बरवाडीह प्रखंड में विकास की नई पहचान बनी बीडीओ रेशमा रेखा मिंज, दो वर्षों में गांव-गांव पहुंचकर बदली प्रशासन की कार्यशैली

बरवाडीह प्रखंड में विकास की नई पहचान बनी बीडीओ रेशमा रेखा मिंज, दो वर्षों में गांव-गांव पहुंचकर बदली प्रशासन की कार्यशैली

author Akram Ansari
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#लातेहार #प्रशासनिक_कार्यकाल : बरवाडीह में दो वर्ष पूरे होने पर बीडीओ रेशमा रेखा मिंज के जनसंपर्क, विकास और महिला सशक्तिकरण कार्यों की व्यापक चर्चा

लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड में बीडीओ रेशमा रेखा मिंज ने दो वर्षों के कार्यकाल में प्रशासन को गांवों तक पहुंचाने की पहल की है। सुदूरवर्ती क्षेत्रों का दौरा कर उन्होंने सड़क, पेयजल, आवास और पेंशन जैसी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया। उनके जनोन्मुखी कार्यों की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है।

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  • बरवाडीह प्रखंड की बीडीओ रेशमा रेखा मिंज ने पूरा किया दो वर्ष का सफल कार्यकाल।
  • सुदूर और अति पिछड़े गांवों का दौरा कर ग्रामीण समस्याओं का लिया प्रत्यक्ष जायजा
  • सड़क, पेयजल, आवास, पेंशन और राशन योजनाओं के क्रियान्वयन में लाई तेजी।
  • स्वयं सहायता समूहों को सशक्त कर महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा।
  • पारदर्शी कार्यशैली और संवेदनशील रवैये से प्रशासन और जनता के बीच बढ़ा भरोसा।

लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) रेशमा रेखा मिंज के दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर क्षेत्र में उनके कार्यों की व्यापक चर्चा हो रही है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने केवल कार्यालय तक सीमित रहने के बजाय गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान की दिशा में ठोस पहल की। खासकर सुदूरवर्ती और अति पिछड़े गांवों तक प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित करना उनकी कार्यशैली की प्रमुख पहचान रही है।

सुदूरवर्ती गांवों तक पहुंचकर जानी जमीनी हकीकत

बरवाडीह प्रखंड के कई दूर-दराज गांव लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे थे। इन क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, आवास, पेंशन और राशन से संबंधित समस्याएं आम थीं। बीडीओ रेशमा रेखा मिंज ने स्वयं इन गांवों का दौरा कर जमीनी स्थिति का आकलन किया और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उन्होंने उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज किया, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आई और पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया तेज हुई।

योजनाओं के लाभ से वंचित लोगों को दिलाया अधिकार

अपने कार्यकाल में उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि कोई भी जरूरतमंद सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड और पेयजल जैसी मूलभूत योजनाओं के लाभुकों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा गया।

विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया, जिससे ग्रामीणों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई।

महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर

बीडीओ रेशमा रेखा मिंज ने अपने कार्यकाल में महिला सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता दी। प्रखंड क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों (SHG) को सक्रिय करने के लिए विशेष पहल की गई। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भागीदारी बढ़ाने और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए।

इन पहलों का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि कई महिलाओं ने छोटे-छोटे व्यवसाय और आजीविका गतिविधियों को अपनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

जनसुनवाई और संवेदनशील प्रशासनिक कार्यशैली

प्रखंड कार्यालय में भी उनकी कार्यशैली को लेकर आमजन में सकारात्मक धारणा बनी है। दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को वे गंभीरता से सुनती हैं और त्वरित समाधान का प्रयास करती हैं।

उनका व्यवहारिक, संवेदनशील और पारदर्शी दृष्टिकोण प्रशासन को जनोन्मुखी बनाने में सहायक साबित हुआ है। इससे प्रशासन और जनता के बीच संवाद और भरोसा मजबूत हुआ है।

विकास और भरोसे की मजबूत कड़ी बनीं बीडीओ मिंज

दो वर्षों के कार्यकाल में रेशमा रेखा मिंज ने प्रशासन और ग्रामीण समाज के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य किया है। विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित क्षेत्रीय भ्रमण और समस्याओं के त्वरित समाधान ने उन्हें एक कर्मठ और सक्रिय अधिकारी के रूप में स्थापित किया है।

स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के बीच भी उनके कार्यों की सराहना हो रही है। माना जा रहा है कि उनकी कार्यशैली का लाभ आने वाले समय में भी प्रखंड क्षेत्र के समग्र विकास में देखने को मिलेगा।

न्यूज़ देखो: जमीनी प्रशासन ही बनाता है विकास की असली नींव

बरवाडीह में बीडीओ रेशमा रेखा मिंज का दो वर्षीय कार्यकाल यह दर्शाता है कि जब प्रशासन गांवों तक पहुंचता है, तब विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ आमजन तक पहुंचता है। जमीनी स्तर पर संवाद, संवेदनशीलता और पारदर्शिता किसी भी प्रखंड के समग्र विकास की आधारशिला होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जनभागीदारी से ही होगा समग्र विकास का सपना साकार

गांवों के विकास में प्रशासन के साथ-साथ जनता की भागीदारी भी बेहद जरूरी है।
अपनी समस्याओं को खुलकर प्रशासन तक पहुंचाएं और योजनाओं का लाभ उठाएं।
महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देकर समाज को मजबूत बनाएं।
जागरूक नागरिक बनकर विकास कार्यों में सहयोग करें।
ऐसी सकारात्मक खबरों को साझा करें और अपने क्षेत्र की आवाज को मजबूत बनाएं।
आपकी राय और सुझाव प्रशासनिक सुधार की दिशा तय कर सकते हैं, कमेंट कर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें।

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Written by

बरवाडीह, लातेहार

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