गढ़वा के युवाओं को मत्स्य पालन से मिलेगा रोजगार, शालीमार प्रशिक्षण केंद्र में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

गढ़वा के युवाओं को मत्स्य पालन से मिलेगा रोजगार, शालीमार प्रशिक्षण केंद्र में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

author Shashi Bhushan Mehta
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#गढ़वा #मत्स्य_प्रशिक्षण : रांची में प्रशिक्षण—वैज्ञानिक तकनीक से आत्मनिर्भरता पर जोर।

गढ़वा के 100 मत्स्य कृषकों को रांची के शालीमार प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में मत्स्य बीज उत्पादन और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। चयन ब्लॉक चेन पोर्टल से किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।

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  • 100 मत्स्य कृषकों का प्रशिक्षण रांची में शुरू।
  • चयन ब्लॉक चेन पोर्टल के माध्यम से
  • मत्स्य बीज उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक सिखाई जा रही
  • प्रशिक्षण से आय बढ़ाने का लक्ष्य
  • गढ़वा को मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की पहल

गढ़वा जिले के युवाओं और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मत्स्य किसान प्रशिक्षण संस्थान, शालीमार (रांची) में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। जिला मत्स्य कार्यालय, गढ़वा द्वारा चयनित 100 मत्स्य कृषकों का दल इस प्रशिक्षण में भाग ले रहा है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मत्स्य पालन को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना है।

पारदर्शी चयन प्रक्रिया

प्रशिक्षण के लिए चयनित सभी 100 अभ्यर्थियों का चयन ब्लॉक चेन पोर्टल के माध्यम से किया गया है, जिससे प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही।

एक अधिकारी ने कहा: “पारदर्शी चयन से योग्य लोगों को सही अवसर मिलता है।”

आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को—

  • मत्स्य बीज उत्पादन की वैज्ञानिक पद्धति
  • हैचरी प्रबंधन
  • जल शुद्धिकरण तकनीक

की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

प्रगतिशील किसानों की भागीदारी

इस प्रशिक्षण में शशि भूषण, अभय कुमार सिंह, राम नरेश प्रजापति, आर.वी. सिंह और राजेश चौधरी जैसे प्रगतिशील किसान भी शामिल हैं।

शशि भूषण ने कहा: “इस प्रशिक्षण से हमारी आय बढ़ाने का रास्ता खुल रहा है।”

स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा

इस पहल का मुख्य उद्देश्य गढ़वा जिले में ही उन्नत मत्स्य बीज का उत्पादन करना है, ताकि किसानों को बाहरी राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़े।

आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

यह प्रशिक्षण युवाओं और किसानों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रहा है, जिससे वे अपनी आय बढ़ा सकें।

निरंतर प्रशिक्षण की व्यवस्था

संस्थान में हर महीने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे अब तक हजारों युवक-युवतियां लाभान्वित हो चुके हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

इस पहल से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

युवाओं में उत्साह

इस प्रशिक्षण को लेकर प्रतिभागियों में उत्साह देखा जा रहा है और वे इसे अपने भविष्य के लिए एक बड़ा अवसर मान रहे हैं।

न्यूज़ देखो: प्रशिक्षण से बढ़ेगा रोजगार

गढ़वा की यह पहल दिखाती है कि सही प्रशिक्षण और तकनीक से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। अब जरूरत है कि ऐसे कार्यक्रमों को और व्यापक बनाया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सीखें और आगे बढ़ें

नई तकनीक अपनाना सफलता की कुंजी है।
जरूरी है कि युवा कौशल विकास पर ध्यान दें।
स्वरोजगार ही आत्मनिर्भरता का मार्ग है।
आइए, हम भी नए अवसरों को अपनाएं।

इस पहल से प्रेरणा लें, खबर को शेयर करें और दूसरों को भी जागरूक करें।
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।

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Written by

डंडई, गढ़वा

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