#महुआडांड़ #भ्रष्टाचार_मामला : अक्सी पंचायत में निर्माण विवाद—कमजोर ईंट से बने भवन पर उठे सवाल।
लातेहार के महुआडांड़ प्रखंड के चेतमा गांव में आंगनबाड़ी भवन निर्माण में अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने घटिया सामग्री और बिना निरीक्षण के निर्माण का आरोप लगाया है। भवन की मजबूती पर सवाल उठाए गए हैं। प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
- चेतमा गांव में आंगनबाड़ी भवन निर्माण पर विवाद।
- घटिया बंगला ईंट के उपयोग का आरोप।
- भवन की मजबूती पर गंभीर सवाल।
- अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत का आरोप।
- ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग की।
लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत अक्सी पंचायत के चेतमा गांव में आंगनबाड़ी भवन निर्माण को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। लाखों रुपये की लागत से बने इस भवन में घटिया सामग्री के उपयोग और निर्माण मानकों की अनदेखी के आरोप लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह भवन बच्चों के उपयोग के लिए बनाया गया है, लेकिन इसकी गुणवत्ता इतनी खराब है कि यह उनके लिए खतरा बन सकता है।
घटिया सामग्री से निर्माण का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, भवन निर्माण में उपयोग की गई बंगला ईंट अत्यंत कमजोर है, जो हल्के दबाव में ही टूट जा रही है।
एक ग्रामीण ने कहा: “ईंट इतनी कमजोर है कि हाथ से ही टूट जा रही है।”
इससे भवन की मजबूती और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान किसी भी विभागीय अधिकारी ने स्थल निरीक्षण नहीं किया।
ग्रामीणों ने कहा: “कागजों पर काम पूरा दिखाकर ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया।”
सरकारी राशि में गड़बड़ी की आशंका
इस मामले में लाखों रुपये की सरकारी राशि के दुरुपयोग और बंदरबांट की आशंका जताई जा रही है।
बच्चों के लिए बना खतरा
आंगनबाड़ी भवन बच्चों के उपयोग के लिए बनाया गया है, लेकिन कमजोर निर्माण के कारण यह कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
एक महिला ने कहा: “हम अपने बच्चों को ऐसे भवन में भेजने से डर रहे हैं।”
दीवार और छत पर खतरे की आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि भवन में दीवारों और छत में दरार पड़ने या गिरने का खतरा बना हुआ है।
प्रशासन से जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने दोषी ठेकेदार और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
भुगतान रोकने की अपील
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि निर्माण कार्य का भुगतान तत्काल रोका जाए, जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती।
योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल
यह मामला सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और निगरानी की कमी को उजागर करता है।
क्षेत्र में आक्रोश
इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और वे जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
न्यूज़ देखो: विकास योजनाओं में पारदर्शिता जरूरी
महुआडांड़ का यह मामला दिखाता है कि यदि निगरानी नहीं हो, तो योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ सकती हैं। अब प्रशासन के लिए जरूरी है कि दोषियों पर कार्रवाई कर भरोसा बहाल करे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं
सरकारी योजनाएं जनता के लिए होती हैं।
जरूरी है कि उनका सही उपयोग हो।
अगर कहीं गड़बड़ी हो, तो आवाज उठाना जरूरी है।
आइए, हम पारदर्शी व्यवस्था की मांग करें।
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