
#चंदवा #लातेहार #कर्पूरी_जयंती : जननायक कर्पूरी ठाकुर की स्मृति में शाह मिलन समारोह को भव्य बनाने का निर्णय।
लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड में जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती को ऐतिहासिक स्वरूप देने की तैयारी तेज हो गई है। शनिवार 17 जनवरी 2026 को इंदिरा गांधी चौक स्थित आईबी परिसर में नाई समाज की अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें सैकड़ों समाजजनों ने भाग लिया। बैठक में 31 जनवरी 2026 को भव्य कर्पूरी जयंती शाह मिलन समारोह आयोजित करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया गया। आयोजन को समाज की एकता, जागरूकता और सामाजिक सम्मान से जोड़ते हुए कई ठोस फैसले लिए गए।
- 31 जनवरी 2026 को कर्पूरी जयंती शाह मिलन समारोह का आयोजन।
- आयोजन स्थल रेलवे फाटक के समीप होटल बालाजी, समय सुबह 10:30 बजे।
- समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम, बच्चों की प्रस्तुति रहेगी आकर्षण।
- जयंती के दिन पूरे चंदवा प्रखंड में नाई समाज की सभी सैलून दुकानें बंद।
- नियम उल्लंघन पर जुर्माना, राशि आयोजन में होगी खर्च।
- समाज की एकता और सामाजिक चेतना को मजबूत करने का संकल्प।
लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड में जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती को लेकर नाई समाज में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। समाज ने इस अवसर को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे सामाजिक एकता और जागरूकता के प्रतीक के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसी उद्देश्य से शनिवार को एक व्यापक बैठक आयोजित कर आयोजन की रूपरेखा तय की गई।
बैठक में लिए गए अहम निर्णय
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 31 जनवरी 2026 को कर्पूरी जयंती के अवसर पर रेलवे फाटक के समीप स्थित होटल बालाजी में कर्पूरी जयंती शाह मिलन समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा। आयोजन को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी व्यवस्था की जाएगी, जिसमें बच्चों की प्रस्तुति विशेष आकर्षण होगी।
वक्ताओं ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि कर्पूरी ठाकुर के विचारों और सामाजिक न्याय के संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
सैलून बंद रखने का सामूहिक फैसला
समाज की एकता और कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखने के लिए बैठक में एक सख्त और ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। तय किया गया कि 31 जनवरी को पूरे चंदवा प्रखंड में नाई समाज की सभी सैलून दुकानें पूर्णतः बंद रहेंगी।
यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि कोई दुकान खुली पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति पर समाज द्वारा जुर्माना लगाया जाएगा और जुर्माने की पूरी राशि कर्पूरी जयंती समारोह के आयोजन में खर्च की जाएगी। इस निर्णय को सख्ती से लागू करने पर सभी उपस्थित समाजजनों ने एकमत से सहमति जताई।
कार्यक्रम की रूपरेखा और जिम्मेदारियों का वितरण
बैठक के दौरान कर्पूरी जयंती समारोह की संपूर्ण रूपरेखा तैयार की गई। आयोजन को सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए विभिन्न कार्यों के लिए जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं। मंच संचालन, अतिथि स्वागत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, अनुशासन व्यवस्था और जनसंपर्क जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
वक्ताओं ने जननायक कर्पूरी ठाकुर के जीवन, संघर्ष और सामाजिक न्याय के लिए उनके अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन पिछड़े, वंचित और शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा।
अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर ने कहा: “कर्पूरी ठाकुर सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की जीवंत मिसाल हैं। हमें उनके विचारों को अपने जीवन में उतारना होगा।”
बैठक का नेतृत्व और प्रमुख उपस्थित लोग
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता राजेंद्र ठाकुर ने की, जबकि मंच संचालन चंदवा प्रखंड अध्यक्ष अरुण ठाकुर ने किया। बैठक में समाज के अनेक पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
उपस्थित प्रमुख नामों में जिला उपाध्यक्ष विनोद ठाकुर, जिला मीडिया प्रभारी प्रदीप ठाकुर, प्रखंड अध्यक्ष अरुण ठाकुर, कोषाध्यक्ष राजू ठाकुर, उपकोषाध्यक्ष इंद्रदेव ठाकुर, सचिव राजदेव ठाकुर, रविंद्र ठाकुर, रवि पांडुरंगा, नीलकंठ ठाकुर, मनोज ठाकुर, रामचंद्र ठाकुर, सुनील ठाकुर, निरंजन ठाकुर, द्वारिका ठाकुर, प्रभु ठाकुर, रूपेश ठाकुर, विकास ठाकुर, काशी ठाकुर, भोला ठाकुर सहित समाज के अनेक सदस्य शामिल थे।
सभी ने एकजुट होकर कर्पूरी जयंती को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प दोहराया।
न्यूज़ देखो: सामाजिक एकजुटता का मजबूत संदेश
चंदवा में नाई समाज द्वारा लिया गया यह निर्णय केवल एक जयंती आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और अनुशासन का सशक्त उदाहरण है। सैलून बंद रखने जैसा सामूहिक फैसला समाज की संगठित शक्ति को दर्शाता है। यह आयोजन कर्पूरी ठाकुर के सामाजिक न्याय के विचारों को जीवंत रखने की दिशा में अहम कदम है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एकता, सम्मान और विचारों को जीवित रखने का अवसर
कर्पूरी जयंती केवल स्मरण का दिन नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना को मजबूत करने का अवसर है। समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी से ही यह आयोजन ऐतिहासिक बन सकता है।
31 जनवरी को सुबह 10:30 बजे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस शाह मिलन समारोह को सफल बनाएं।
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