#डुमरी #किसान_आंदोलन : किसानों की समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर भाजपा ने प्रदर्शन किया।
डुमरी प्रखंड कार्यालय परिसर में किसानों की विभिन्न समस्याओं और सरकार से की गई मांगों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा प्रखंड अध्यक्ष जवाहर कवर ने किया, जिसके बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। धरना में किसानों की फसल क्षति, खाद-बीज, सिंचाई और एमएसपी सहित कई मुद्दे उठाए गए। भाजपा नेताओं ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया।
- डुमरी प्रखंड कार्यालय परिसर में भाजपा का धरना आयोजित हुआ।
- कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा प्रखंड अध्यक्ष जवाहर कवर ने किया।
- एमएसपी 3200 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग उठी।
- फसल नुकसान पर उचित मुआवजा देने की मांग की गई।
- खाद, बीज, सिंचाई और मुफ्त बिजली की मांग ज्ञापन में शामिल रही।
- कार्यक्रम में कई भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
डुमरी प्रखंड क्षेत्र में किसानों की विभिन्न समस्याओं और सरकार द्वारा किए गए वादों को पूरा करने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रखंड कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। बाद में प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा ने जताया विरोध
धरना कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि किसानों को वर्तमान समय में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और कृषि संसाधनों की कमी ने किसानों की स्थिति को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे भाजपा प्रखंड अध्यक्ष जवाहर कवर ने कहा कि किसानों से चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन उन वादों को धरातल पर पूरा नहीं किया गया।
भाजपा प्रखंड अध्यक्ष जवाहर कवर ने कहा: “राज्य के किसान गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार लगातार किसानों की अनदेखी कर रही है। चुनाव के दौरान किए गए वादे आज तक केवल घोषणाओं तक सीमित हैं।”
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रभावित किसानों को राहत और मुआवजा समय पर नहीं मिल पा रहा है।
राजेश केसरी ने किसानों के अधिकारों की उठाई आवाज
कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता राजेश केसरी ने भी किसानों की समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना आवश्यक है और उनकी मेहनत को उचित मूल्य मिलना चाहिए।
राजेश केसरी ने कहा: “किसान देश की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य और अधिकार मिलना चाहिए। भाजपा किसानों के हितों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ती रहेगी।”
ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख मांगें
धरना प्रदर्शन के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों से संबंधित कई महत्वपूर्ण मांगों को शामिल किया गया।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्न मांगें रखी गईं—
धान खरीद और आर्थिक सहायता से जुड़ी मांगें
- धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 3200 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए।
- किसानों के बकाया भुगतान का जल्द निपटारा किया जाए।
- फसल नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए।
कृषि संसाधनों और सुविधाओं की मांग
- किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराया जाए।
- सिंचाई व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए।
- किसानों के लिए मुफ्त बिजली सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
धरना कार्यक्रम में भाजपा से जुड़े कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई और आगे भी आवाज उठाने की बात कही गई।
मौके पर जगजीवन भगत, विकास कवर, पवन केसरी, सुखराम नायक, कांति देवी, संदीप कुमार, रघुनाथ यादव सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
न्यूज़ देखो: किसानों के मुद्दों पर राजनीति से आगे समाधान जरूरी
किसानों की समस्याएं लंबे समय से चर्चा का विषय रही हैं। मौसम की मार, संसाधनों की कमी और आर्थिक चुनौतियां किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों द्वारा मुद्दों को उठाना महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे अधिक जरूरी है कि समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम भी उठाए जाएं। किसानों को राहत, संसाधन और समय पर सहायता देना विकास की बुनियादी आवश्यकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अन्नदाता मजबूत होगा तभी गांव और देश मजबूत बनेगा
किसानों की मेहनत देश की अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है। खेतों की समृद्धि ही समाज की खुशहाली का आधार बनती है।
जरूरी है कि किसानों की समस्याओं पर केवल चर्चा न हो बल्कि उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास भी किए जाएं।
अपने क्षेत्र के किसानों के मुद्दों पर जागरूक बनें और सकारात्मक पहल का हिस्सा बनें।
अपनी राय कमेंट में जरूर दें, खबर को ज्यादा से ज्यादा साझा करें और अन्नदाताओं की आवाज को मजबूत बनाएं।

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