
#सिमडेगा #चैती_छठ : उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर श्रद्धालुओं ने पर्व का समापन किया।
सिमडेगा जिले में चैती छठ पर्व उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ संपन्न हो गया। प्रातःकालीन बेला में श्रद्धालुओं ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उपायुक्त कंचन सिंह ने अपने परिवार के साथ घाट पर अर्घ्य देकर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। पूरे जिले में भक्तिमय वातावरण के बीच पर्व का शांतिपूर्ण समापन हुआ।
- उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ चैती छठ पर्व संपन्न।
- उपायुक्त कंचन सिंह ने परिवार संग घाट पर किया अर्घ्यदान।
- प्रातःकालीन बेला में विधि-विधान से संपन्न हुई पूजा।
- श्रद्धालुओं ने मांगी सुख, शांति और समृद्धि की कामना।
- पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण के बीच हुआ समापन।
सिमडेगा जिले में लोक आस्था का महापर्व चैती छठ श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हो गया। पर्व के अंतिम दिन प्रातःकालीन बेला में उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया गया। इस दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्ति एवं आस्था से ओतप्रोत नजर आया। सभी व्रतियों ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करते हुए अपने परिवार और समाज की खुशहाली की कामना की।
उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न हुआ पर्व
चैती छठ के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर चार दिवसीय पर्व का समापन किया। सुबह की पहली किरण के साथ ही घाटों पर व्रती जल में खड़े होकर भगवान भास्कर की उपासना करते नजर आए।
इस दौरान भक्तों ने पूरे श्रद्धा भाव से पूजा करते हुए अपने परिवार की सुख-समृद्धि और समाज में शांति की कामना की।
उपायुक्त ने परिवार संग किया अर्घ्यदान
इस अवसर पर उपायुक्त कंचन सिंह ने अपने परिवार के साथ घाट पर पहुंचकर विधि-विधान से अर्घ्य अर्पित किया। उन्होंने भगवान सूर्य से जिले की खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
कंचन सिंह ने कहा: “चैती छठ जैसे पावन पर्व हमें प्रकृति और संस्कृति से जोड़ते हैं। सभी के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहे, यही कामना है।”
पारंपरिक विधि-विधान से संपन्न हुई पूजा
प्रातःकालीन बेला में श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ पूजा-अर्चना की। घाटों पर शंख-घंटों की ध्वनि और मंत्रोच्चारण से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
व्रतियों ने जल में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देते हुए कठिन तपस्या और आस्था का परिचय दिया, जो इस पर्व की विशेष पहचान है।
भक्तिमय माहौल में हुआ समापन
पूरे सिमडेगा जिले में चैती छठ का समापन शांति और उल्लास के साथ हुआ। घाटों पर श्रद्धालुओं की उपस्थिति और उनके भक्ति भाव ने इस पर्व को और भी विशेष बना दिया।
प्रशासन द्वारा भी व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए, जिससे कहीं भी किसी प्रकार की असुविधा की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
न्यूज़ देखो: आस्था और अनुशासन का अद्भुत संगम
सिमडेगा में चैती छठ का शांतिपूर्ण और व्यवस्थित समापन आस्था और प्रशासनिक समन्वय का बेहतरीन उदाहरण है। श्रद्धालुओं की अनुशासित भागीदारी और प्रशासन की सतर्कता ने इस पर्व को सफल बनाया। यह दिखाता है कि सामूहिक सहयोग से बड़े धार्मिक आयोजनों को सुचारू रूप से संपन्न किया जा सकता है। भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में इसी तरह की सजगता आवश्यक है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ जिम्मेदारी निभाएं और परंपरा को आगे बढ़ाएं
चैती छठ केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक है। इस तरह के अवसर हमें एकता, अनुशासन और समर्पण का संदेश देते हैं।
हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह ऐसे आयोजनों में नियमों का पालन करे और दूसरों के लिए भी प्रेरणा बने। छोटी-छोटी सावधानियां बड़े आयोजनों को सुरक्षित और सफल बनाती हैं।






