लातेहार में स्ट्रीट फूड पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, गंदगी और मिलावट पर सख्त चेतावनी

लातेहार में स्ट्रीट फूड पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, गंदगी और मिलावट पर सख्त चेतावनी

author News देखो Team
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#लातेहार #खाद्य_सुरक्षा : स्ट्रीट फूड विक्रेताओं पर जांच—गंदगी और मिलावट पर सख्ती बरती गई।

लातेहार जिले में आम लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 30 अप्रैल 2026 को खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया। उपायुक्त संदीप कुमार के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें कई स्थानों पर गंदगी, खुले खाद्य पदार्थ और मिलावटी सामग्री पाई गई। अधिकारियों ने नियमों के पालन के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। यह अभियान जनस्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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  • 30 अप्रैल 2026 को लातेहार में चला विशेष जांच अभियान।
  • उपायुक्त संदीप कुमार के निर्देश पर कार्रवाई।
  • डॉ. मोईन अख्तर के नेतृत्व में टीम ने की जांच।
  • खुले में रखे समोसे, पकौड़ी, जलेबी पाए गए।
  • कई विक्रेता बिना एप्रन, ग्लव्स और हेड कवर के मिले।
  • चाट में औद्योगिक रंगों के उपयोग का मामला सामने आया।

लातेहार में हालिया घटनाओं और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। 30 अप्रैल 2026 को खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर के विभिन्न हिस्सों में ठेला-खोमचा संचालकों की जांच की। इस दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिससे साफ है कि नियमों की अनदेखी लंबे समय से जारी थी। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जांच अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

उपायुक्त संदीप कुमार के निर्देश पर यह अभियान शुरू किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना है। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. मोईन अख्तर के नेतृत्व में टीम ने लातेहार शहरी क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में जाकर विक्रेताओं की जांच की।

डॉ. मोईन अख्तर ने कहा: “लोगों की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी विक्रेताओं को नियमों का पालन करना अनिवार्य है।”

खुले में खाद्य सामग्री रखने पर आपत्ति

जांच के दौरान कई जगहों पर समोसे, पकौड़ी और जलेबी जैसे खाद्य पदार्थ खुले में रखे मिले। यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा मानी जाती है, क्योंकि इससे खाद्य सामग्री धूल, कीटाणुओं और प्रदूषण के संपर्क में आ जाती है।

अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी खाद्य सामग्री को जालीदार ढक्कन या शीशे के कैबिनेट में सुरक्षित रखा जाए। यह न केवल स्वच्छता बनाए रखने के लिए जरूरी है, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए भी आवश्यक है।

स्वच्छता मानकों की अनदेखी

अभियान के दौरान यह भी देखा गया कि कई विक्रेता बिना एप्रन, हेड कवर और ग्लव्स के ही खाना बना रहे थे। व्यक्तिगत स्वच्छता के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था, जो संक्रमण फैलने का बड़ा कारण बन सकता है।

अधिकारियों ने निर्देश दिया कि सभी विक्रेता:

  • साफ पानी, विशेषकर आरओ जल का उपयोग करें
  • खाना बनाते समय सुरक्षा उपकरण पहनें
  • कचरा निपटान के लिए ढक्कनदार डस्टबिन का इस्तेमाल करें

मिलावटी रंगों का उपयोग, गंभीर खतरा

जांच के दौरान सबसे चिंताजनक बात यह सामने आई कि कुछ विक्रेता चाट में औद्योगिक रंगों का उपयोग कर रहे थे। यह रंग खाद्य उपयोग के लिए मान्य नहीं होते और लंबे समय तक सेवन करने से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

अधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा: “औद्योगिक रंगों का सेवन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। केवल एफएसएसएआई द्वारा प्रमाणित रंगों का ही उपयोग किया जाए।”

संबंधित विक्रेताओं को मौके पर ही कड़ी चेतावनी दी गई और भविष्य में सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की बात कही गई।

बिना सुधार के होगी कड़ी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल एक बार की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसे लगातार जारी रखा जाएगा। यदि अगली जांच में सुधार नहीं पाया गया, तो संबंधित विक्रेताओं पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस अभियान में खाद्य सुरक्षा कार्यालय की सुश्री शहनाज खातून भी उपस्थित रहीं और उन्होंने निरीक्षण कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई।

आम लोगों की सेहत से जुड़ा मुद्दा

स्ट्रीट फूड आम लोगों की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसमें स्वच्छता और गुणवत्ता की अनदेखी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। इस अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लापरवाही अब और नहीं चलेगी।

न्यूज़ देखो: लापरवाही पर सख्ती जरूरी, लेकिन निगरानी भी हो निरंतर

लातेहार में चलाया गया यह अभियान प्रशासन की सजगता को दर्शाता है, लेकिन यह भी सवाल उठाता है कि इतनी बड़ी लापरवाही पहले क्यों नजरअंदाज होती रही। स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की जिम्मेदारी जितनी है, उतनी ही प्रशासन की नियमित निगरानी भी जरूरी है। अगर ऐसे अभियान समय-समय पर होते रहें, तो खाद्य सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहतर हो सकती है। अब देखना होगा कि चेतावनी के बाद कितने विक्रेता वास्तव में सुधार करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक बनें, सुरक्षित रहें

स्वास्थ्य सबसे बड़ी संपत्ति है और इसे सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
अगर हम सतर्क रहेंगे, तभी मिलावटी और असुरक्षित भोजन पर रोक लगाई जा सकेगी।
गलत दिखे तो आवाज उठाएं, क्योंकि आपकी चुप्पी किसी और की परेशानी बन सकती है।
स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग करें और नियमों का पालन सुनिश्चित करवाएं।

आपकी छोटी सी जागरूकता बड़ी बदलाव ला सकती है।
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, इस खबर को अपने दोस्तों तक पहुंचाएं और सुरक्षित भोजन के प्रति जागरूकता फैलाने में अपना योगदान दें।

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