
#खलारी #रांची #अपराध_घटना : गोलीबारी में घायल इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसायी ने इलाज के दौरान दम तोड़ा।
खलारी बाजार टांड़ में 11 जनवरी को हुई गोलीबारी की घटना में गंभीर रूप से घायल इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसायी विजय केशरी का बुधवार को रांची स्थित रिम्स में निधन हो गया। वे बीते दस दिनों से जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे थे। इस घटना ने पूरे खलारी क्षेत्र में भय, शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
- 11 जनवरी को खलारी बाजार टांड़ में हुई थी गोलीबारी की घटना।
- इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसायी विजय केशरी गंभीर रूप से हुए थे घायल।
- इलाज के दौरान रांची स्थित रिम्स में हुई मौत।
- पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल।
- घटना से व्यवसायियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश।
खलारी बाजार टांड़ गोलीकांड ने आखिरकार एक जिंदग़ी छीन ली। 11 जनवरी को मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत खलारी बाजार टांड़ में दिनदहाड़े इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसायी विजय केशरी पर अपराधियों ने जानलेवा हमला किया था। गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बुधवार को इलाज के दौरान रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में उनका निधन हो गया।
विजय केशरी की मौत की खबर जैसे ही खलारी और आसपास के इलाकों में फैली, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय व्यवसायी और आम नागरिक घटना को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश जता रहे हैं।
कैसे हुई थी गोलीबारी की घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 जनवरी को खलारी बाजार टांड़ में रोजमर्रा की तरह विजय केशरी अपनी इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान अपराधियों ने उन पर अचानक फायरिंग कर दी। गोली लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल अवस्था में उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया था। बीते दस दिनों से वे आईसीयू में भर्ती थे और डॉक्टरों की टीम उन्हें बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही थी, लेकिन अंततः बुधवार को एक बजे के आसपास उन्होंने दम तोड़ दिया।
इलाज के दौरान चला लंबा संघर्ष
विजय केशरी के परिजनों के अनुसार, रिम्स में उनका इलाज लगातार चल रहा था। कई बार हालत में सुधार की उम्मीद भी जगी, लेकिन जख्म बेहद गंभीर थे। दस दिनों तक जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष के बाद उनकी मृत्यु ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।
परिजनों ने बताया कि विजय केशरी परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे और वर्षों से खलारी बाजार में ईमानदारी से अपना व्यवसाय चला रहे थे। उनकी असमय मौत से परिवार के सामने आजीविका और भविष्य की गंभीर चिंता खड़ी हो गई है।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना के बाद मैक्लुस्कीगंज थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित जांच शुरू की थी। पुलिस ने विभिन्न बिंदुओं पर जांच करते हुए इस गोलीकांड में संलिप्त पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अपराधियों की पहचान कर उन्हें पकड़ना प्राथमिकता थी ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके। हालांकि, विजय केशरी की मौत के बाद अब इस मामले में धाराएं और भी गंभीर हो गई हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा:
“घटना बेहद गंभीर है। आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और मामले की गहन जांच जारी है। कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
व्यापारियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस घटना ने खलारी के व्यवसायियों को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि दिनदहाड़े बाजार में इस तरह की गोलीबारी से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। लोगों में डर का माहौल है और वे स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
कई व्यवसायियों ने कहा कि विजय केशरी एक शांत, मिलनसार और मेहनती व्यापारी थे। उनकी हत्या सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि पूरे व्यवसायिक समाज पर हमला है। लोगों ने प्रशासन से बाजार क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
शोक में डूबा परिवार और क्षेत्र
विजय केशरी के निधन की सूचना मिलते ही उनके घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया। रिश्तेदार, मित्र, व्यवसायी संगठन और स्थानीय लोग उनके घर पहुंचकर शोक संवेदना प्रकट कर रहे हैं। लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस दुख की घड़ी में ढांढस बंधाया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में भय का माहौल पैदा करती हैं और आम लोगों का भरोसा कानून व्यवस्था से उठने लगता है।
न्यूज़ देखो: बाजार में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
खलारी बाजार टांड़ गोलीकांड और विजय केशरी की मौत ने एक बार फिर बाजार क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को पकड़ा, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भविष्य में बाजारों और व्यापारिक इलाकों में सुरक्षा को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अपराध के खिलाफ एकजुटता जरूरी
किसी भी समाज की मजबूती उसकी सुरक्षा से जुड़ी होती है।
व्यवसायियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाना और सतर्क रहना हम सबका दायित्व है।
अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और सुरक्षित समाज के लिए जागरूकता फैलाएं।




