
#चैनपुर #शिक्षा #अभिभावकशिक्षकबैठक #सम्मान : “बच्चे देश का भविष्य हैं” – मेरी लकड़ा
चैनपुर स्थित संत अन्ना बालिका उच्च विद्यालय सह इंटर कॉलेज में अभिभावक–शिक्षक बैठक का आयोजन कर छात्राओं के शैक्षणिक, नैतिक और सर्वांगीण विकास पर सार्थक संवाद किया गया। बैठक में मेधावी छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को सम्मानित कर शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश दिया गया।
- विद्यालय परिसर में गरिमामय अभिभावक–शिक्षक बैठक
- दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
- मेधावी छात्राओं को प्रमाण पत्र व शील्ड देकर सम्मान
- अभिभावकों को भी शॉल ओढ़ाकर किया गया सम्मानित
- शिक्षा में अभिभावक–शिक्षक समन्वय पर दिया गया जोर
चैनपुर। स्थानीय संत अन्ना बालिका उच्च विद्यालय सह इंटर कॉलेज में शुक्रवार को आयोजित अभिभावक–शिक्षक बैठक का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय एवं अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा, मुखिया शोभा देवी, प्रधानाध्यापिका सिसिलिया केरकेट्टा एवं भूतपूर्व सैनिक जेम्स रोजारियो द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
स्वागत गान से हुआ अतिथियों का अभिनंदन
कार्यक्रम से पूर्व विद्यालय की छात्राओं ने मधुर स्वागत गान प्रस्तुत किया। इसके बाद अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे विद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।
“बच्चे देश का भविष्य हैं” – मेरी लकड़ा
बैठक को संबोधित करते हुए जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा,
“बच्चे देश का भविष्य हैं। उनके विकास में अभिभावक और शिक्षक की साझा भूमिका सबसे अहम है। नियमित अभिभावक–शिक्षक बैठकों से छात्राओं की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन और उपस्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है।”
मेधावी छात्राओं एवं अभिभावकों का सम्मान
विद्यालय प्रबंधन द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मेधावी छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं शील्ड देकर सम्मानित किया गया। साथ ही एक सराहनीय पहल के तहत छात्राओं के अभिभावकों को भी शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। प्रधानाध्यापिका सिसिलिया केरकेट्टा ने मंच पर उपस्थित अतिथियों को भी शॉल भेंट कर आभार प्रकट किया।
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार आयोजन
प्रधानाध्यापिका सिसिलिया केरकेट्टा ने अपने संबोधन में बताया कि शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार इस बैठक का आयोजन किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के संवाद से विद्यालय परिवार शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में नई ऊंचाइयों को छू सकेगा।
कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, बड़ी संख्या में अभिभावक एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।
न्यूज़ देखो विश्लेषण
अभिभावक–शिक्षक बैठकों से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होता है। सम्मान और संवाद छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनते हैं।
शिक्षा से ही सशक्त भविष्य
अपने बच्चों की पढ़ाई में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
खबर साझा करें, ताकि शिक्षा का यह सकारात्मक संदेश समाज तक पहुंचे।





