#पलामू #रामपुर_गोलीकांड : भाकपा माले नेताओं ने प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए तेज किया प्रतिरोध।
पलामू जिले के रामपुर गोलीकांड और हत्या मामले को लेकर भाकपा माले ने प्रतिरोध आंदोलन तेज कर दिया है। पलामू और गढ़वा जिला कमिटी के नेतृत्व में कोर्टा से मोतिहारा तक विशाल मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। नेताओं ने मृतक सकेंद्र चौधरी के परिवार को न्याय दिलाने, दोषियों की गिरफ्तारी और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग उठाई। सभा में सामंती ताकतों और भूमाफियाओं के खिलाफ संगठित संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया गया।
- रामपुर गोलीकांड के खिलाफ भाकपा माले ने निकाला विशाल प्रतिरोध मार्च।
- पुलिस घेरा पार कर कोर्टा से मोतिहारा पहुंचे कार्यकर्ता, सभा में बदला प्रदर्शन।
- नेताओं ने मृतक सकेंद्र चौधरी के परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
- विधायक अरूप चटर्जी, अरुण सिंह, विनोद सिंह और हलधर महतो रहे मौजूद।
- दोषियों की गिरफ्तारी, हथियार लाइेंस रद्द करने और नौकरी देने की उठी मांग।
- प्रशासन पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन और अपराधियों को बचाने का आरोप।
पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र स्थित रामपुर में 23 मई को हुई गोलीबारी और हत्या की घटना को लेकर भाकपा माले ने आंदोलन तेज कर दिया है। घटना के विरोध में भाकपा माले पलामू और गढ़वा जिला कमिटी की ओर से प्रतिरोध संकल्प सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के तहत गढ़वा जिले के डंडा थाना क्षेत्र स्थित कोर्टा से विशाल मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस घेरा पार करते हुए मोतिहारा पहुंचकर सभा आयोजित की और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मृतक परिवार से मिले नेता, न्याय का दिलाया भरोसा
सभा के दौरान भाकपा माले के वरिष्ठ नेताओं ने मृतक सकेंद्र चौधरी के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
कार्यक्रम में भाकपा माले झारखंड विधायक दल के नेता एवं आश्वासन समिति के अध्यक्ष कॉमरेड अरूप चटर्जी, बिहार विधायक दल नेता कॉमरेड अरुण सिंह, पूर्व विधायक कॉमरेड विनोद कुमार सिंह तथा पोलित ब्यूरो सदस्य सह प्रमंडलीय प्रभारी हलधर महतो मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
“सामंती ताकतों का बढ़ा मनोबल” — अरूप चटर्जी
सभा को संबोधित करते हुए विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि पलामू प्रमंडल सहित पूरे झारखंड में भूमाफियाओं और सामंती ताकतों का मनोबल बढ़ा है।
अरूप चटर्जी ने कहा: “गरीबों और कमजोर लोगों पर बढ़ रहे हमलों के खिलाफ संगठित संघर्ष जरूरी है। लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू की।”
उन्होंने सरकार से मृतक सकेंद्र चौधरी के परिवार को न्याय देने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने, बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने तथा दोषियों के हथियार लाइसेंस रद्द कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
उन्होंने चैनपुर थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की भी मांग उठाई।
“प्रशासन अपराधियों को बचा रहा” — अरुण सिंह
भाकपा माले बिहार विधायक दल के नेता कॉमरेड अरुण सिंह ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अपराधियों की गिरफ्तारी के बजाय आंदोलन को रोकने का प्रयास किया गया।
अरुण सिंह ने कहा: “कार्यक्रम रोकने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी, लेकिन अब तक अपराधियों पर कार्रवाई नहीं हुई।”
उन्होंने कहा कि सामंती मानसिकता के खिलाफ निर्णायक संघर्ष की जरूरत है और भाकपा माले इस लड़ाई को जारी रखेगी।
“रामपुर की घटना सामान्य नहीं” — विनोद कुमार सिंह
पूर्व विधायक और पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड विनोद कुमार सिंह ने कहा कि रामपुर की घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि गरीबों और भूमिहीनों को दबाने की कोशिश है।
विनोद कुमार सिंह ने कहा: “सामंती ताकतें गरीबों पर दबाव बना रही हैं और प्रशासन न्याय दिलाने के बजाय आंदोलनकारियों पर दबाव बना रहा है।”
उन्होंने कहा कि भाकपा माले न्याय की लड़ाई अंत तक लड़ती रहेगी।
कई वरिष्ठ नेताओं ने सभा को किया संबोधित
सभा को पोलित ब्यूरो सदस्य हलधर महतो, अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य अध्यक्ष डॉ. बी.एन. सिंह, गढ़वा जिला सचिव कालीचरण मेहता, पलामू जिला सचिव रविंद्र भुइयां, लातेहार जिला सचिव बिरजू राम तथा पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सुषमा मेहता सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने न्याय और कार्रवाई की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की।
क्षेत्र में बढ़ी राजनीतिक हलचल
रामपुर गोलीकांड को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से लगातार प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के बाद इलाके में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है तथा लोग दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
न्यूज़ देखो: कानून व्यवस्था और न्याय व्यवस्था पर बड़ा सवाल
रामपुर गोलीकांड केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते तनाव और प्रशासनिक चुनौतियों का गंभीर संकेत भी है। यदि समय पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती, तो लोगों का भरोसा कानून व्यवस्था से कमजोर हो सकता है। लोकतांत्रिक विरोध और जनआंदोलन को दबाने के आरोप भी प्रशासन के लिए चिंता का विषय हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिल पाएगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
#न्यायकीआवाज : अन्याय के खिलाफ समाज को रहना होगा सजग
किसी भी लोकतंत्र की ताकत न्याय और बराबरी में होती है।
गरीब और कमजोर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
हिंसा और भय का माहौल समाज को कमजोर करता है।
जरूरी है कि हर घटना की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई हो।
सजग नागरिक बनें और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं।
अपनी राय कमेंट करें और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक साझा करें।

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