#चंदवा #बुध_बाजार : सफाई व्यवस्था बदहाल — गंदगी और जाम से रोज जूझ रहे स्थानीय लोग।
चंदवा का प्रसिद्ध बुध बाजार इन दिनों गंभीर सफाई संकट और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था से जूझ रहा है। बाजार परिसर में जगह-जगह कचरे का ढेर और सड़कों पर बहता नाली का गंदा पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों, श्रद्धालुओं और दुकानदारों को रोजाना बदबू, कीचड़ और जाम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नियमित सफाई और यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
- चंदवा बुध बाजार में जगह-जगह फैला कचरा बना लोगों की परेशानी।
- नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने से बढ़ी बदबू और संक्रमण की आशंका।
- स्कूल जाने वाले बच्चों और शिव मंदिर आने वाले श्रद्धालु सबसे ज्यादा प्रभावित।
- बाजार में बड़े वाहनों के प्रवेश से लग रहा लगातार जाम।
- स्थानीय लोगों ने नियमित सफाई और कचरा प्रबंधन की उठाई मांग।
- बाजार से वसूली के बावजूद सफाई व्यवस्था पर उठ रहे सवाल।
चंदवा का प्रसिद्ध बुध बाजार, जहां हर सप्ताह बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं, आज बदहाल सफाई व्यवस्था और अव्यवस्थित यातायात के कारण लोगों की नाराजगी का केंद्र बन गया है। बाजार क्षेत्र में फैली गंदगी और नालियों का बहता गंदा पानी आम लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुका है।
आसपास के गांवों और कस्बों से सब्जी, फल एवं दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीदने आने वाले लोगों को बाजार में बदबू, कीचड़ और जाम जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जगह-जगह लगा कचरे का अंबार
बुध बाजार परिसर और आसपास के इलाकों में जगह-जगह सड़ा हुआ कचरा जमा है। बाजार की सड़कों के किनारे प्लास्टिक, सड़ी सब्जियां और अन्य कचरे का ढेर लगा हुआ दिखाई देता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित रूप से कचरा उठाव नहीं होने के कारण स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कई जगहों पर कचरे से उठ रही दुर्गंध लोगों का बाजार में खड़ा होना तक मुश्किल कर रही है।
स्थानीय लोगों ने कहा: “बाजार से नियमित वसूली तो होती है, लेकिन सफाई के नाम पर कोई व्यवस्था दिखाई नहीं देती।”
नालियों का पानी सड़क पर बहने से बढ़ी परेशानी
स्थिति को और गंभीर बना रही हैं बाजार क्षेत्र की जाम नालियां। कई स्थानों पर नालियों का गंदा पानी सीधे सड़क पर बह रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में कीचड़ और बदबू फैल गई है।
गंदे पानी और कचरे के कारण संक्रमण और बीमारी फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि बरसात शुरू होने के बाद स्थिति और खराब हो सकती है।
स्कूल जाने वाले बच्चों को हो रही भारी दिक्कत
बाजार क्षेत्र से होकर स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। बच्चों को रोजाना गंदगी, कीचड़ और बहते नाली के पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है।
अभिभावकों का कहना है कि इस स्थिति से बच्चों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ रहा है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर भी जाते हैं।
श्रद्धालुओं को भी हो रही परेशानी
बुध बाजार क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी बदहाल रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है।
श्रद्धालुओं ने कहा कि मंदिर आने वाले रास्ते में गंदगी और बदबू के कारण काफी असुविधा होती है। धार्मिक स्थल के आसपास सफाई व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए।
जाम और अतिक्रमण से बढ़ी अव्यवस्था
बाजार क्षेत्र में बड़े वाहनों के प्रवेश और सड़क किनारे अव्यवस्थित दुकानों के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। संकरी सड़क पर लोगों और वाहनों की भीड़ से आवाजाही मुश्किल हो जाती है।
दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को लेकर कोई स्थायी योजना नहीं दिखाई देती।
प्रशासन से उठी कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने प्रशासन से बुध बाजार में नियमित सफाई अभियान चलाने, कचरा प्रबंधन की स्थायी व्यवस्था करने और नालियों की सफाई कराने की मांग की है।
लोगों ने यह भी मांग उठाई कि बाजार क्षेत्र में यातायात नियंत्रण और अतिक्रमण हटाने को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
न्यूज़ देखो: बाजार की बदहाली पर कब जागेगा प्रशासन?
चंदवा का बुध बाजार केवल व्यापार का केंद्र नहीं, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा प्रमुख बाजार है। ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर गंदगी, बदबू और अव्यवस्था का लगातार बने रहना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। बाजार से नियमित राजस्व वसूली होने के बावजूद यदि सफाई और यातायात व्यवस्था बेहतर नहीं हो पा रही है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। समय रहते सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य और यातायात दोनों समस्याएं और बढ़ सकती हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
#स्वच्छबाजारस्वस्थ_समाज : सफाई और व्यवस्था से ही बनेगा बेहतर बाजार
स्वच्छ बाजार केवल सुंदरता नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज की पहचान होता है।
गंदगी और अव्यवस्था से सबसे ज्यादा प्रभावित आम लोग ही होते हैं।
बच्चों, बुजुर्गों और श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
सफाई और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
आइए, अपने बाजार और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प लें।
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