डीएवी खलारी के विद्यार्थियों ने ऑनलाइन मनाया विश्व पर्यावरण दिवस, पौधारोपण और जागरूकता गतिविधियों से दिया हरित भविष्य का संदेश

डीएवी खलारी के विद्यार्थियों ने ऑनलाइन मनाया विश्व पर्यावरण दिवस, पौधारोपण और जागरूकता गतिविधियों से दिया हरित भविष्य का संदेश

author Jitendra Giri
85 Views Download E-Paper (3)
#खलारी #पर्यावरण_दिवस : विद्यार्थियों ने ऑनलाइन गतिविधियों के माध्यम से संरक्षण का संदेश दिया।

रांची जिले के खलारी स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में विश्व पर्यावरण दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। ग्रीष्मावकाश के कारण कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने पौधारोपण, पोस्टर निर्माण और जागरूकता गतिविधियों में भाग लिया। विद्यालय ने इस वर्ष की थीम “प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिये, हमारे भविष्य के लिये” के अनुरूप विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित करना था।

Join WhatsApp
  • डीएवी पब्लिक स्कूल खलारी में ऑनलाइन माध्यम से विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया।
  • “प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिये, हमारे भविष्य के लिये” थीम पर आधारित गतिविधियां आयोजित हुईं।
  • “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत विद्यार्थियों ने पौधारोपण किया।
  • नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक के बच्चों ने पोस्टर और नारे बनाकर जागरूकता फैलाई।
  • प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार ने पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
  • शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ ली।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डीएवी पब्लिक स्कूल खलारी में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विद्यालय प्रबंधन की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से संपन्न हुआ, क्योंकि विद्यालय में ग्रीष्मावकाश चल रहा है। इसके बावजूद विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल एक दिवस मनाना नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना भी था। विद्यालय ने इस अवसर को सीखने और जागरूकता फैलाने के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उपयोग किया।

पर्यावरण दिवस की थीम पर आधारित रही गतिविधियां

इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम “प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिये, हमारे भविष्य के लिये” रखी गई थी। इसी थीम को केंद्र में रखते हुए विद्यालय द्वारा कई रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

विद्यार्थियों को पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व से अवगत कराया गया। ऑनलाइन मंच के माध्यम से बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

प्राचार्य ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार ने विद्यार्थियों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने का आह्वान किया।

प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार ने कहा: “पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं है। इसे हमें अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। यदि हम आज प्रकृति की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सकेगा।”

उन्होंने विद्यार्थियों से जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने जैसी छोटी-छोटी आदतों को अपनाने की अपील की।

“एक पेड़ मां के नाम” अभियान में बच्चों की सक्रिय भागीदारी

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विद्यालय द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” अभियान भी चलाया गया। इस अभियान के तहत विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता और अभिभावकों के साथ मिलकर पौधे लगाए।

बच्चों ने अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में पौधारोपण कर न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि पौधों की देखभाल करने का भी संकल्प लिया। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि ऐसे अभियान बच्चों को प्रकृति से जोड़ने और उनमें जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पोस्टर और नारों के माध्यम से जागरूकता

कार्यक्रम के दौरान नर्सरी से लेकर कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण विषय पर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

बच्चों ने “पृथ्वी को बचाओ” और “प्लास्टिक मुक्त भारत” जैसे विषयों पर आकर्षक पोस्टर तैयार किए। इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रेरणादायक नारे भी लिखे।

इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मक सोच विकसित करने के साथ-साथ पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए पोस्टर और नारे ऑनलाइन मंच पर साझा किए गए, जिन्हें शिक्षकों और अभिभावकों ने भी सराहा।

सामूहिक शपथ के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ ली। उन्होंने अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित बनाए रखने का संकल्प लिया।

शपथ के दौरान वृक्षारोपण को बढ़ावा देने, प्लास्टिक का कम उपयोग करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय योगदान देने का संदेश दिया गया।

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि ऑनलाइन आयोजन के बावजूद विद्यार्थियों की भागीदारी और उत्साह सराहनीय रहा। इससे यह स्पष्ट होता है कि नई पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक हो रही है।

विद्यालय ने की सामूहिक अपील

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने सभी अभिभावकों, विद्यार्थियों और नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी देखभाल करने की अपील की।

साथ ही यह भी कहा गया कि जल, जंगल और जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि आज से ही पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

न्यूज़ देखो: बच्चों में पर्यावरण चेतना विकसित करने की सराहनीय पहल

डीएवी पब्लिक स्कूल खलारी द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम बताता है कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत शिक्षा और जागरूकता से होती है। जब विद्यालय स्तर पर बच्चों को प्रकृति के महत्व और संरक्षण की जिम्मेदारी समझाई जाती है, तब भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार होते हैं।

ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित किया कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, जागरूकता और सकारात्मक संदेश पहुंचाने के प्रयास जारी रह सकते हैं। पौधारोपण, पोस्टर निर्माण और सामूहिक शपथ जैसी गतिविधियां बच्चों में पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करती हैं।

आने वाले समय में ऐसे कार्यक्रमों का विस्तार और अधिक व्यापक स्तर पर किया जाना चाहिए ताकि पर्यावरण संरक्षण एक जनआंदोलन का रूप ले सके।

हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

प्रकृति की रक्षा करें, भविष्य को सुरक्षित बनाएं

एक पौधा केवल हरियाली नहीं देता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन का आधार तैयार करता है।

आज का छोटा प्रयास कल की बड़ी उपलब्धि बन सकता है। अपने घर, स्कूल और आसपास के क्षेत्र में पौधे लगाएं और उनकी देखभाल को अपनी जिम्मेदारी बनाएं।

पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति का नहीं, हम सभी का सामूहिक दायित्व है। यदि हर नागरिक एक सकारात्मक कदम उठाए, तो स्वच्छ और हरित भारत का सपना साकार हो सकता है।

आप भी पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए अपने प्रयासों को साझा करें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और हरित भविष्य के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 5 / 5. कुल वोट: 1

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

खलारी, रांची

🗣️ Join the Conversation!

What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

🔔

Notification Preferences

error: