डंडई में दहेज हत्या का आरोप, न्याय की मांग पर मायके वालों को पीटा

डंडई में दहेज हत्या का आरोप, न्याय की मांग पर मायके वालों को पीटा

author Shashi Bhushan Mehta
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#गढ़वा #दहेज_हत्या : डंडई में पूनम कुमारी की संदिग्ध मौत के बाद मायके पर हमले ने पूरे इलाके को हिला दिया
  • पूरन कुमारी की संदिग्ध मौत पर ससुराल पर दहेज प्रताड़ना का आरोप।
  • मृतका के मायके वालों को ससुराल पक्ष और ग्रामीणों ने पीटा।
  • थाना प्रभारी ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
  • आरोपियों में पति सकलदीप चौधरी, सास, ससुर और कुछ ग्रामीण शामिल।
  • मृतका को दो बेटियों के कारण ताने दिए जाते थे।
  • पुलिस कार्रवाई के बावजूद इलाके में न्याय की मांग तेज।

गढ़वा जिले के डंडई, करके गांव में पूनम कुमारी की संदिग्ध मौत ने स्थानीय समाज को झकझोर दिया है। मृतका के मायके पक्ष का आरोप है कि उनके पति सकलदीप चौधरी, ससुर और सास लगातार दहेज (पैसे और गाड़ी) के लिए उसे प्रताड़ित कर रहे थे। घटना के दिन न्याय मांगने पर मायके वालों को भी ससुराल पक्ष और कुछ ग्रामीणों ने बेरहमी से पीटा।

अत्याचार और प्रताड़ना की कहानी

मायके वालों के अनुसार पूनम को दो बेटियां होने पर ससुराल में ताने दिए जाते थे। आरोप है कि ससुराल वाले कहते थे: “इसे मारकर दूसरी शादी कर लेंगे।”

सोमवार को पूनम की मौत की खबर सुनते ही जब मायके वाले सवाल पूछने गए, तो आरोपियों में शामिल सोमनाथ चौधरी, अर्जुन चौधरी और अन्य ग्रामीणों ने उन्हें बुरी तरह पीटा। पीड़ित परिवार किसी तरह जान बचाकर डंडई थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस कार्रवाई और जांच

डंडई थाना प्रभारी ने बताया कि मृतका की मां पानपति देवी की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है और आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। थाना अधिकारी ने कहा कि:

थाना प्रभारी ने कहा: “अभियुक्तों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और हम सुनिश्चित करेंगे कि न्यायपालिका के माध्यम से उचित कार्रवाई हो।”

स्थानीय लोग घटना के बाद न्याय की मांग को लेकर तनाव में हैं और पूरे गांव में सुरक्षा एवं सामाजिक स्थिरता बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।

न्यूज़ देखो: डंडई में दहेज हत्या और प्रताड़ना से उजागर हुआ सामाजिक संकट

यह मामला स्पष्ट करता है कि दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा जैसी कुप्रथाएँ आज भी समाज में मौजूद हैं। पुलिस की तत्परता और न्यायिक प्रक्रिया के सही ढंग से लागू होने की आवश्यकता है। घटना से ग्रामीणों में जागरूकता और महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक हो गया है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

न्याय और सुरक्षा के लिए सजग बनें

दहेज और घरेलू हिंसा जैसी घटनाओं के खिलाफ समाज को जागरूक और सक्रिय होना होगा। महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस खबर को साझा करें, अपने विचार कमेंट में बताएं और महिलाओं के लिए सुरक्षित समाज बनाने में योगदान दें।

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Written by

डंडई, गढ़वा

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