#लातेहार #शिक्षा_नियंत्रण : डीसी की बैठक—फीस, सुरक्षा और गुणवत्ता पर सख्त निर्देश जारी।
लातेहार में उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने निजी स्कूलों के साथ बैठक कर अवैध शुल्क वसूली पर सख्त चेतावनी दी। स्कूलों को 10 अप्रैल तक शुल्क समिति बनाने का निर्देश दिया गया। शिक्षा गुणवत्ता, सुरक्षा और पारदर्शिता पर भी जोर दिया गया। शिकायत के लिए जन सेतु हेल्पलाइन जारी की गई।
- उत्कर्ष गुप्ता (उपायुक्त) ने निजी स्कूलों के साथ बैठक की।
- अवैध शुल्क वसूली पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी।
- 10 अप्रैल तक शुल्क समिति गठन अनिवार्य।
- स्कूल वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी।
- अभिभावकों के लिए जन सेतु हेल्पलाइन जारी।
लातेहार जिले में निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता की अध्यक्षता में जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता, फीस संरचना, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य निजी विद्यालयों में मनमानी पर अंकुश लगाना और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करना था।
अवैध फीस वसूली पर सख्त रुख
बैठक के दौरान उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी स्थिति में अवैध या अतिरिक्त शुल्क वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने कहा: “फीस के नाम पर मनमानी करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
उन्होंने सभी स्कूलों को 10 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से शुल्क समिति का गठन कर उसकी जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
जन सेतु पोर्टल के माध्यम से शिकायत
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी विद्यालयों में ‘जन सेतु पोर्टल’ का हेल्पलाइन नंबर 6287399707 प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाए, ताकि अभिभावक अपनी शिकायत सीधे दर्ज करा सकें।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि यदि उनसे किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क मांगा जाए, तो इसकी सूचना तुरंत दें।
शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर जोर
बैठक में उपायुक्त ने विद्यालयों को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि केवल पाठ्यक्रम पूरा करना ही नहीं, बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व विकास पर भी काम करना जरूरी है।
दोहरी नामांकन पर कार्रवाई
उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी छात्र का नाम दो विद्यालयों में पाया गया, तो संबंधित स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन व्यवस्था पर सख्ती
स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए। वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर रोक लगाई गई है।
उपायुक्त ने कहा: “बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।”
अग्नि सुरक्षा और स्वच्छ जल की व्यवस्था
विद्यालयों को अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करने और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
डिजिटल डेटा और पारदर्शिता
उपायुक्त ने यू-डायस (UDISE) सहित अन्य पोर्टलों पर समय पर डेटा अपलोड करने, स्टूडेंट आईडी जनरेट करने और विद्यालय प्रबंधन में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया।
री-एडमिशन फीस पर रोक
उन्होंने स्पष्ट किया कि री-एडमिशन के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है। शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों और शिक्षकों की उपस्थिति
बैठक में उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक गौतम कुमार साहू, जिला परिवहन पदाधिकारी उमेश मंडल, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. चंदन सहित सभी निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की पहल
यह बैठक जिले में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
न्यूज़ देखो: शिक्षा में अनुशासन जरूरी
लातेहार की यह बैठक दिखाती है कि निजी स्कूलों में मनमानी रोकने के लिए प्रशासन सक्रिय है। लेकिन असली चुनौती इन निर्देशों को जमीन पर लागू करने की है। क्या अब फीस नियंत्रण और गुणवत्ता सुधार वास्तव में दिखेगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शिक्षा को बनाएं पारदर्शी और जिम्मेदार
बच्चों का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण है।
जरूरी है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता हो।
अभिभावकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
आइए, हम बेहतर शिक्षा के लिए मिलकर प्रयास करें।
अगर आप भी किसी समस्या का सामना कर रहे हैं तो आवाज उठाएं।
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