जन्मदिन बना प्रेरणा का पर्व, बरसलोया में टॉपर्स सम्मान समारोह ने रचा नया इतिहास

जन्मदिन बना प्रेरणा का पर्व, बरसलोया में टॉपर्स सम्मान समारोह ने रचा नया इतिहास

author Birendra Tiwari
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#कोलेबिरा #शिक्षा_उत्सव : जन्मदिन के साथ टॉपर्स सम्मान ने विद्यार्थियों में भरा आत्मविश्वास।

सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड के बरसलोया गांव में ओहदार ट्यूशन इंस्टीट्यूट में संस्थापक कुलदीप ओहदार के जन्मदिन पर टॉपर्स सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में झारखंड बोर्ड के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया और उनके अनुभव साझा कराए गए। इस आयोजन ने शिक्षा, प्रेरणा और अनुशासन का संदेश दिया। समारोह में छात्र, अभिभावक और कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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  • बरसलोया, कोलेबिरा में ओहदार ट्यूशन का भव्य समारोह।
  • कुलदीप ओहदार के जन्मदिन पर टॉपर्स का सम्मान।
  • शिवांगी कुमारी सहित कई मेधावी छात्रों को किया गया सम्मानित।
  • दशरथ सिंह (फॉरेस्ट ऑफिसर) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित।
  • छात्रों ने साझा किए सफलता के अनुभव और अध्ययन मंत्र

सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड अंतर्गत ग्राम बरसलोया के जामटोली स्थित ओहदार ट्यूशन इंस्टीट्यूट में शिक्षा और उत्सव का अनूठा संगम देखने को मिला। संस्थापक कुलदीप ओहदार के जन्मदिन के अवसर पर झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) के 10वीं मैट्रिक परीक्षा के स्टेट टॉपर, जिला टॉपर और अन्य मेधावी छात्रों के सम्मान में भव्य समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत केक कटिंग के साथ हुई, जहां कुलदीप ओहदार ने सबसे पहले अपनी माता को केक खिलाकर संस्कार और सम्मान का संदेश दिया। इसके बाद पूरे परिसर में “हैप्पी बर्थडे कुलदीप सर” के नारों से माहौल गूंज उठा।

छात्रों और सहयोगियों की शानदार भागीदारी

कार्यक्रम की सजावट और आयोजन में कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों ने अहम भूमिका निभाई। इसमें नंदनी कुमारी, गुड्डी कुमारी, तन्वी कुमारी, प्रिया कुमारी, अंजली कुमारी, रक्षित कुमारी, प्राची कुमारी सहित अन्य छात्रों का योगदान सराहनीय रहा।

वहीं आयोजन को सफल बनाने में आकाश सिंह, रामा ओहदार और पंकज राम ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम में नर्सरी से लेकर कक्षा 10वीं तक के छात्र, पूर्व विद्यार्थी और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

विशेष अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में पंजाब के फॉरेस्ट ऑफिसर दशरथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि ग्रामीण पुलिस अधिकारी परमानंद नाग ने भी कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।

कुलदीप ओहदार ने कहा: “यह दिन मेरे जीवन का सबसे खास दिन है, हमारे विद्यार्थियों ने पूरे झारखंड में परचम लहराया है, यह हम सबके लिए गर्व की बात है।”

टॉपर्स ने साझा किए सफलता के मंत्र

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “एक्सपीरियंस शेयरिंग सेशन” रहा, जिसमें टॉपर छात्रों ने अपनी सफलता के राज साझा किए।

स्टेट टॉपर शिवांगी कुमारी ने बताया कि नियमित पढ़ाई, रिवीजन और लगातार टेस्ट देने से उन्हें सफलता मिली। उन्होंने रोज 4–5 घंटे पढ़ाई करने और कठिन विषयों से डरने के बजाय उन्हें समझने की सलाह दी।

जिला टॉपर नवदीप साहु ने फोकस और धैर्य को सफलता की कुंजी बताया और सोशल साइंस पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

सौरव कुमार सोनी ने अनुशासन और सही रणनीति को महत्वपूर्ण बताते हुए मोबाइल और ऑनलाइन गेम से दूरी बनाने की सलाह दी।

इसके अलावा नीतू कुमारी, आनंद सिंह और साक्षी कुमारी ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए छात्रों को टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई करने, आत्मविश्वास बनाए रखने और सकारात्मक सोच रखने की प्रेरणा दी।

छात्रों को मिला सम्मान और प्रोत्साहन

कार्यक्रम के दौरान कुलदीप ओहदार द्वारा सभी टॉपर छात्रों को पुस्तक और डायरी देकर सम्मानित किया गया। वहीं दशरथ सिंह ने मेधावी छात्रों को ₹100 से ₹500 तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की।

उन्होंने भविष्य में टॉपर छात्रों को ₹50,000 तक पुरस्कार देने की घोषणा भी की, जिससे छात्रों में उत्साह और बढ़ गया।

प्रशासन और सरकार का सहयोग

कार्यक्रम में यह घोषणा भी की गई कि स्टेट टॉपर शिवांगी कुमारी की आगे की पढ़ाई का पूरा खर्च सिमडेगा की उपायुक्त कंचन सिंह द्वारा उठाया जाएगा। इसके अलावा झारखंड सरकार द्वारा भी उन्हें प्रोत्साहन राशि, लैपटॉप और अन्य सम्मान दिए जाएंगे।

कुलदीप ओहदार ने कहा: “यह केवल एक छात्रा की सफलता नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की उपलब्धि है।”

शिक्षा और संस्कार का अनूठा संगम

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कुलदीप ओहदार को उपहार भी भेंट किए, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण का फोटो फ्रेम विशेष आकर्षण रहा।

समारोह के अंत में कुलदीप ओहदार ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम का समापन किया।

यह आयोजन केवल जन्मदिन का जश्न नहीं, बल्कि शिक्षा, अनुशासन और प्रेरणा का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।

न्यूज़ देखो: गांव से उठी शिक्षा की क्रांति

बरसलोया का यह कार्यक्रम साबित करता है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से छोटे गांव भी बड़े सपनों को साकार कर सकते हैं। यह पहल शिक्षा के प्रति जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का संकेत है। अब जरूरत है कि ऐसे प्रयासों को और बढ़ावा दिया जाए ताकि हर गांव शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शिक्षा ही सफलता की सबसे मजबूत नींव

छोटे प्रयास ही बड़े बदलाव की शुरुआत करते हैं।
मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
हर छात्र में क्षमता है, जरूरत है उसे पहचानने की।

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शिक्षा का दीप जलाएं और समाज को आगे बढ़ाएं।

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Written by

सिमडेगा

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