
#गिरिडीह #डुमरी #किसान_चौपाल : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू की उपस्थिति में किसानों से सीधा संवाद होगा।
डुमरी में 24 जनवरी को आयोजित होने वाले किसान चौपाल कार्यक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस कार्यक्रम में भाजपा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य प्रसाद साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए गिरिडीह जिले के भाजपा नेताओं ने निमियाघाट मंडल के रंगामाटी में बैठक कर रणनीति तय की। किसान चौपाल के माध्यम से किसानों की समस्याओं और सुझावों को सीधे पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
- 24 जनवरी को डुमरी में आयोजित होगा किसान चौपाल कार्यक्रम।
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य प्रसाद साहू होंगे मुख्य अतिथि।
- कार्यक्रम की तैयारी को लेकर निमियाघाट मंडल के रंगामाटी में बैठक।
- बैठक में गिरिडीह जिला अध्यक्ष महादेव दुबे समेत कई नेता उपस्थित।
- किसानों की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं पर होगा सीधा संवाद।
- कार्यकर्ताओं ने अधिकतम किसान भागीदारी का लिया संकल्प।
डुमरी में प्रस्तावित किसान चौपाल कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी इस आयोजन को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों से सीधा संवाद स्थापित करने के मंच के रूप में देख रही है। 24 जनवरी को होने वाले इस चौपाल में भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य प्रसाद साहू की उपस्थिति को संगठन के लिए अहम माना जा रहा है।
किसान चौपाल की तैयारी को लेकर रंगामाटी में बैठक
किसान चौपाल को सफल और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गिरिडीह जिले के भाजपा नेताओं ने निमियाघाट मंडल अंतर्गत रंगामाटी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, मंच व्यवस्था, किसानों की भागीदारी और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
नेताओं ने स्पष्ट किया कि किसान चौपाल केवल औपचारिक आयोजन न होकर किसानों की वास्तविक समस्याओं को सुनने और समझने का मंच होगा।
वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी
बैठक में गिरिडीह जिला अध्यक्ष महादेव दुबे, गिरिडीह ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र वर्मा, गिरिडीह महानगर जिलाध्यक्ष रंजीत कुमार राय और भाजपा नेता प्रदीप साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि किसान चौपाल को ऐतिहासिक बनाने के लिए संगठन के हर स्तर पर समन्वय और मेहनत की आवश्यकता है।
कार्यकर्ताओं को सौंपी गई जिम्मेदारियां
बैठक के दौरान विभिन्न कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। किसानों तक कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने, गांव-गांव संपर्क करने और अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
नेताओं ने कार्यकर्ताओं से कहा कि चौपाल में किसानों की उपस्थिति ही कार्यक्रम की सफलता का सबसे बड़ा पैमाना होगी।
किसानों की आवाज बनेगा चौपाल
भाजपा नेताओं ने कहा कि किसान चौपाल के माध्यम से किसानों की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को सीधे पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा।
खेती, सिंचाई, फसल बीमा, मूल्य समर्थन, कृषि लागत और बाजार से जुड़े मुद्दों पर किसानों से खुलकर संवाद किया जाएगा, ताकि उनकी वास्तविक स्थिति को समझा जा सके।
किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी
किसान चौपाल में केंद्र और राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी भी किसानों को दी जाएगी।
नेताओं का कहना है कि कई योजनाएं जानकारी के अभाव में किसानों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पातीं, ऐसे में चौपाल एक प्रभावी माध्यम साबित हो सकता है।
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को लेकर उत्साह जताया और अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने का संकल्प लिया।
उन्होंने कहा कि डुमरी क्षेत्र में किसानों की भागीदारी से यह चौपाल न केवल सफल होगा, बल्कि भविष्य की नीतियों के लिए दिशा भी तय करेगा।
संगठनात्मक मजबूती का प्रयास
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि किसान चौपाल के माध्यम से भाजपा संगठनात्मक रूप से भी खुद को मजबूत करने की कोशिश में है।
किसानों से सीधे संवाद कर उनकी अपेक्षाओं को समझना और समाधान का भरोसा देना पार्टी की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
न्यूज़ देखो: किसानों से संवाद की राजनीति की कसौटी
डुमरी में प्रस्तावित किसान चौपाल भाजपा के लिए किसानों से सीधे जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू की मौजूदगी से कार्यक्रम का राजनीतिक और संगठनात्मक महत्व बढ़ गया है। अब यह देखना अहम होगा कि किसानों की समस्याओं को केवल सुना ही नहीं, बल्कि उन पर आगे क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
किसान संवाद से बदलेगा भविष्य का रास्ता
जब किसान खुलकर अपनी बात रखते हैं, तब नीतियों को नई दिशा मिलती है। किसान चौपाल ऐसा ही मंच बन सकता है, जहां संवाद से समाधान की राह निकले।
आप भी किसानों से जुड़े मुद्दों पर सजग रहें और सकारात्मक चर्चा का हिस्सा बनें।
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