
#दुमका #दुर्घटना_खबर : जामा थाना क्षेत्र में ठंड से बचाव के दौरान आग से झुलसी 66 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत।
दुमका जिले के जामा थाना क्षेत्र अंतर्गत कदेली सिमरा गांव में ठंड से बचने के दौरान हुई एक दर्दनाक दुर्घटना में 66 वर्षीय वृद्धा की जान चली गई। आग सेंकते समय कपड़ों में आग लगने से गंभीर रूप से झुलसी शीला देवी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बर्न वार्ड में इलाज के दौरान गुरुवार सुबह उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया है।
- कदेली सिमरा गांव, जामा थाना क्षेत्र में ठंड के दौरान हादसा।
- आग सेंकते समय कपड़ों में अचानक लगी आग, वृद्धा झुलसी।
- गंभीर हालत में फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती।
- गुरुवार सुबह इलाज के दौरान हुई मौत।
- परिजनों ने पोस्टमार्टम से इनकार, लिखित आवेदन देकर शव लिया।
दुमका जिले के जामा थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां ठंड से बचने के लिए आग सेंकना एक वृद्धा के लिए जानलेवा साबित हुआ। कदेली सिमरा गांव की रहने वाली शीला देवी (66) आग सेंक रही थीं, तभी अचानक उनके कपड़ों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और वृद्धा गंभीर रूप से झुलस गईं।
आग सेंकते समय हुआ हादसा
स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, शीला देवी घर के बाहर आग जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रही थीं। इसी दौरान उनके कपड़ों में आग पकड़ ली। वृद्धा जब तक कुछ समझ पातीं, तब तक आग ने शरीर के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।
परिजनों और आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह आग बुझाई और तत्काल उन्हें अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की।
गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
घटना के बाद शीला देवी को तत्काल फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल, दुमका ले जाया गया। चिकित्सकों ने उन्हें अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया।
बताया जा रहा है कि वृद्धा का शरीर गंभीर रूप से झुलस चुका था, जिससे उनकी स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
लगातार चल रहे इलाज के बीच गुरुवार सुबह शीला देवी ने दम तोड़ दिया। वृद्धा की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के ग्रामीण भी उनके घर पहुंचने लगे और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
पोस्टमार्टम से इनकार, कागजी प्रक्रिया पूरी
मृतका के परिजनों ने इस मामले में पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। उन्होंने जामा थाना को इस संबंध में लिखित आवेदन सौंपा।
इसके बाद थाना द्वारा आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की गई और शव को परिजनों को सौंप दिया गया, ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके।
ठंड में आग से बढ़ रहे हादसे
ठंड के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में आग सेंकना आम बात है, लेकिन इसी दौरान लापरवाही से कई बार गंभीर हादसे हो जाते हैं। खुले कपड़े, हवा और सूखी लकड़ी आग को और खतरनाक बना देती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं हर साल सामने आती हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण हादसे रुक नहीं पा रहे हैं।
न्यूज़ देखो: छोटी लापरवाही बन जाती है बड़ी त्रासदी
यह घटना बताती है कि ठंड से बचाव के दौरान थोड़ी सी असावधानी भी जानलेवा साबित हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में आग से सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर ऐसे हादसों को रोकने के लिए कदम उठाने होंगे। सवाल यह है कि क्या इस तरह की घटनाओं से सबक लेकर भविष्य में सतर्कता बढ़ाई जाएगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
ठंड में सतर्कता ही सुरक्षा है
आग जीवनदायिनी भी हो सकती है और विनाशकारी भी।
ठंड से बचाव जरूरी है, लेकिन सुरक्षा उससे भी ज्यादा जरूरी है।
घर के बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
इस खबर को साझा करें, लोगों को सतर्क करें और ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए जागरूकता फैलाने में योगदान दें।

