
#बरवाडीह #अवैध_भट्ठा : बिना अनुमति संचालित ईंट भट्ठों पर कार्रवाई, 27 मार्च को पेश होने का निर्देश।
लातेहार के बरवाडीह प्रखंड में अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। अंचल कार्यालय ने 35 लोगों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। आरोप है कि बिना पर्यावरणीय अनुमति और वैध दस्तावेजों के भट्ठों का संचालन किया जा रहा है। प्रशासन ने 27 मार्च 2026 को उपस्थित होकर कागजात प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
- बरवाडीह प्रखंड में अवैध ईंट भट्ठों पर प्रशासन सख्त।
- 35 संचालकों को नोटिस जारी कर मांगा गया जवाब।
- बिना पर्यावरणीय अनुमति और दस्तावेज के संचालन का आरोप।
- 27 मार्च 2026, सुबह 11 बजे कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश।
- उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड में लंबे समय से चल रहे अवैध ईंट भट्ठों के संचालन पर अब प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अंचल कार्यालय की ओर से 35 भट्ठा संचालकों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया गया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की उम्मीद जताई जा रही है।
बिना अनुमति संचालित हो रहे थे भट्ठे
प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बरवाडीह के विभिन्न गांवों में बिना वैध अनुमति के ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है। जांच में यह सामने आया कि कई संचालक बिना आवश्यक कागजात और पर्यावरणीय मंजूरी के ही भट्ठे चला रहे हैं।
इन भट्ठों में कोयले का उपयोग भी बिना वैध दस्तावेजों के किया जा रहा था, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
पर्यावरण और स्वास्थ्य पर असर
अवैध ईंट भट्ठों से निकलने वाला धुआं आसपास के गांवों में प्रदूषण फैला रहा है। इससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि धुएं के कारण सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं और वातावरण भी दूषित हो रहा है।
प्रशासन का सख्त निर्देश
अंचल अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में सभी संबंधित लोगों को निर्देश दिया गया है कि वे 27 मार्च 2026 को सुबह 11:00 बजे अंचल कार्यालय में उपस्थित होकर अपने सभी वैध कागजात प्रस्तुत करें।
यदि निर्धारित तिथि पर कोई संचालक उपस्थित नहीं होता है या संतोषजनक जवाब नहीं देता है, तो उसके खिलाफ झारखंड खनन एवं माइनिंग एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व हानि का भी मामला
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अवैध भट्ठों के कारण सरकार को राजस्व की भी हानि हो रही है। बिना लाइसेंस और अनुमति के संचालन से न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि सरकारी आय पर भी असर पड़ रहा है।
इसलिए इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाना जरूरी हो गया है।
ग्रामीणों में जगी उम्मीद
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में अवैध भट्ठों का संचालन हो रहा था, लेकिन अब प्रशासन की इस कार्रवाई से उन्हें राहत की उम्मीद जगी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस कार्रवाई को लगातार जारी रखा जाए, ताकि भविष्य में भी कोई अवैध गतिविधि न हो सके।
आगे की कार्रवाई पर नजर
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि क्षेत्र में अवैध कार्यों के लिए अब कोई जगह नहीं है।
न्यूज़ देखो: सख्ती जरूरी, लेकिन निरंतर निगरानी भी उतनी ही अहम
बरवाडीह में अवैध ईंट भट्ठों के खिलाफ उठाया गया यह कदम सराहनीय है, लेकिन इसे एक बार की कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। जब तक नियमित निगरानी और कड़ी कार्रवाई जारी नहीं रहेगी, तब तक ऐसी गतिविधियां दोबारा शुरू हो सकती हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह पारदर्शिता के साथ कार्रवाई को आगे बढ़ाए और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वच्छ पर्यावरण के लिए जागरूक बनें और आवाज उठाएं
स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ पर्यावरण बेहद जरूरी है। यदि आपके आसपास कोई अवैध गतिविधि या प्रदूषण फैलाने वाली व्यवस्था दिखे, तो उसके खिलाफ आवाज उठाना आपकी जिम्मेदारी है।
जागरूक रहें, प्रशासन को सहयोग करें और अपने क्षेत्र को सुरक्षित व स्वच्छ बनाने में भागीदार बनें। अपनी राय कमेंट में साझा करें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाएं।


