भंडरिया के कुरुन आंगनवाड़ी केंद्र के पास खुला कुआं बना खतरा, ग्रामीणों ने सुरक्षा घेराबंदी की मांग उठाई

भंडरिया के कुरुन आंगनवाड़ी केंद्र के पास खुला कुआं बना खतरा, ग्रामीणों ने सुरक्षा घेराबंदी की मांग उठाई

author News देखो Team
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#गढ़वा #भंडरिया #बाल_सुरक्षा : आंगनवाड़ी केंद्र के बगल खुले कुएं से बच्चों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ी।

गढ़वा जिले के भंडरिया प्रखंड अंतर्गत कुरुन गांव स्थित आंगनवाड़ी केंद्र के पास खुला कुआं होने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र में प्रतिदिन छोटे बच्चे पढ़ने आते हैं और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कुएं के चारों ओर सुरक्षा घेराबंदी कराने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। मामले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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  • कुरुन गांव के आंगनवाड़ी केंद्र के बगल खुले कुएं से बच्चों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
  • केंद्र में प्रतिदिन छोटे-छोटे बच्चे पढ़ने और पोषण गतिविधियों के लिए पहुंचते हैं।
  • ग्रामीणों ने किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका जताते हुए तत्काल सुरक्षा घेराबंदी की मांग की।
  • मामले में सेविका, सहायिका, मुखिया और विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे।
  • लोगों ने जिला प्रशासन और भंडरिया प्रखंड प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपील की।

गढ़वा जिले के भंडरिया प्रखंड के कुरुन गांव में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र के पास मौजूद खुला कुआं अब ग्रामीणों और अभिभावकों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गया है। गांव के लोगों का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्र में प्रतिदिन छोटे-छोटे मासूम बच्चे आते हैं, लेकिन केंद्र के बिल्कुल बगल में बिना किसी सुरक्षा घेराबंदी के खुला कुआं मौजूद है, जिससे कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार आंगनवाड़ी केंद्र में रोजाना कई बच्चे शिक्षा और पोषण संबंधी गतिविधियों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में खुले कुएं के कारण बच्चों की सुरक्षा पर लगातार खतरा बना हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे खेलते-कूदते अक्सर इधर-उधर दौड़ते हैं और यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अब तक इस गंभीर समस्या को लेकर न तो आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका ने कोई पहल की है और न ही पंचायत प्रतिनिधियों या संबंधित विभाग के अधिकारियों ने इस दिशा में कार्रवाई की है।

लोगों का कहना है कि इतनी संवेदनशील जगह पर खुला कुआं होने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर उदासीनता चिंता बढ़ाने वाली है।

प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने झारखंड सरकार, गढ़वा जिला प्रशासन और भंडरिया प्रखंड प्रशासन से मांग की है कि तत्काल कुएं के चारों ओर मजबूत सुरक्षा घेराबंदी कराई जाए। लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा किसी भी स्थिति में प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि आंगनवाड़ी केंद्रों के आसपास सुरक्षा मानकों की नियमित जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थितियां उत्पन्न न हों।

ग्रामीणों में हादसे की आशंका

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी दुर्घटना का इंतजार नहीं करना चाहिए। समय रहते अगर उचित कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी दिन बड़ी अनहोनी हो सकती है।

अभिभावकों ने चिंता जताई कि वे अपने बच्चों को आंगनवाड़ी भेजते समय लगातार भय महसूस कर रहे हैं।

बाल सुरक्षा को लेकर जरूरी है सतर्कता

विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों से जुड़े संस्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत होनी चाहिए। खुले कुएं, जर्जर भवन और असुरक्षित परिसर जैसी समस्याएं ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर देखने को मिलती हैं, जिन पर समय रहते कार्रवाई आवश्यक है।

न्यूज़ देखो: बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही नहीं होनी चाहिए

कुरुन गांव का यह मामला बताता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था की कमी कितनी गंभीर हो सकती है। आंगनवाड़ी जैसे केंद्र बच्चों के विकास और सुरक्षा के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन यदि परिसर के आसपास ही खतरा मौजूद हो तो यह प्रशासनिक लापरवाही का संकेत है। संबंधित विभागों को बिना देर किए कार्रवाई करनी चाहिए ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

मासूम बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी

बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की नहीं बल्कि पूरे समाज और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। छोटी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए समय रहते कदम उठाना जरूरी है।
अगर आपके आसपास भी ऐसी कोई खतरनाक स्थिति है तो उसकी जानकारी प्रशासन तक जरूर पहुंचाएं।
सजग रहें, जिम्मेदार बनें और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवाज उठाएं। अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और जागरूकता फैलाएं।

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