ष भगतु रविदास उर्फ रवि कुमार, केंद्रीय महासचिव एवं भारतीय लघु उद्योग वाणिज्य मंडल (ICCSCWE) झारखंड प्रदेश महासचिव रवींद्र कुमार, प्रखंड सचिव भुवनेश्वर रविदास, प्रखंड महासचिव भोला मिस्त्री, प्रखंड कोषाध्यक्ष अजित कुमार, विश्वनाथ महतो, सुनील महतो, नुनूचंद महतो, शेखर साहु तथा ननदु मिस्त्री समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
इन सभी ने विभागीय अधिकारियों को क्षेत्र की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया और आवश्यक सुधार कार्यों की मांग रखी।
बिजली व्यवस्था सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली से जुड़ी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए यह निरीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से चली आ रही शिकायतों के बाद विभागीय टीम का मौके पर पहुंचना स्थानीय लोगों के लिए सकारात्मक संकेत है।
यूनियन नेताओं का कहना है कि जब तक क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु नहीं हो जाती, तब तक वे इस मुद्दे को लगातार उठाते रहेंगे। उनका उद्देश्य ग्रामीणों को बेहतर और सुरक्षित बिजली सुविधा उपलब्ध कराना है।
क्षेत्र के विकास से जुड़ा है बिजली का मुद्दा
ग्रामीण विकास में बिजली की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जर्जर तार और पोल न केवल आपूर्ति को प्रभावित करते हैं बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते हैं। ऐसे में समय पर निरीक्षण और सुधार कार्य क्षेत्र के विकास में अहम योगदान दे सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली अवसंरचना के नियमित रखरखाव से दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिलती है। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक और सुरक्षित बिजली व्यवस्था की मांग लगातार बढ़ रही है।
न्यूज़ देखो: जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल
डुमरी क्षेत्र में जर्जर बिजली व्यवस्था को लेकर उठी आवाज का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। यूनियन के प्रयासों के बाद विभागीय निरीक्षण यह दर्शाता है कि जनहित के मुद्दों को संगठित रूप से उठाने पर समाधान की दिशा में प्रगति संभव है। हालांकि निरीक्षण के बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण सुधार कार्यों का है, जिस पर अब सभी की नजर रहेगी। यदि विभाग शीघ्र कार्रवाई करता है तो हजारों ग्रामीणों को राहत मिल सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक नागरिक और संगठित प्रयास ही बदलाव की ताकत हैं
जब समाज अपनी समस्याओं को एकजुट होकर उठाता है, तब समाधान की राह आसान होती है। बिजली, सड़क, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं और इनके लिए सजग रहना जरूरी है।
अपने गांव और क्षेत्र की समस्याओं के प्रति जागरूक बनें, सकारात्मक पहल का समर्थन करें और जनहित के मुद्दों को जिम्मेदारी के साथ उठाएं। आपकी सक्रिय भागीदारी ही बेहतर विकास की नींव रखती है।
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