#चंदवा #समर_कैंप : चार दिवसीय कैंप में बच्चों ने खेल-खेल में सीखे कई नए हुनर।
चंदवा स्थित ग्लिटर त्रिवेणी पब्लिक स्कूल में आयोजित चार दिवसीय समर कैंप उत्साह और रचनात्मक गतिविधियों के साथ संपन्न हुआ। प्री-नर्सरी से नौवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों ने ट्रैकिंग, स्विमिंग, पॉटरी, संगीत और खेल गतिविधियों में भाग लिया। कैंप का उद्देश्य बच्चों के तनाव को कम कर उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को विकसित करना था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों और अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
- ग्लिटर त्रिवेणी पब्लिक स्कूल में चार दिवसीय समर कैंप का आयोजन हुआ।
- बच्चों ने ट्रैकिंग, स्विमिंग, पॉटरी और संगीत जैसी गतिविधियों में हिस्सा लिया।
- प्रसिद्ध जादूगर एन.के. सम्राट के मैजिक शो ने बच्चों को मंत्रमुग्ध किया।
- समर कैंप में विद्यार्थियों को उनकी आयु और रुचि के अनुसार गतिविधियां दी गईं।
- अंतिम दिन खेले गए मैत्री क्रिकेट मैच में शिक्षक एकादश विजयी रही।
चंदवा के प्रतिष्ठित ग्लिटर त्रिवेणी पब्लिक स्कूल में आयोजित चार दिवसीय समर कैंप रचनात्मकता, सीखने और मनोरंजन के माहौल के बीच संपन्न हुआ। इस कैंप में प्री-नर्सरी से लेकर नौवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और खेल-खेल में कई नई चीजें सीखीं।
विद्यालय परिसर पूरे चार दिनों तक बच्चों की हंसी, ऊर्जा और रचनात्मक गतिविधियों से गुलजार रहा। विद्यार्थियों ने विभिन्न शैक्षणिक और मनोरंजक कार्यक्रमों के माध्यम से अपने हुनर को निखारने का अवसर प्राप्त किया।
बच्चों की आयु के अनुसार बनाई गई गतिविधियां
विद्यालय प्रबंधन ने समर कैंप को बच्चों की आयु और रुचि के अनुसार तीन अलग-अलग वर्गों में विभाजित किया था। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्रत्येक बच्चा अपनी क्षमता और पसंद के अनुरूप गतिविधियों में भाग ले सके।
इस व्यवस्था के कारण छोटे बच्चों से लेकर बड़े विद्यार्थियों तक सभी को सीखने और आनंद लेने का बेहतर अवसर मिला।
मैजिक शो बना आकर्षण का केंद्र
समर कैंप की शुरुआत भव्य मैजिक शो के साथ हुई। प्रसिद्ध जादूगर एन.के. सम्राट ने अपने जादुई करतबों से बच्चों और अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बच्चों ने उत्साह के साथ मैजिक शो का आनंद लिया और कार्यक्रम के दौरान तालियों की गूंज से पूरा परिसर गूंजता रहा।
ट्रैकिंग और स्विमिंग से बढ़ा आत्मविश्वास
चार दिनों तक चले कैंप में विद्यार्थियों के लिए ट्रैकिंग, स्विमिंग, चित्रकला, नृत्य, संगीत और मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया।
विद्यालय की ओर से बच्चों को लोहरदगा स्थित ग्रेटर त्रिवेणी पब्लिक स्कूल भी ले जाया गया, जहां उन्होंने स्विमिंग पूल में मस्ती की। वहीं ट्रैकिंग गतिविधि ने बच्चों के आत्मविश्वास और शारीरिक क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पॉटरी और शिल्पकला में दिखी रचनात्मकता
विद्यालय परिसर में आयोजित पॉटरी गतिविधि बच्चों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही। विद्यार्थियों ने मिट्टी के बर्तन बनाने और शिल्पकला की बारीकियां सीखीं।
बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न कलात्मक वस्तुएं तैयार कीं।
संगीत और कला में भी दिखा उत्साह
समर कैंप के दौरान संगीत कक्षाओं का भी आयोजन किया गया। बच्चों ने गिटार, सिंथेसाइजर और कीबोर्ड जैसे वाद्य यंत्रों को बजाने की शुरुआती जानकारी प्राप्त की।
इसके अलावा चित्रकला, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में भी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
डिजिटल दुनिया से बाहर निकालने की पहल
विद्यालय की निर्देशिका कादंबरी सिंह ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद जरूरी हैं।
कादंबरी सिंह ने कहा: “आज के डिजिटल दौर में बच्चों को मोबाइल की दुनिया से बाहर निकालकर रचनात्मक और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।”
उन्होंने कहा कि समर कैंप बच्चों को सीखने, आत्मविश्वास बढ़ाने और सामाजिक रूप से सक्रिय बनाने का माध्यम है।
मैत्री क्रिकेट मैच के साथ हुआ समापन
समर कैंप के अंतिम दिन बच्चों और शिक्षकों के बीच मैत्री क्रिकेट मैच खेला गया। इस मुकाबले में शिक्षक एकादश ने जीत हासिल की।
इसके बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में विभिन्न गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया।
बच्चों के विकास का बेहतर मंच
विद्यालय के प्राचार्य हिमांशु सिंह ने बताया कि समर कैंप का उद्देश्य बच्चों के तनाव को कम करना, उनकी प्रतिभा को निखारना और पढ़ाई के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी उनकी रुचि विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि ग्लिटर त्रिवेणी पब्लिक स्कूल पिछले 11 वर्षों से लगातार इस तरह के आयोजन कर बच्चों को सीखने और आगे बढ़ने का बेहतर मंच प्रदान कर रहा है।
न्यूज़ देखो: शिक्षा के साथ रचनात्मक विकास की सकारात्मक पहल
चंदवा में आयोजित यह समर कैंप केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बना। डिजिटल दौर में इस तरह की गतिविधियां बच्चों को संतुलित और सकारात्मक वातावरण देने में मदद करती हैं।
विद्यालयों की ऐसी पहल शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित नहीं रहने देती, बल्कि बच्चों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास की दिशा में सार्थक कदम साबित होती है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बच्चों को दें सीखने और सपने देखने का खुला आसमान
हर बच्चे में कोई न कोई प्रतिभा छिपी होती है। जरूरत केवल उसे सही मंच और प्रोत्साहन देने की होती है। खेल, कला, संगीत और रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व को मजबूत बनाती हैं।
आइए, बच्चों को केवल अंकों की दौड़ तक सीमित न रखें बल्कि उन्हें नई चीजें सीखने और अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर दें।
सकारात्मक शिक्षा को बढ़ावा दें, बच्चों का उत्साह बढ़ाएं और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ें। अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की इस पहल को आगे बढ़ाएं।

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