मंईयां सम्मान योजना सत्यापन में लापरवाही पर प्रशासन सख्त, कर्मियों से मांगा जवाब

मंईयां सम्मान योजना सत्यापन में लापरवाही पर प्रशासन सख्त, कर्मियों से मांगा जवाब

author Jitendra Giri
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#खलारी #मंईयां_सम्मान : सत्यापन में अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

रांची जिले के खलारी प्रखंड में झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों के सत्यापन कार्य में लापरवाही को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। चूरी दक्षिणी पंचायत से शिकायत मिलने के बाद संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रशासन ने सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं पंचायत स्तर के कर्मियों को घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अनियमितता मिलने पर विधि सम्मत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

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  • खलारी प्रखंड प्रशासन ने सत्यापन कार्य में सख्ती बढ़ाई।
  • चूरी दक्षिणी पंचायत से मिली शिकायत के बाद कार्रवाई शुरू।
  • संबंधित प्रज्ञा केंद्र संचालक एवं आंगनबाड़ी सेविका से मांगा गया स्पष्टीकरण।
  • लाभुकों का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करने का निर्देश।
  • लापरवाही या अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी।
  • पंचायत स्तर पर कई विभागीय कर्मियों की लगाई गई ड्यूटी।

झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों के सत्यापन कार्य को लेकर खलारी प्रखंड प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और फर्जीवाड़े की संभावना समाप्त हो, इसे लेकर प्रशासन द्वारा पंचायत स्तर पर वार्षिक भौतिक सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसी बीच चूरी दक्षिणी पंचायत से मिली शिकायत के बाद प्रशासन ने संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रणव अंभष्ट ने स्पष्ट कहा है कि सत्यापन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित कर्मियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया है।

पंचायत स्तर पर चल रहा सत्यापन अभियान

प्रखंड प्रशासन की ओर से सभी पंचायतों में योजना से जुड़े लाभुकों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। इसके लिए पंचायत स्तर पर मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत सचिव और आंगनबाड़ी सेविकाओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ वास्तविक पात्र लाभुकों तक पहुंचे और अपात्र लोगों को सूची से हटाया जा सके। इसके तहत लाभुकों के घर-घर जाकर उनकी स्थिति का सत्यापन किया जा रहा है।

शिकायत के बाद प्रशासन ने दिखाई सख्ती

प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रणव अंभष्ट ने बताया कि चूरी दक्षिणी पंचायत से प्रज्ञा केंद्र संचालक एवं आंगनबाड़ी सेविका की कार्यशैली को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में अनियमितता या लापरवाही की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रणव अंभष्ट ने कहा: “सत्यापन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी कर्मियों को सक्रिय रहकर लाभुकों का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है।”

घर-घर जाकर सत्यापन करने का निर्देश

प्रशासन की ओर से सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं और संबंधित कर्मियों को क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। लाभुकों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित की जा रही है।

इसके अलावा पंचायत सचिवों को भी निर्देश दिया गया है कि वे सत्यापन कार्य की नियमित निगरानी करें और समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।

योजना की पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर

मंईयां सम्मान योजना राज्य सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल है। ऐसे में प्रशासन योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने को लेकर गंभीर दिखाई दे रहा है।

प्रशासन का मानना है कि यदि सत्यापन प्रक्रिया सही ढंग से पूरी होगी, तभी वास्तविक लाभुकों को समय पर योजना का लाभ मिल सकेगा और फर्जी दावों पर रोक लग पाएगी।

कर्मियों को दी गई चेतावनी

प्रखंड प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि कार्य में कोताही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि योजना से जुड़े कार्यों में जवाबदेही और पारदर्शिता अनिवार्य है।

साथ ही संबंधित कर्मियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे लाभुकों से सम्मानजनक व्यवहार करें और सत्यापन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करें।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी प्रशासनिक गतिविधि

सत्यापन अभियान के चलते पंचायतों और गांवों में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। लाभुकों के दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ उनकी पात्रता का भी आकलन किया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि सत्यापन निष्पक्ष तरीके से किया गया तो योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचेगा और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी।

न्यूज़ देखो: योजनाओं की सफलता के लिए जरूरी है पारदर्शी व्यवस्था

सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है जब सत्यापन प्रक्रिया ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ पूरी की जाए। खलारी प्रशासन द्वारा लापरवाही पर सख्ती दिखाना सकारात्मक कदम माना जा सकता है। अब जरूरी है कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि योजनाओं पर जनता का भरोसा मजबूत बना रहे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक नागरिक बनें, योजनाओं की निगरानी में भागीदारी निभाएं

सरकारी योजनाएं समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिए बनाई जाती हैं। इसलिए यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि योजनाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।

यदि आपके क्षेत्र में भी किसी योजना में गड़बड़ी या लापरवाही दिखे तो जिम्मेदारी के साथ आवाज उठाएं। अपनी राय कमेंट करें, खबर को साझा करें और जागरूकता फैलाकर व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग दें।

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Written by

खलारी, रांची

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