गढ़वा में पद्मश्री आशा भोसले के निधन पर शोक सभा, कलाकारों ने नम आंखों से दी श्रद्धांजलि

गढ़वा में पद्मश्री आशा भोसले के निधन पर शोक सभा, कलाकारों ने नम आंखों से दी श्रद्धांजलि

author Sonu Kumar
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#गढ़वा #शोक_सभा : संगीत कला महाविद्यालय में आयोजन—महान गायिका को भावभीनी श्रद्धांजलि।

गढ़वा के संगीत कला महाविद्यालय में पद्मश्री आशा भोसले के निधन पर शोक सभा आयोजित की गई। छात्रों और कलाकारों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने उनके योगदान को अमूल्य बताया। संगीत जगत में इसे बड़ी क्षति माना जा रहा है।

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  • पद्मश्री आशा भोसले के निधन पर शोक सभा
  • छात्रों और कलाकारों ने श्रद्धांजलि अर्पित की
  • प्रमोद सोनी, दया शंकर गुप्ता ने विचार रखे।
  • संगीत जगत को अपूरणीय क्षति बताया गया
  • बड़ी संख्या में कलाकार उपस्थित रहे

गढ़वा के संगीत कला महाविद्यालय में स्वर साम्राज्ञी और पद्मश्री आशा भोसले के निधन पर एक शोक सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर संगीत के छात्र-छात्राओं, कलाकारों और कला प्रेमियों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस कार्यक्रम में संगीत जगत में उनके अमूल्य योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी गई।

एक युग का अंत: प्रमोद सोनी

संगीत कला महाविद्यालय के निदेशक प्रमोद सोनी ने कहा—

“आशा भोसले जी एक युग की संगीत की धड़कन थीं, उनके निधन से स्वर्णिम संगीत युग का अंत हो गया।”

उन्होंने आगे कहा: “80 वर्षों तक उन्होंने अपने स्वरों से संगीत की दुनिया को सजाया, जिसकी खुशबू पूरे विश्व में फैली।”

महान गायिका को याद किया

मैलोडी ग्रुप के निदेशक दया शंकर गुप्ता ने कहा—

“आशा ताई इस सदी की महान गायिका थीं, जिन्होंने 12 वर्ष की उम्र से ही संगीत जगत में अपनी पहचान बनाई।”

उन्होंने कहा: “क्लासिकल से लेकर मॉडर्न संगीत तक, 22 भाषाओं में हजारों गीत गाकर उन्होंने संगीत को नई ऊंचाई दी।”

भावुक श्रद्धांजलि

विजय प्रताप देव ने भावुक होकर कहा—

“अभी ना जाओ छोड़ कर, दिल अभी भरा नहीं… यही शब्द आज उनके लिए उपयुक्त हैं।”

उन्होंने कहा: “लता मंगेशकर और आशा भोसले के साथ संगीत का स्वर्णिम काल शुरू हुआ और उनके जाने से वह दौर समाप्त हो गया।”

महान व्यक्तित्व का उल्लेख

वरिष्ठ कलाकार गोपाल प्रसाद कश्यप ने कहा—

“आशा ताई एक महान गायिका के साथ-साथ महान व्यक्तित्व की भी धनी थीं। उनका संगीत एक अथाह सागर था।”

संगीत जगत में शोक

कार्यक्रम में उपस्थित सभी कलाकारों और विद्यार्थियों ने एक स्वर में कहा कि आशा भोसले का योगदान सदैव याद रखा जाएगा।

बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल

इस शोक सभा में बड़ी संख्या में संगीत के छात्र-छात्राएं और वरिष्ठ कलाकार उपस्थित रहे।

अमर रहेगी आवाज

सभी ने कहा कि आशा भोसले की मधुर आवाज और उनके गीत हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे।

न्यूज़ देखो: स्वर कभी नहीं मरते

आशा भोसले का जाना केवल एक कलाकार का जाना नहीं, बल्कि एक युग का अंत है। उनका संगीत हमेशा जीवित रहेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

कला का सम्मान करें

कला अमर होती है।
महान कलाकार हमेशा प्रेरणा देते हैं।
उनकी विरासत को आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है।
आइए, हम उनके गीतों को जीवित रखें।

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Written by

गढ़वा

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