बरसलोया की बेटी शिवांगी कुमारी ने 10वीं बोर्ड में 99.60 प्रतिशत अंक लाकर झारखंड में हासिल किया पहला स्थान

बरसलोया की बेटी शिवांगी कुमारी ने 10वीं बोर्ड में 99.60 प्रतिशत अंक लाकर झारखंड में हासिल किया पहला स्थान

author Birendra Tiwari
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#कोलेबिरा #शिक्षा_उपलब्धि : छोटे गांव की छात्रा ने राज्य स्तर पर ऐतिहासिक सफलता दर्ज की।

कोलेबिरा प्रखंड के बरसलोया गांव की छात्रा शिवांगी कुमारी ने झारखंड बोर्ड 10वीं परीक्षा 2026 में 498 अंक प्राप्त कर राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया। सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी इस उपलब्धि ने पूरे सिमडेगा जिले को गौरवान्वित किया है। उनकी सफलता में ओहदार ट्यूशन इंस्टीट्यूट और शिक्षक कुलदीप ओहदार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह उपलब्धि ग्रामीण शिक्षा की संभावनाओं को भी दर्शाती है।

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🔸 शिवांगी कुमारी ने 500 में से 498 अंक कर राज्य में पहला स्थान हासिल किया।
🔸 बरसलोया (जमटोली) जैसे छोटे गांव से निकलकर रचा इतिहास।
🔸 ओहदार ट्यूशन इंस्टीट्यूट और शिक्षक कुलदीप ओहदार का अहम योगदान।
🔸 अन्य छात्रों नवदीप साहू, सौरभ सोनी, नीतू कुमारी, आनंद सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
🔸 सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और अनुशासन से मिली बड़ी सफलता।

कोलेबिरा : प्रखंड क्षेत्र के ग्राम बरसलोया (जमटोली) की रहने वाली शिवांगी कुमारी ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा आयोजित 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में 99.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे सिमडेगा जिले और झारखंड को गौरवान्वित किया है। एक छोटे से ग्रामीण परिवेश से निकलकर राज्य टॉपर बनना उनकी कड़ी मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम है।

ग्रामीण पृष्ठभूमि से राज्य स्तर तक का सफर

शिवांगी कुमारी का शैक्षणिक सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्रोजेक्ट हाई स्कूल, लचरागढ़ से प्राप्त की। सीमित संसाधनों और साधारण परिवेश के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को कभी कमजोर नहीं होने दिया। निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ उन्होंने यह साबित कर दिया कि सफलता किसी बड़े शहर या संसाधनों पर निर्भर नहीं करती।

शिक्षक कुलदीप ओहदार की महत्वपूर्ण भूमिका

इस सफलता में ओहदार ट्यूशन इंस्टीट्यूट, बरसलोया (जमटोली) और उसके संस्थापक शिक्षक कुलदीप ओहदार की भूमिका बेहद अहम रही है। कुलदीप ओहदार वर्षों से ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए कार्य कर रहे हैं।

कुलदीप ओहदार ने कहा: “ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी यदि सही मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास करें, तो वे किसी भी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।”

उनकी शिक्षण शैली सरल और परिणाम आधारित मानी जाती है, जिससे विद्यार्थियों की नींव मजबूत होती है और उनमें आत्मविश्वास विकसित होता है।

अन्य विद्यार्थियों का भी शानदार प्रदर्शन

ओहदार ट्यूशन इंस्टीट्यूट के अन्य विद्यार्थियों ने भी इस वर्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
नवदीप साहू ने 471 अंक (94.20%), सौरभ सोनी ने 450 अंक (90%), नीतू कुमारी ने 434 अंक (86.80%) तथा आनंद सिंह ने 401 अंक (80.20%) प्राप्त कर यह सिद्ध किया है कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी उच्च स्तर पर सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

भविष्य का लक्ष्य और प्रेरणा

शिवांगी कुमारी का सपना आगे चलकर कानून की पढ़ाई (LLB) कर न्यायाधीश बनना है। वह समाज में न्याय और सेवा के क्षेत्र में योगदान देना चाहती हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और अपने शिक्षक कुलदीप ओहदार को दिया है, जिनके मार्गदर्शन ने उन्हें सही दिशा प्रदान की।

यह उपलब्धि इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि यदि सही मार्गदर्शन और मेहनत हो, तो छोटे गांव से निकलकर भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। ओहदार ट्यूशन इंस्टीट्यूट आज इस क्षेत्र में शिक्षा का एक प्रेरणादायक केंद्र बन चुका है।

न्यूज़ देखो: ग्रामीण शिक्षा की ताकत बनी शिवांगी की सफलता

शिवांगी कुमारी की यह उपलब्धि ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की संभावनाओं को उजागर करती है। यह कहानी बताती है कि सही मार्गदर्शन और समर्पण से किसी भी परिस्थिति में सफलता हासिल की जा सकती है। यह भी स्पष्ट होता है कि स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। सवाल यह है कि क्या ऐसे प्रयासों को और व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सपनों को पंख देने का सही समय

शिवांगी कुमारी की कहानी हर उस छात्र के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखता है।
यह सफलता बताती है कि मेहनत, अनुशासन और सही दिशा के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए यह एक मजबूत संदेश है कि वे भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं।
अब जरूरत है ऐसे प्रयासों को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने की आवश्यकता है आप भी अपने आसपास के ऐसे प्रतिभाशाली छात्रों को प्रोत्साहित करें।

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Written by

सिमडेगा

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