#लातेहार #अपहरण_मामला : पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दो किशोरियों को सुरक्षित बरामद किया।
लातेहार जिले के बारियातू थाना क्षेत्र में अपहरण की शिकार दो नाबालिग किशोरियों को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव को मिली गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई की गई। घटना के बाद से चिंतित परिजनों ने किशोरियों की सुरक्षित वापसी पर राहत जताई है।
- बारियातू थाना क्षेत्र से अपहृत दो नाबालिग किशोरियां पुलिस ने सकुशल बरामद कीं।
- 18 मई 2026 को दर्ज प्राथमिकी के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तार आरोपियों में मनीष उरांव और रोहित कुमार शामिल, दोनों को न्यायिक हिरासत भेजा गया।
- अपहरण में शादी का झांसा देने का आरोप, एक अन्य आरोपी मनोज उरांव अब भी फरार।
- पुलिस ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर सफल अभियान चलाया।
- किशोरियों की सुरक्षित बरामदगी के बाद परिजनों ने पुलिस का आभार जताया।
लातेहार जिले में नाबालिग किशोरियों के अपहरण मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बारियातू थाना क्षेत्र से लापता हुई दो किशोरियों को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव के निर्देश पर चलाए गए अभियान में तकनीकी जांच और गुप्त सूचना की अहम भूमिका रही। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता की चर्चा हो रही है और परिजनों ने राहत की सांस ली है।
11 मई से लापता थीं दोनों किशोरियां
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बारियातू थाना कांड संख्या 34/26 दिनांक 18 मई 2026 को बीएनएस की धारा 96/03(5) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आवेदन में बताया कि उसकी दो मौसेरी बहनें 11 मई 2026 की सुबह लगभग 11:30 बजे से घर से लापता थीं।
परिजनों द्वारा काफी खोजबीन किए जाने के बाद भी जब दोनों किशोरियों का कोई पता नहीं चला, तब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। आवेदन में आरोप लगाया गया कि गांव के युवक मनीष उरांव की सहायता से मनोज उरांव और बिहार के एक युवक ने शादी का झांसा देकर दोनों किशोरियों का अपहरण किया।
पुलिस ने तुरंत शुरू किया सर्च ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए लातेहार पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी जांच, मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचना के आधार पर लगातार कार्रवाई की।
जांच के दौरान पुलिस ने दोनों किशोरियों का पता लगाकर उन्हें सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी घटना टल गई। बरामदगी के बाद दोनों किशोरियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत संरक्षण में लिया गया।
दो आरोपी गिरफ्तार, एक अब भी फरार
पुलिस ने इस मामले में प्राथमिक अभियुक्त मनीष उरांव (22 वर्ष), पिता झरी उरांव, निवासी ग्राम टोटीहेसला, थाना बारियातू, जिला लातेहार को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा अप्राथमिक अभियुक्त रोहित कुमार (21 वर्ष), पिता रविंद्र पंडित, निवासी सुस्ता शिव मंदिर के पीछे, पक्की थाना, जिला मुजफ्फरपुर, बिहार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं मामले में फरार आरोपी मनोज उरांव की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
पुलिस की कार्रवाई से परिजनों को मिली राहत
दोनों किशोरियों की सकुशल बरामदगी के बाद उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। कई दिनों से चिंता और तनाव में रह रहे परिवार के लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
ग्रामीणों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा है। लोगों का कहना है कि समय रहते पुलिस की सक्रियता से दोनों किशोरियों को सुरक्षित वापस लाना बड़ी उपलब्धि है।
पुलिस का कहना है कि जांच जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे घटनाक्रम का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने कहा: “नाबालिगों से जुड़े मामलों में लातेहार पुलिस पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर रही है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।”
जिले में बढ़ रही सतर्कता की जरूरत
यह मामला एक बार फिर यह संकेत देता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नाबालिगों को बहला-फुसलाकर ले जाने की घटनाओं को लेकर समाज और प्रशासन दोनों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। सोशल संपर्क, शादी का झांसा और गलत संगत के जरिए अपराधी युवाओं को निशाना बना रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि परिवारों को बच्चों के साथ लगातार संवाद बनाए रखना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए।
न्यूज़ देखो: त्वरित पुलिस कार्रवाई ने टाली बड़ी अनहोनी
लातेहार पुलिस की यह कार्रवाई बताती है कि समय पर सूचना और सक्रिय पुलिसिंग से गंभीर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। नाबालिग किशोरियों की सुरक्षित बरामदगी निश्चित रूप से राहत देने वाली खबर है, लेकिन यह घटना समाज के सामने कई सवाल भी खड़े करती है। आखिर ग्रामीण क्षेत्रों में शादी का झांसा देकर किशोरियों को बहकाने की घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं और इन्हें रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता कितनी जरूरी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी कब तक होती है और पूरे नेटवर्क का खुलासा कैसे सामने आता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक समाज ही रोक सकता है ऐसे अपराध
नाबालिग बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
अगर आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें।
बच्चों और किशोरियों को जागरूक बनाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
सुरक्षित समाज के लिए पुलिस और जनता के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत होना जरूरी है।
अपनी बेटियों की सुरक्षा और समाज की जागरूकता के लिए आगे आएं।
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