बाघिमा में अंतरराष्ट्रीय सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, DLSA गुमला ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

बाघिमा में अंतरराष्ट्रीय सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, DLSA गुमला ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

author Rohit Kumar Sahu
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#गुमला #स्वास्थ्य_जागरूकता : बाघिमा के राजकीय उक्रमित मध्य विद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस पर स्वास्थ्य व कानूनी अधिकारों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया
  • कार्यक्रम DLSA गुमला के अध्यक्ष ध्रुव चंद्र मिश्रा और सचिव रामकुमार लाल गुप्ता के मार्गदर्शन में हुआ।
  • मुख्य प्रशिक्षक PLV राजू साहू ने सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज का महत्व बताया।
  • स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा और कानूनी सहायता पर विस्तृत जानकारी दी गई।
  • बच्चों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने सवाल पूछकर जागरूकता बढ़ाई।
  • विद्यालय के शिक्षक और स्थानीय क्रिकेटर कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
  • महिलाओं, बच्चों व वरिष्ठ नागरिकों के कानूनी अधिकारों पर विशेष चर्चा हुई।

पालकोट प्रखंड के बाघिमा स्थित राजकीय उक्रमित मध्य विद्यालय बड़का टोली में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस के मौके पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम NALSA और JHALSA के निर्देश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) गुमला के अध्यक्ष ध्रुव चंद्र मिश्रा एवं सचिव रामकुमार लाल गुप्ता के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसमें विद्यालय के बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज का महत्व

कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक PLV राजू साहू ने सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage) की अवधारणा को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केवल बीमारी का इलाज नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, पोषण, पर्यावरण और सामाजिक सुरक्षा से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक का अधिकार है कि उसे आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ आसानी से और बिना आर्थिक बोझ के उपलब्ध हों।

कानूनी अधिकारों पर विस्तृत जानकारी

PLV राजू साहू ने उपस्थित ग्रामीणों को निःशुल्क कानूनी सहायता, महिलाओं और बच्चों के अधिकार, वरिष्ठ नागरिकों के संरक्षण, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध, ट्रैफिक नियम, तथा समाज के कमजोर वर्गों के लिए उपलब्ध कानूनी योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने बताया कि कानूनी सहायता पाना न केवल आसान है, बल्कि यह सभी जरूरतमंद नागरिकों का मौलिक अधिकार भी है।

बच्चों और ग्रामीणों ने पूछे सवाल

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने स्वास्थ्य से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनके उत्तर विस्तार से दिए गए। ग्रामीणों ने कानूनी सहायता और अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर जानकारी प्राप्त की। इससे कार्यक्रम में सहभागिता और उत्साह का वातावरण बना रहा।

शिक्षकों व स्थानीय लोगों ने की सराहना

विद्यालय के शिक्षकों बृजेश प्रसाद, उषा कुमारी, बधाई शशि, तथा स्थानीय क्रिकेटर भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण समाज में जागरूकता बढ़ाने और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने में अत्यंत उपयोगी हैं।

स्वास्थ्य, शिक्षा और विधिक जागरूकता का संयुक्त प्रयास

यह कार्यक्रम स्वास्थ्य, शिक्षा और कानूनी जागरूकता को एक मंच पर लाने का उत्कृष्ट उदाहरण बना। ग्रामीण स्तर पर इस प्रकार की पहल न केवल लोगों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी देती है, बल्कि उन्हें भविष्य में बेहतर निर्णय लेने में भी सक्षम बनाती है।

न्यूज़ देखो: जागरूकता से बदलता ग्रामीण जीवन

ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य और कानूनी जागरूकता अक्सर सीमित होती है। ऐसे आयोजनों से लोगों में अधिकारों की समझ मजबूत होती है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का रास्ता खुलता है। बाघिमा जैसे क्षेत्रों में इस प्रकार की गतिविधियाँ मजबूत नागरिक चेतना को जन्म देती हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक बनें, दूसरों को भी जागरूक करें

स्वास्थ्य और कानूनी अधिकार हर नागरिक के लिए अनिवार्य हैं। ऐसे कार्यक्रमों से प्रेरणा लेकर अपने परिवार और समुदाय को अधिक जागरूक बनाएं।
अगर आप चाहते हैं कि आपके क्षेत्र में भी ऐसे कार्यक्रम हों, तो टिप्पणी कर बताएं।
इस खबर को साझा करें और जागरूकता की इस मुहिम को आगे बढ़ाएँ।

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Written by

पालकोट, गुमला

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