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लोहरदगा में ठंड बढ़ी, निजी विद्यालयों के समय में बदलाव; अब सुबह 9 बजे के बाद ही चलेगी कक्षाएं

#लोहरदगा #विद्यालयसमयपरिवर्तन : गिरते तापमान से बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सभी निजी स्कूलों को सुबह 9 बजे से पहले कक्षाएँ नहीं चलाने का निर्देश।
  • लोहरदगा उपायुक्त ने जारी किया निर्देश।
  • न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज।
  • सभी निजी विद्यालयों को आदेश, 9 बजे से पहले कक्षाएं नहीं।
  • फैसला विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के मद्देनजर।
  • आदेश अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा।

ठंड में लगातार बढ़ोतरी और न्यूनतम तापमान में गिरावट को देखते हुए लोहरदगा जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिले के उपायुक्त द्वारा निर्देश जारी करते हुए कहा गया कि बदले मौसम के कारण विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है, इसलिए निजी विद्यालयों के संचालन समय में तत्काल परिवर्तन आवश्यक पाया गया।

इसके तहत लोहरदगा जिले के सभी निजी स्कूलों को अगले आदेश तक प्रातः 9:00 बजे के बाद ही विद्यालय संचालन करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी परिस्थिति में सुबह 9 बजे से पहले कक्षाएं नहीं चलाई जाएँगी

उपायुक्त ने क्यों लिया यह फैसला?

जिले में पिछले कुछ दिनों से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सुबह के समय कोहरा, तेज सर्दी और शीतलहर के चलते बच्चों के स्वास्थ्य पर जोखिम बढ़ता जा रहा है। इसी कारण प्रशासन ने यह निर्णय लेते हुए स्कूलों को निर्देशित किया कि वे छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

स्कूल संचालकों को आदेश का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को गर्म कपड़ों में ही विद्यालय भेजें।

आदेश का प्रभाव अगले आदेश तक

यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और मौसम की स्थिति सामान्य होने पर ही इसे वापस लेने पर विचार किया जाएगा। जिला प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति की समीक्षा कर रहा है।

न्यूज़ देखो: बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने योग्य कदम

सर्द मौसम में बच्चों की सेहत पर असर पड़ना स्वाभाविक है, ऐसे में प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम समयानुकूल और आवश्यक है। उम्मीद है कि सभी विद्यालय निर्देशों का पालन करेंगे और अभिभावक भी सतर्क रहेंगे।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

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सर्दी से बचाव, सुरक्षा सबसे पहले

बच्चों की सेहत किसी भी परिस्थिति में समझौते का विषय नहीं हो सकती। प्रशासन का यह निर्णय स्वागत योग्य है और हमें भी सावधानी बरतनी चाहिए।
आप इस निर्णय के बारे में क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट करें, खबर को साझा करें और जागरूकता फैलाएँ।

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