गढ़वा में फर्जी सीएससी सेंटर पर बड़ी कार्रवाई, लैपटॉप-मोबाइल जब्त और सेंटर सील

गढ़वा में फर्जी सीएससी सेंटर पर बड़ी कार्रवाई, लैपटॉप-मोबाइल जब्त और सेंटर सील

author Sonu Kumar
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#गढ़वा #कार्रवाई : मेराल के पचफेड़ी में फर्जी सीएससी सेंटर पर औचक जांच हुई।

गढ़वा जिले के मेराल प्रखंड के पचफेड़ी स्थित एक कथित सीएससी सेंटर पर सदर एसडीएम संजय कुमार ने औचक छापेमारी की, जिसमें फर्जी तरीके से जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने की आशंका सामने आई। जांच के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्य संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद लैपटॉप और मोबाइल जब्त कर केंद्र को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है, जो पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है।

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  • एसडीएम संजय कुमार ने मेराल प्रखंड के पचफेड़ी स्थित “विशाल ऑनलाइन सेंटर” पर की औचक जांच की कार्रवाई।
  • जांच में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने की आशंका के साथ कई संदिग्ध साक्ष्य सामने आए।
  • केंद्र से लैपटॉप, मोबाइल, चैट रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए गए और सेंटर को सील किया गया।
  • मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया, जिसमें अधिकारी शामिल हैं।
  • जांच में पलामू कनेक्शन और ₹1000–₹1400 प्रति प्रमाण पत्र वसूली के संकेत मिले।
  • एसडीएम ने अनधिकृत केंद्रों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की बात कही।

गढ़वा जिले के मेराल प्रखंड में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने से प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान पचफेड़ी स्थित “विशाल ऑनलाइन सेंटर” पर औचक जांच की, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। प्रारंभिक जांच में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने की आशंका गहराई, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए केंद्र को सील कर दिया गया। इस पूरे मामले ने स्थानीय स्तर पर अवैध ऑनलाइन सेवाओं की पोल खोल दी है।

औचक जांच में सामने आई अनियमितताएं

एसडीएम संजय कुमार के निर्देश पर की गई इस जांच में केंद्र पर बिना वैध प्रक्रिया के दस्तावेज तैयार करने के संकेत मिले। मौके पर मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों से यह संदेह और मजबूत हुआ कि यहां लंबे समय से अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।

तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन

मौके पर ही मेराल अंचल अधिकारी यशवंत नायक, सीएससी मैनेजर मनीष कुमार और थाना प्रभारी विष्णुकांत की तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। टीम ने केंद्र पर पहुंचकर गहन निरीक्षण किया और कई दस्तावेजों को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया।

लैपटॉप, मोबाइल और दस्तावेज जब्त

जांच के दौरान केंद्र से लैपटॉप, मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए। इन सभी सामग्रियों की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा सकें। जांच पूरी होने तक केंद्र को सील कर दिया गया है।

फर्जी प्रमाण पत्र और ऑनलाइन नेटवर्क का शक

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि आवेदकों से केवल मौखिक जानकारी लेकर व्हाट्सऐप के माध्यम से दस्तावेज तैयार किए जाते थे। प्रत्येक प्रमाण पत्र के एवज में ₹1000 से ₹1400 तक की वसूली किए जाने की बात भी सामने आई है। यह पूरा नेटवर्क बिना अधिकृत प्रक्रिया के संचालित होने का संदेह पैदा करता है।

पलामू कनेक्शन की जांच तेज

जांच में गोंदा, मेराल के एक युवक और पलामू जिले के पंजरी गांव के एक व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। आरोप है कि यह लोग डालटनगंज सदर अस्पताल से बड़ी संख्या में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में शामिल रहे हैं। प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटा है।

“कॉफी विद एसडीएम” से मिली थी शिकायतें

एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि उनके साप्ताहिक जनसंवाद कार्यक्रम “कॉफी विद एसडीएम” के दौरान भी इस तरह की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। लोगों ने बताया था कि कुछ अनधिकृत केंद्रों के माध्यम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

आम जनता से अपील

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जन्म, जाति और आय प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज केवल सरकारी प्रक्रिया के माध्यम से ही बनवाएं। किसी भी बिचौलिये या अनधिकृत केंद्र से बचने की सलाह दी गई है।

न्यूज़ देखो: फर्जी दस्तावेज नेटवर्क पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई का संकेत

यह मामला केवल एक केंद्र तक सीमित नहीं बल्कि संभावित बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जिसमें डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग किया जा रहा था। प्रशासन की यह कार्रवाई बताती है कि अब ऐसे अवैध सिस्टम पर सख्ती बढ़ाई जा रही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या इस तरह के नेटवर्क पूरी तरह खत्म हो पाएंगे या यह केवल एक शुरुआत है। जांच के बाद और भी बड़े खुलासे संभव हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सजग नागरिकता की ओर एक मजबूत कदम

इस तरह की कार्रवाई समाज में पारदर्शिता और विश्वास को मजबूत करती है, लेकिन इसके लिए जनता की जागरूकता भी जरूरी है। अगर लोग खुद अनधिकृत केंद्रों से दूरी बनाए रखें तो ऐसे फर्जीवाड़े को काफी हद तक रोका जा सकता है। प्रशासन की जिम्मेदारी के साथ नागरिकों की सतर्कता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
आप भी अपने आसपास किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी साझा करें, ताकि सिस्टम को साफ और सुरक्षित बनाया जा सके।
सजग रहें, जिम्मेदार बनें और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं। अपनी राय कमेंट करें, खबर को साझा करें और जागरूकता की इस मुहिम को आगे बढ़ाएं।

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Written by

गढ़वा

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