हादसों की घाटी डेढ़टंगवा  में फिर पलटा कोयला लदा ट्रक, लगातार हादसों से दहशत में लोग

हादसों की घाटी डेढ़टंगवा में फिर पलटा कोयला लदा ट्रक, लगातार हादसों से दहशत में लोग

author Ravikant Kumar Thakur
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#लातेहार #सड़क_हादसा : ब्रेक फेल होने से घाटी में पलटा 18 चक्का कोयला ट्रक।

लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र स्थित डेढ़टंगवा घाटी में गुरुवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। रेणुकूट से टाटा जा रहा कोयला लदा 18 चक्का ट्रक ब्रेक फेल होने के कारण अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। हादसे में चालक और वाहन मालिक को मामूली चोटें आईं, जबकि सड़क पर कोयला बिखरने से यातायात प्रभावित रहा। लगातार हो रहे हादसों के बाद घाटी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

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  • डेढ़टंगवा घाटी में ब्रेक फेल होने से पलटा कोयला लदा 18 चक्का ट्रक।
  • चालक संजय यादव और वाहन मालिक विनोद यादव बाल-बाल बचे।
  • सड़क पर कोयला फैलने से छोटे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
  • स्थानीय लोगों ने घाटी में सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग उठाई।
  • लगातार हो रहे हादसों से डेढ़टंगवा घाटी को लोग ‘हादसों की घाटी’ कहने लगे।

लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र स्थित लुकुइया की डेढ़टंगवा घाटी एक बार फिर बड़े सड़क हादसे का केंद्र बन गई। गुरुवार तड़के रेणुकूट से टाटा जा रहा कोयला लदा 18 चक्का ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। हादसे का कारण ट्रक का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि वाहन में मौजूद चालक और मालिक दोनों सुरक्षित बच गए। लेकिन लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने घाटी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गलत रास्ते में पहुंचा ट्रक, फिर लौटते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार चालक संजय यादव कोयला लोड कर रेणुकूट से टाटा की ओर जा रहा था। इसी दौरान चंदवा के लुकुइया मोड़ पर रास्ता भटकने के कारण ट्रक लोहरदगा रोड की तरफ निकल गया।

करीब 5 से 7 किलोमीटर आगे जाने के बाद चालक को एहसास हुआ कि वह गलत दिशा में चला आया है। इसके बाद वाहन को वापस मोड़ा गया। लेकिन वापसी के दौरान डेढ़टंगवा घाटी की खतरनाक ढलान में अचानक ट्रक का ब्रेक फेल हो गया।

चालक ने बचाने की कोशिश की, लेकिन पलट गया ट्रक

चालक ने वाहन को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन भारी लोड और तेज ढलान के कारण ट्रक संतुलन खो बैठा और सड़क पर पलट गया। हादसे के बाद ट्रक में लदा कोयला सड़क पर बिखर गया, जिससे कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा।

छोटे वाहनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और सड़क पर अफरातफरी की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों की मदद और प्रशासन की तत्परता से बाद में आवागमन सामान्य कराया गया।

चालक संजय यादव ने बताया: “घाटी में उतरते समय अचानक ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। काफी कोशिश के बाद भी ट्रक को संभालना मुश्किल हो गया और वाहन पलट गया।”

चालक और मालिक को आई मामूली चोटें

हादसे के समय ट्रक में चालक संजय यादव के साथ वाहन मालिक विनोद यादव भी मौजूद थे। दोनों को मामूली चोटें आई हैं और वे सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी। मौके पर पहुंची चंदवा प्रशासन की टीम ने हालात का जायजा लिया और सड़क को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कराई।

डेढ़टंगवा घाटी बनती जा रही हादसों का केंद्र

यह पहली बार नहीं है जब डेढ़टंगवा घाटी में इस तरह का हादसा हुआ हो। स्थानीय लोगों के अनुसार इस घाटी में आए दिन भारी वाहनों के ब्रेक फेल होने और पलटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि घाटी की खतरनाक ढलान और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण यहां दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई बार प्रशासन को चेतावनी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी की जा चुकी है, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

सुरक्षा उपायों की उठी मांग

हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन से घाटी क्षेत्र में विशेष सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है। लोगों ने कहा कि भारी वाहनों की फिटनेस जांच, नियमित ब्रेक टेस्टिंग और चेतावनी संकेतों की व्यवस्था जरूरी है।

स्थानीय लोगों ने कहा: “डेढ़टंगवा घाटी में आए दिन हादसे हो रहे हैं। यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।”

लोगों ने घाटी क्षेत्र में पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त निगरानी व्यवस्था लागू करने की भी मांग की।

प्रशासन ने लिया घटनास्थल का जायजा

घटना की सूचना मिलते ही चंदवा प्रशासन मौके पर पहुंचा और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने ट्रक हटाने और सड़क पर बिखरे कोयले को साफ कराने की व्यवस्था कराई।

साथ ही हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि घाटी क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।

न्यूज़ देखो: लगातार हादसे चेतावनी हैं, अब ठोस कदम जरूरी

डेढ़टंगवा घाटी में बार-बार हो रहे हादसे यह साफ संकेत दे रहे हैं कि यहां सड़क सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं। केवल हादसे के बाद औपचारिक कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जरूरत है नियमित वाहन जांच, घाटी में चेतावनी तंत्र, स्पीड कंट्रोल और तकनीकी निगरानी जैसी ठोस व्यवस्थाओं की। प्रशासन और परिवहन विभाग को मिलकर इस मार्ग को सुरक्षित बनाने की दिशा में तत्काल पहल करनी चाहिए।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, जीवन बचाने की जिम्मेदारी है

हर हादसा किसी परिवार के लिए दर्द और संकट लेकर आता है।
समय पर सावधानी और मजबूत व्यवस्था कई जिंदगियां बचा सकती है।
घाटी और खतरनाक मार्गों पर वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता बेहद जरूरी है।
प्रशासन और वाहन मालिक दोनों को सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए।

क्या डेढ़टंगवा घाटी में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू होनी चाहिए?
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खबर को शेयर करें ताकि सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़े और भविष्य में हादसों को रोका जा सके।

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Written by

चंदवा, लातेहार

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