
#चिनियां #वित्तीयसाक्षरतासप्ताह : ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं, बीमा योजनाओं और साइबर सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक
गढ़वा जिले के चिनियां प्रखंड स्थित डोल पंचायत भवन में वित्तीय साक्षरता सप्ताह के तहत विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं, बीमा योजनाओं और डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरूक करना था। शिविर में बैंक अधिकारियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही।
- डोल पंचायत भवन, चिनियां में वित्तीय साक्षरता सप्ताह के तहत शिविर आयोजित।
- सीएफएल जिला कोऑर्डिनेटर श्यामसुंदर मेहता ने बिचौलियों से बचने और डिजिटल बैंकिंग अपनाने की अपील की।
- PMJJBY, PMSBY और APY सहित विभिन्न योजनाओं की दी गई जानकारी।
- जनधन खाता, KYC, e-KYC, C-KYC प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया गया।
- साइबर अपराध से बचाव को लेकर विशेष सत्र, ओटीपी और पिन साझा न करने की सलाह।
गढ़वा जिले के चिनियां प्रखंड अंतर्गत डोल पंचायत भवन परिसर में ‘वित्तीय साक्षरता सप्ताह’ के तहत एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने, लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने तथा सरकारी सुरक्षा एवं बीमा योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, बैंक प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बिचौलियों से बचने का माध्यम है वित्तीय साक्षरता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएफएल जिला कोऑर्डिनेटर श्यामसुंदर मेहता ने कहा कि वित्तीय साक्षरता ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
“वित्तीय साक्षरता ही वह माध्यम है जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोग बिचौलियों से बचकर सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं और अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकते हैं।”
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे बैंकिंग प्रक्रियाओं को समझें, डिजिटल माध्यमों का सही उपयोग करें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें।
बैंक खाता और बीमा योजनाओं की विस्तृत जानकारी
ब्लॉक कोऑर्डिनेटर विशाल कुमार ने वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति का बैंक खाता होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभुक के खाते में भेजा जाता है, इसलिए बैंकिंग प्रणाली से जुड़ना जरूरी है।
उन्होंने विस्तार से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) के लाभ, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी। ग्रामीणों को बताया गया कि कम प्रीमियम में ये योजनाएं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती हैं और भविष्य को सुरक्षित बनाती हैं।
जनधन खाता और केवाईसी प्रक्रिया पर जोर
शिविर में जनधन खाते के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। बताया गया कि जनधन खाता न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का माध्यम है, बल्कि यह बचत की आदत विकसित करने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में भी सहायक है।
साथ ही KYC, e-KYC और C-KYC की प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया गया। ग्रामीणों को आवश्यक दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक की जानकारी दी गई, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी बैंकिंग प्रक्रिया पूरी कर सकें।
साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र
बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए शिविर में साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को फर्जी कॉल, ओटीपी शेयरिंग, लिंक फ्रॉड और एटीएम पिन चोरी जैसे मामलों से सावधान रहने की सलाह दी।
स्पष्ट रूप से बताया गया कि किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी, एटीएम पिन या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। डिजिटल बैंकिंग अपनाने के साथ-साथ सावधानी बरतने पर जोर दिया गया।
बैंक प्रतिनिधियों ने सुनी समस्याएं
कार्यक्रम में झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक (JRGB) चिनियां शाखा के शाखा प्रबंधक एवं FLC राजीव कुमार ने बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए लोग सीधे बैंक शाखा या अधिकृत बैंक मित्र (BC) से संपर्क करें।
इसके अलावा ICICI बैंक के बिजनेस मैनेजर, बैंक सखी और JRGB के बीसी ने भी ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर समाधान किया।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी
शिविर में उपस्थित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बन सकें। अंत में सभी ग्रामीणों को अपने परिवार और समाज में वित्तीय जानकारी साझा करने का संकल्प दिलाया गया।
न्यूज़ देखो: आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत पहल
ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता अभियान केवल जानकारी देने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम है। बैंकिंग सेवाओं और बीमा योजनाओं से जुड़ाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है। यदि ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित हों, तो आर्थिक असमानता को काफी हद तक कम किया जा सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, सुरक्षित रहें, सशक्त बनें
बैंकिंग से जुड़ना आज के समय की जरूरत है।
सही जानकारी ही आर्थिक सुरक्षा की पहली सीढ़ी है।
डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
अपने अधिकार जानें और दूसरों को भी जागरूक करें।
आप भी बताएं — क्या आपके क्षेत्र में ऐसे शिविर आयोजित हो रहे हैं? अपनी राय कमेंट में साझा करें और खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।







