#इटखोरी #मूर्ति_चोरी : पुलिस की त्वरित कार्रवाई से करोड़ों आस्था की धरोहर सुरक्षित बची।
चतरा जिले के इटखोरी स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से चोरी हुई करीब 100 साल पुरानी अष्टधातु की 24 तीर्थंकर प्रतिमा मामले का पुलिस ने महज दो घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार करते हुए लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की प्रतिमा बरामद कर ली है। एसपी अनिमेश नैथानी के निर्देश पर गठित टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। इस त्वरित कार्रवाई से धार्मिक धरोहर की सुरक्षा को लेकर पुलिस की सक्रियता सामने आई है।
- इटखोरी जैन मंदिर से चोरी हुई 100 साल पुरानी अष्टधातु प्रतिमा बरामद।
- पुलिस ने महज दो घंटे के भीतर मामले का किया खुलासा।
- मयूरहंड निवासी संदीप सिंह गिरफ्तार, चोरी में प्रयुक्त बाइक जब्त।
- चोरी गई प्रतिमा की कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है।
- आरोपी नशे की हालत में वारदात को अंजाम देकर प्रतिमा बेचने दिल्ली जाने वाला था।
चतरा जिले के इटखोरी थाना क्षेत्र में स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से चोरी हुई प्राचीन जैन तीर्थंकर प्रतिमा मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। करीब 100 साल पुरानी और अष्टधातु से निर्मित 24 तीर्थंकर प्रतिमा की चोरी से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। धार्मिक महत्व की इस प्रतिमा की कीमत लगभग 50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और महज दो घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मंदिर से चोरी हुई थी ऐतिहासिक प्रतिमा
जानकारी के अनुसार, इटखोरी थाना क्षेत्र स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से प्राचीन अष्टधातु की प्रतिमा चोरी कर ली गई थी। इस घटना के बाद मंदिर समिति और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश था। मंदिर से जुड़ी धार्मिक भावनाओं को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
मामले को लेकर इटखोरी निवासी ताराचंद जैन द्वारा 20 मई को थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। आवेदन के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
एसपी के निर्देश पर बनी विशेष छापामारी टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए चतरा पुलिस अधीक्षक अनिमेश नैथानी ने तत्काल विशेष छापामारी टीम गठित करने का निर्देश दिया। टीम का नेतृत्व इटखोरी थाना प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक अभिषेक कुमार सिंह को सौंपा गया।
पुलिस ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना तंत्र को सक्रिय करते हुए संदिग्धों की तलाश शुरू की। इसी दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
मयूरहंड निवासी आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मयूरहंड थाना क्षेत्र निवासी संदीप सिंह को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर चोरी गई 24 तीर्थंकर प्रतिमा बरामद कर ली गई। साथ ही चोरी की घटना में प्रयुक्त हीरो होंडा स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (HR-48-5062) भी जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी चोरी के बाद प्रतिमा को बेचने के उद्देश्य से दिल्ली के करोलबाग जाने की तैयारी में था।
गांजे के नशे में की थी चोरी
मामले की जानकारी देते हुए एसपी अनिमेश नैथानी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी नशे का आदी है। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने गांजे के नशे में ही इस चोरी की घटना को अंजाम दिया।
एसपी अनिमेश नैथानी ने कहा: “गिरफ्तार आरोपी चेन स्मोकर और नशे का आदी है। उसने नशे की हालत में मंदिर से प्रतिमा चोरी की थी और उसे बेचने दिल्ली जाने वाला था।”
उन्होंने कहा कि जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में शामिल अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
थाना प्रभारी की तत्परता की हो रही सराहना
इस पूरे मामले में इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह की कार्यशैली और त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है। पुलिस ने बेहद कम समय में चोरी का खुलासा कर न केवल आरोपी को गिरफ्तार किया बल्कि धार्मिक महत्व की प्रतिमा को सुरक्षित भी बरामद कर लिया।
एसपी अनिमेश नैथानी ने कहा: “त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय के कारण इस संवेदनशील मामले का शीघ्र उद्भेदन संभव हो पाया।”
उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
छापामारी टीम में शामिल रहे ये अधिकारी
इस सफल कार्रवाई में इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह, एसआई दुखीराम महतो, एएसआई ओम प्रकाश यादव, आरक्षी अर्जुन कुमार और चालक रविकांत सिंह शामिल थे।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जैन समाज और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर इसी तरह सतर्कता बरती जाएगी।
न्यूज़ देखो: धार्मिक धरोहरों की सुरक्षा में पुलिस की तत्परता सराहनीय
इटखोरी मंदिर से जुड़ी यह घटना केवल चोरी का मामला नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा था। पुलिस ने जिस तेजी और गंभीरता से कार्रवाई करते हुए प्रतिमा बरामद की, वह कानून व्यवस्था के प्रति भरोसा मजबूत करती है। हालांकि यह भी जरूरी है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
विरासत की रक्षा में समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी
धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरें किसी भी समाज की पहचान होती हैं।
इनकी सुरक्षा केवल प्रशासन नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
सतर्क समाज ही अपराध पर प्रभावी रोक लगा सकता है।
संदिग्ध गतिविधियों की सूचना समय पर देना कई बड़ी घटनाओं को रोक सकता है।
क्या धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होनी चाहिए?
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