जमीन विवाद में सगे भाई ने चलाई तीर, छाती में लगी तीर से घायल व्यक्ति भर्ती

जमीन विवाद में सगे भाई ने चलाई तीर, छाती में लगी तीर से घायल व्यक्ति भर्ती

author Surendra Verma
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#पाकुड़ #जमीन_विवाद : बिशनपुर गांव में पारिवारिक विवाद ने ली हिंसक रूप, पुलिस जांच में जुटी
  • मालपहाड़ी ओपी थाना क्षेत्र के बिशनपुर गांव में जमीन विवाद से बढ़ा तनाव।
  • सगे भाई ने अपने ही भाई पर तीर चला दिया, छाती में लगी तीर।
  • घायल व्यक्ति को पाकुड़ सदर अस्पताल में कराया गया भर्ती।
  • मामला संथाल आदिवासी समुदाय के दो भाइयों के बीच का बताया गया।
  • थाना प्रभारी ने कहा — पुलिस जांच में जुटी, जल्द होगी कार्रवाई।

पाकुड़ जिले के मालपहाड़ी ओपी थाना क्षेत्र के बिशनपुर गांव में गुरुवार को जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आपसी रंजिश के बीच सगे भाइयों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि एक भाई ने गुस्से में आकर दूसरे भाई पर तीर चला दिया। तीर सीधे उसकी छाती में जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल व्यक्ति को आनन-फानन में पाकुड़ सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार घायल की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन गहरी चोट लगने के कारण निगरानी में रखा गया है।

पारिवारिक विवाद से उपजा तनाव

ग्रामीणों के मुताबिक यह विवाद लंबे समय से जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहा था। कई बार पंचायत स्तर पर सुलह की कोशिशें भी हुईं, लेकिन मामला नहीं सुलझ सका। गुरुवार को फिर किसी बात पर बहस हुई और देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

मालपहाड़ी ओपी थाना प्रभारी ने बताया: “यह घटना आपसी जमीन विवाद को लेकर हुई है। मामला संथाल आदिवासी समुदाय के दो भाइयों के बीच का है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।”

पुलिस जांच में जुटी

घटना की जानकारी मिलते ही मालपहाड़ी ओपी थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ कर विवाद से जुड़े तथ्यों को संकलित किया है। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि घटना आपसी रंजिश और जमीन के बंटवारे से संबंधित है।

न्यूज़ देखो: पारिवारिक विवाद बना हिंसा का कारण

यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि जमीन जैसे मामलों में आपसी संवाद और समझदारी की कमी कैसे खूनी संघर्ष का रूप ले सकती है। प्रशासन को ऐसे संवेदनशील इलाकों में नियमित मध्यस्थता की पहल करनी चाहिए ताकि छोटे-छोटे विवाद बड़ी घटनाओं में न बदलें।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संवाद से सुलझाएं विवाद

समाज में बढ़ते जमीनी विवाद यह दर्शाते हैं कि संवाद और समझदारी की कमी से रिश्ते टूट रहे हैं। जरूरी है कि परिवार और समुदाय मिलकर विवादों को सुलझाने के रास्ते तलाशें। हिंसा किसी समाधान का रास्ता नहीं होती।
आइए हम सब शांति, सहयोग और आपसी सम्मान के संदेश को आगे बढ़ाएं। अपनी राय कमेंट करें और इस खबर को साझा करें ताकि जागरूकता फैले और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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Written by

डुमरी, गिरिडीह

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