News dekho specials
Giridih

चार लेबर बिल के खिलाफ 12 फरवरी को भारत बंद, 17 फरवरी को बालमुकुंद फैक्ट्री जीएम के खिलाफ चेतावनी लाठी मार्च

#गिरिडीह #मजदूर_आंदोलन : असंगठित मजदूर मोर्चा और भाकपा माले ने ग्रामीण इलाकों में आंदोलन तेज करने का ऐलान।

चार लेबर बिल के विरोध में 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी आंदोलन और 17 फरवरी को बालमुकुंद फैक्ट्री के जीएम के खिलाफ चेतावनी रैली को लेकर गिरिडीह जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। ग्रामीण मजदूरों को एकजुट करने के उद्देश्य से दर्जनों गांवों में लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में प्रखंड कार्यालय महुवाटांड़ में असंगठित मजदूर मोर्चा की एक अहम बैठक संपन्न हुई, जिसमें भाकपा माले द्वारा लिए गए निर्णयों को जमीनी स्तर पर लागू करने पर चर्चा हुई।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • 12 फरवरी को चार लेबर बिल के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन।
  • 17 फरवरी को बालमुकुंद फैक्ट्री के जीएम के खिलाफ चेतावनी लाठी मार्च।
  • ग्रामीण इलाकों में आंदोलन को मजबूत करने के लिए लगातार बैठकें।
  • मजदूर शोषण और प्रदूषण के मुद्दे को लेकर प्रशासन पर सवाल।
  • नगर निगम चुनाव के कारण शहरी क्षेत्र में आंदोलन नहीं।

बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा माले के वरिष्ठ नेता कन्हाई पांडेय ने कहा कि ग्रामीण मजदूरों के साथ लगातार ज्यादती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बालमुकुंद फैक्ट्री के जीएम मजदूरों का शोषण करते हैं और मजदूरों पर बार-बार फर्जी मुकदमे दर्ज कराने का उनका पुराना रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 17 फरवरी को चेतावनी स्वरूप लाठी मार्च निकाला जाएगा।

फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं पर भी उठे सवाल

कन्हाई पांडेय ने कहा कि क्षेत्र की सभी फैक्ट्रियों से भारी मात्रा में धुआं निकलता है, जिससे ग्रामीणों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस पर नियंत्रण करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। माले कार्यकर्ताओं ने गिरिडीह उपायुक्त से मांग करने की बात कही कि इंडस्ट्रियल एरिया की सप्ताह में कम से कम एक बार जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

बैठक में माले नेता मसूदन कोल और किशोर राय ने कहा कि बालमुकुंद फैक्ट्री के खिलाफ लगातार शिकायतें की जा रही हैं, इसके बावजूद प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है, यह बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

ग्रामीणों को आंदोलन के लिए किया जा रहा जागरूक

ग्रामीण इलाकों में माले नेता राजेश सिन्हा ने महिला-पुरुषों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल शांत रहने से कुछ नहीं होगा। उन्होंने कहा,

“अपनी आवाज खुद बुलंद करनी होगी। आपकी आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा, इसकी गारंटी भाकपा माले देता है।”

उन्होंने ग्रामीणों से 12 फरवरी के भारत बंद और 17 फरवरी के लाठी मार्च में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।

भारत बंद की तैयारी जोरों पर

माले और असंगठित मजदूर मोर्चा द्वारा 12 फरवरी को होने वाले भारत बंद की तैयारी ग्रामीण क्षेत्रों में जोर-शोर से की जा रही है। दर्जनों गांवों के महिला और पुरुष बंद के दौरान मुफस्सिल क्षेत्रों में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। वहीं, नगर निगम चुनाव को देखते हुए शहरी क्षेत्रों में आंदोलन नहीं करने का निर्णय लिया गया है।

News dekho specials

बैठक में ये रहे मौजूद

बैठक में असंगठित मजदूर मोर्चा के अध्यक्ष व भाकपा माले के प्रखंड सचिव मसूदन कोल, लखन कोल, सनातन साहू, भीम कोल, धूमा टुड्डू, चंदन टुडू, मैना मोहली, रामस्वरूप मांझी, मोहन कोल, कर्मी देवी, कौशल्या देवी, खुदनी देवी, दशमी देवी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद थे।

न्यूज़ देखो: मजदूर आंदोलन की बढ़ती आहट

चार लेबर बिल और फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ उभरता यह आंदोलन आने वाले दिनों में प्रशासन और उद्योग प्रबंधन के लिए चुनौती बन सकता है। ग्रामीण इलाकों में लगातार बैठकों और लामबंदी से साफ है कि 12 और 17 फरवरी को जिले का माहौल गर्म रहने वाला है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन मांगों पर क्या रुख अपनाता है।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 1 / 5. कुल वोट: 1

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Saroj Verma

दुमका/देवघर
Back to top button
🔔

Notification Preferences

error: